DEHRADUN NURSING PROTEST: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोमवार को नर्सिंग भर्ती की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों और पुलिस के बीच जोरदार हंगामा देखने को मिला। अपनी एक सूत्रीय मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे उत्तराखंड नर्सिंग एकता मंच के बैनर तले सैकड़ों अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास कूच करने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और हाथापाई हुई। प्रदर्शनकारी सड़क पर ही धरने पर बैठ गए, जिसके बाद पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया और गाड़ियों में भरकर दूसरी जगह भेज दिया।
DEHRADUN NURSING PROTEST: 45 दिनों से जारी है संघर्ष, अब आर-पार के मूड में अभ्यर्थी
नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में बेरोजगार नर्सिंग स्टाफ पिछले 45 दिनों से अधिक समय से देहरादून के एकता विहार धरना स्थल पर डटे हुए हैं। उनकी केवल एक ही मुख्य मांग है कि राज्य में नर्सिंग भर्ती को लिखित परीक्षा के बजाय वर्षवार (सत्र के आधार पर) तरीके से किया जाए। सोमवार सुबह करीब 11 बजे, लंबे इंतजार और बार-बार मिले सिर्फ कोरे आश्वासनों से निराश होकर अभ्यर्थी हाथों में पोस्टर और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए। उनका उद्देश्य मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना और अपनी मांगों को सीधे सरकार के समक्ष रखना था। लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक लिया, जिससे गुस्साए अभ्यर्थी सड़क पर ही नारेबाजी करने लगे।
पुलिस से हुई धक्का-मुक्की, सड़क पर घसीटने के आरोप
प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई जब पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर मार्च को रोकने का प्रयास किया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब अभ्यर्थी आगे बढ़ने की जिद पर अड़े रहे, तो पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच हाथापाई की नौबत आ गई। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस द्वारा अभ्यर्थियों को सड़क पर घसीटने और जबरन गाड़ियों में ठूंसकर ले जाने की खबरें भी सामने आईं। नर्सिंग एकता मंच का आरोप है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे बेरोजगारों के साथ पुलिस ने बुरा बर्ताव किया है। (DEHRADUN NURSING PROTEST)

DEHRADUN NURSING PROTEST: भर्ती प्रक्रिया में दोहरी नीति का आरोप
मंच के पदाधिकारियों का कहना है कि राज्य में साल 2008 के बाद सीधे 2020 में नर्सिंग भर्ती आई थी। उस समय इसे वरिष्ठता (सीनियरिटी) के आधार पर पूरा करने की बात कहकर रोका गया था। अब हालात यह हैं कि सीनियर और जूनियर दोनों का चयन हो चुका है, फिर भी एक बड़ा वर्ग नियुक्ति से वंचित रह गया है। मंच की मांग है कि परीक्षा के माध्यम से होने वाली भर्ती प्रक्रिया को तत्काल निरस्त किया जाए और 2500 से अधिक रिक्त पदों पर वर्षवार तरीके से भर्ती की जाए, ताकि लंबे समय से इंतजार कर रहे प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार मिल सके।
स्वास्थ्य निदेशक से वार्ता के बाद मुंडन कार्यक्रम स्थगित
इस भारी हंगामे के बीच नर्सिंग एकता मंच के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य निदेशक डॉ. सुनीता टम्टा से मुलाकात की। नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने बताया कि स्वास्थ्य निदेशक के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक रही है। अधिकारियों ने वर्षवार भर्ती को लेकर कुछ तकनीकी बिंदु बताए हैं, जिन पर संगठन को काम करना है। इससे पहले, निराश अभ्यर्थियों ने सामूहिक मुंडन कराने का ऐलान किया था, लेकिन स्वास्थ्य निदेशक से मिले आश्वासन और सकारात्मक संकेतों के बाद फिलहाल इस कार्यक्रम को टाल दिया गया है।(DEHRADUN NURSING PROTEST)

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