12 दिन में बना लें चारधाम यात्रा का ग्रीन कार्ड, नहीं तो होगी ये दिक्कत

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devbhoomi

चारधाम यात्रा के लिए आज से बनाए जा रहे ग्रीन कार्ड, एआरटीओ दफ्तर में शुरू हुए चार काउंटर

देहरादून/ऋषिकेश, ब्यूरो। कोरोना काल के दो साल बाद इस वर्ष बेरोकटोक चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है। यात्रा में वाहनों के लिए आज सोमवार से सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय ऋषिकेश ग्रीन कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एआरटीओ कार्यालय ऋषिकेश में ग्रीन कार्ड बनाने के लिए चार काउंटर शुरू किए गए हैं। अगर आपको भी अपना वाहन चारधाम यात्रा के लिए भेजना है तो 30 अप्रैल तक इसके लिए आप आवेदन कर सकते हैं। वहीं, इसके बाद एक मई से उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों के वाहनों लिए ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे। एक मई से यहां काउंटरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।

एआरटीओ अरविंद पांडे के अनुसार पहले ग्रीन कार्ड की वैधता दो माह के लिए निश्चित थी। इस वर्ष चारधाम यात्रा में ग्रीन कार्ड की वैधता 30 नवंबर तक निर्धारित की गई है। वाहन स्वामी को ग्रीन कार्ड के लिए विभाग के दोबारा चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि ग्रीन कार्ड व्यवस्था पूरी तरह से आनलाइन की गई है। इसमें आवेदक आनलाइन शुल्क जमा करेगा। वाहन स्वामी आनलाइन भी ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकता है। जो लोग ऐसा नहीं कर पा रहे हैं उनके लिए आफलाइन ग्रीन कार्ड जारी करने की भी सुविधा है। वर्ष 2019 में कुल 15000 ग्रीन कार्ड जारी किए गए थे। जिनमें 4000 बस और 11000 मैक्सी और टैक्सी वाहन शामिल हैं।

एआरटीओ प्रशासन ऋषिकेश अरविंद पांडे ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में उत्तराखंड की करीब 1500 बसें और 3500 मैक्सी और टैक्सी वाहन शामिल हैं। 13 सीटर वाहन को टैक्सी और मैक्सी की श्रेणी में शामिल किया गया है। इससे अधिक सीटर वाहन को बस की श्रेणी में शामिल किया गया है। बता दें कि इससे पहले आयुक्त गढ़वाल मंडल सुशील कुमार ने ग्रीन कार्ड बनाने में कोई दिक्कत चालकों न हो इसके लिए निर्देश दिए थे। दूसरी ओर एआरटीओ प्रशासन अरविंद कुमार पांडे ने बताया कि सोमवार से ऋषिकेश कार्यालय में ग्रीन कार्ड बनाने का कार्य शुरू हो जाएगा। फिलहाल ग्रीन कार्ड के लिए चार काउंटर बनाए गए हैं। एक मई के बाद आवश्यकता होने पर काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि वाहन स्वामी को कार्यालय में सिर्फ वाहन की फिटनेस के लिए आना होगा। फिटनेस की अवधि एक वर्ष होगी।