DECEMBER 2025 NEW RULES: दिसंबर 2025 की शुरुआत होते ही देशभर में आम लोगों के जीवन, वित्तीय लेन-देन और दैनिक सेवा उपयोग को प्रभावित करने वाले कई नियम लागू हो गए हैं। हर महीने की पहली तारीख की तरह इस बार भी बैंकिंग, दूरसंचार, गैस सिलेंडर कीमतों और आयकर नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। इसी के साथ संसद का शीतकालीन सत्र भी आज से शुरू हो गया है, जिसमें सरकार कई नए विधेयक पेश करने की तैयारी में है। ये बदलाव आने वाले महीनों में नागरिकों के डिजिटल व्यवहार, आर्थिक गतिविधियों और घरेलू खर्च पर सीधा प्रभाव डालेंगे।

DECEMBER 2025 NEW RULES: बैंकिंग व डिजिटल भुगतान में सख्ती
भारतीय रिजर्व बैंक के नए निर्देश आज से प्रभावी हो गए हैं, जिनका उद्देश्य डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाना है। अब नेट बैंकिंग या यूपीआई के जरिए किसी नए लाभार्थी को जोड़ने के बाद शुरुआती चार घंटों के भीतर अधिकतम 25,000 रुपये ही भेजे जा सकेंगे। पहले यह सीमा बैंक-दर-बैंक बदलती थी और कई संस्थानों में 50,000 रुपये तक की अनुमति थी। इसके साथ ही पांच लाख रुपये से अधिक के ऑनलाइन लेन-देन के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन को और मजबूत करने का निर्देश दिया गया है, जिसमें बायोमेट्रिक विकल्प भी शामिल हो सकता है।

एक आईडी पर अधिकतम नौ सिम
साइबर अपराध और फर्जी सिम कार्डों के उपयोग को रोकने के लिए दूरसंचार विभाग ने सिम कार्ड से जुड़े नियमों को सख्त कर दिया है। आज से एक व्यक्ति अपनी एक आईडी पर केवल नौ सिम कार्ड ही रख सकेगा। थोक में सिम खरीदने के लिए पुलिस सत्यापन और विस्तृत केवाईसी अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा पीओएस एजेंटों के लिए पंजीकरण, पहचान सत्यापन और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की प्रक्रिया अब कठोर नियमों में शामिल है। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना और लाइसेंस रद्द होने की कार्रवाई भी लागू हो गई है। इसका उद्देश्य फर्जी पहचान का उपयोग करके होने वाली धोखाधड़ी और वित्तीय अपराधों को रोकना है।

एलपीजी और एटीएफ की कीमतों में संशोधन
तेल विपणन कंपनियों ने दिसंबर की मासिक समीक्षा पूरी करते हुए आज कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दामों में संशोधन किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों और मुद्रा विनिमय दरों को ध्यान में रखते हुए 19 किलो वाले कॉमर्शियल सिलेंडर में मामूली बदलाव किए गए हैं। हालांकि घरेलू उपयोग में आने वाले 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमतें इस महीने स्थिर रखी गई हैं, जिससे आम परिवारों को राहत मिलेगी। इसके साथ विमानन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में भी संशोधन लागू हुआ है, जिसका सीधा असर एयरलाइनों की परिचालन लागत और आने वाले छुट्टियों के मौसम में हवाई किरायों पर पड़ सकता है।

कर अनुपालन की समयसीमाओं में सख्ती: TDS, ITR और पेंशन प्रक्रियाएं प्रभावित
कर प्रणाली से जुड़े कई अहम डेडलाइन नवंबर के अंतिम दिन पूरी हो गईं और इनके अनुपालन न करने पर अब पेनाल्टी या नोटिस जारी किया जा सकता है। उच्च मूल्य के लेन-देन पर लागू धाराओं के तहत टीडीएस विवरण 30 नवंबर तक जमा करना जरूरी था। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए ट्रांसफर प्राइसिंग रिपोर्ट और फॉर्म 3CEAA भी इसी तारीख तक जमा होना आवश्यक था। यूनिफाइड पेंशन स्कीम में शामिल होने की अंतिम तिथि भी 30 नवंबर थी, जिसमें सरकारी कर्मचारियों को एनपीएस से स्थानांतरण के विकल्प दिए गए थे।

जो पेंशनभोगी 30 नवंबर तक जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं कर सके हैं, उनके पेंशन भुगतान पर अस्थायी रोक लग सकती है। इसी के साथ आधार-पैन लिंकिंग की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय है और निर्धारित समयसीमा के बाद पैन निष्क्रिय हो जाएगा, जिससे बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं में बाधा आ सकती है। विलंबित या संशोधित आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि भी 31 दिसंबर है, जिसके बाद केवल अपडेटेड रिटर्न ही जमा किया जा सकेगा, जिसमें अधिक दंड का प्रावधान है।

श्रम कानूनों में बड़ा बदलाव: निश्चित अवधि वाले कर्मचारियों को राहत
सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत ग्रेच्युटी लाभों में महत्वपूर्ण संशोधन लागू हुए हैं, जो दिसंबर से देशभर में प्रभावी हैं। निश्चित अवधि वाले कर्मचारियों को अब केवल एक वर्ष की सेवा के बाद ग्रेच्युटी का अधिकार मिलेगा, जबकि स्थायी कर्मचारियों के लिए पांच वर्ष की शर्त पहले की तरह कायम है। छह महीने या अधिक की सेवा को अगले वर्ष में जोड़कर गिना जाएगा। गणना का मूल सूत्र बदलने के बजाय पात्र वेतन की परिभाषा को मजबूत किया गया है, जिसके अनुसार कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत मजदूरी श्रेणी में आएगा। इस बदलाव से लाखों संविदा कर्मियों को लाभ मिलेगा, जबकि कंपनियों की देनदारी 25 से 50 प्रतिशत तक बढ़ सकती है।

स्वास्थ्य उपकरण उद्योग को राहत: पैकेजिंग नियमों में बदलाव लागू
कानूनी मेट्रोलॉजी (पैकेज्ड कमोडिटीज) संशोधन नियम 2025 के तीसरे संशोधन के लागू होने के बाद मेडिकल डिवाइस उद्योग को पैकेजिंग नियमों में बड़ी राहत मिली है। अब चिकित्सा उपकरणों पर केवल मेडिकल डिवाइस नियम 2017 लागू होंगे, जिससे दोहरी जांच की बाध्यता खत्म हो गई है। इससे अनुपालन बोझ कम होगा, लागत घटेगी और उद्योग को नवाचार तथा उत्पादन विस्तार में सहूलियत मिलेगी। नई व्यवस्था से यूनिक डिवाइस आईडी, चेतावनी लेबल और उपयोग निर्देशों को और सुसंगत रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा, जिससे रोगियों और अस्पतालों के लिए सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

DECEMBER 2025 NEW RULES: बीएसई इंडेक्स में पुनर्गठन, सेंसेक्स में बड़ा बदलाव
इस महीने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के प्रमुख इंडेक्सों का पुनर्गठन भी लागू किया जा रहा है। 22 दिसंबर से इंटरग्लोब एविएशन को सेंसेक्स में शामिल किया जाएगा, जबकि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स को बाहर किया जाएगा। इंडेक्स-लिंक्ड फंडों और बाजार की धारणा पर इस बदलाव का सीधा असर पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के अनुसार वर्षांत के दौरान निवेश गतिविधियों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है।

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

