CM Dhami in Haridwar: आगामी हरिद्वार कुंभ 2027 की तैयारियों को लेकर उत्तराखंड सरकार ने गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को हरिद्वार में आयोजित संत सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में देशभर से आए संत-महात्माओं और अखाड़ों के प्रतिनिधियों के साथ कुंभ मेले की तैयारियों, व्यवस्थाओं और आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने संत समाज से सुझाव भी मांगे और भरोसा दिलाया कि सरकार संतों के मार्गदर्शन में कुंभ को दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
संत समाज भारतीय संस्कृति का संवाहक : मुख्यमंत्री
संत सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और सनातन मूल्यों का संवाहक रहा है। देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और आगे बढ़ाने में संतों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि समाज को सही दिशा देने में संतों का योगदान सदैव प्रेरणादायी रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां आयोजित होने वाला कुंभ मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है। इसलिए सरकार इस आयोजन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर तैयारी कर रही है।
CM Dhami in Haridwar: कुंभ की सफलता में संतों की भूमिका अहम
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने संत-महात्माओं (CM Dhami in Haridwar) से कुंभ मेले के सफल आयोजन के लिए सहयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कुंभ जैसे विशाल आयोजन को सफल बनाने में संत समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। सरकार चाहती है कि तैयारियों से जुड़े हर निर्णय में संतों और अखाड़ों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि आयोजन श्रद्धालुओं की अपेक्षाओं के अनुरूप हो सके।
उन्होंने कहा कि संतों के सुझावों को गंभीरता से लिया जाएगा और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
CM Dhami in Haridwar: महाकुंभ की तर्ज पर होंगे व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि हाल के वर्षों में देश में धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों के विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य हुए हैं। अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और अन्य धार्मिक परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हरिद्वार कुंभ को भी आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक आस्था के समन्वय के साथ आयोजित किया जाएगा।
सरकार का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बेहतर परिवहन, स्वच्छता, सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और आवास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
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बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर
कुंभ मेले को लेकर राज्य सरकार पहले ही विभिन्न विकास परियोजनाओं (CM Dhami in Haridwar) पर काम शुरू कर चुकी है। हरिद्वार में सड़क, पेयजल, पार्किंग, यातायात प्रबंधन, घाटों के सुदृढ़ीकरण और अन्य आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी प्रमुख कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुंभ मेले में देश (CM Dhami in Haridwar) और दुनिया से करोड़ों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना रहती है। ऐसे में उनकी सुरक्षा और सुविधा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए यातायात प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं, आपदा प्रबंधन, अग्नि सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भीड़ प्रबंधन और सुगम आवागमन के लिए आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा।
CM Dhami in Haridwar: संतों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
सम्मेलन में मौजूद संतों और धार्मिक नेताओं ने भी कुंभ आयोजन (CM Dhami in Haridwar) को लेकर अपने सुझाव साझा किए। संत समाज ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं, धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और बेहतर व्यवस्थाओं पर जोर दिया। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इन सुझावों को कुंभ की कार्ययोजना में शामिल करने पर विचार किया जाएगा।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कर रही तैयारी
हरिद्वार कुंभ 2027 को लेकर केंद्र और राज्य सरकार लगातार समन्वय के साथ काम कर रही हैं। हाल ही में कुंभ की तैयारियों के लिए केंद्र सरकार की ओर से वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलें और हरिद्वार की पहचान एक उत्कृष्ट धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में और मजबूत हो।
ऐतिहासिक आयोजन बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री धामी (CM Dhami in Haridwar) ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल कुंभ का आयोजन करना नहीं, बल्कि इसे एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि संत समाज, प्रशासन और आम जनता के सहयोग से हरिद्वार कुंभ 2027 देश और दुनिया के लिए एक आदर्श आयोजन साबित होगा।
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