CHARDHAM YATRA 2026: उत्तराखंड बीते 19 अप्रैल को गंगोत्री, यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही राज्य में चारधाम यात्रा की शुरुआत हो गई है, सरकार ने यात्रा को सहज, सुरक्षित और सुखद बनाने के लिए विस्तृत एडवाइजरी और मानक प्रचालन प्रक्रिया (SOP) जारी कर दी है। पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल की ओर से जारी इस गाइडलाइन में श्रद्धालुओं के लिए पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं।
CHARDHAM YATRA 2026 का पंजीकरण और टोकन व्यवस्था
यात्रा के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। इस बार की प्रक्रिया आधार प्रमाणीकरण (AADHAAR AUTHENTICATION) से जुड़ी है ताकि सुरक्षा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण बेहतर हो सके।
पंजीकरण के माध्यम:
- ऑनलाइन: REGISTRATIONANDTOURISTCARE.UK.GOV.IN पर लॉग इन करें।
- मोबाइल ऐप: ‘TOURIST CARE UTTARAKHAND’ ऐप डाउनलोड करें।
- ऑफलाइन काउंटर: देहरादून (हरबर्टपुर, नयागांव), हरिद्वार (राही होटल) और ऋषिकेश (ISBT, आरटीओ, गुरुद्वारा) में काउंटर खुले हैं।
- सत्यापन और टोकन: पंजीकरण दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के बाद ही दर्शन के लिए टोकन मिलेगा। सत्यापन केंद्र बड़कोट, हिना, सोनप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में बनाए गए हैं।
- QR कोड: पंजीकरण पर्ची में एक क्यूआर कोड और विशिष्ट आईडी होगी, जिसे ‘यात्री मित्र’ स्कैन करेंगे। जिस तिथि का पंजीकरण है, उसी दिन धाम में प्रवेश मिलेगा।

7 दिन का प्लान बनाएं
CHARDHAM YATRA 2026 के दौरान ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ठंड को देखते हुए सरकार ने विशेष स्वास्थ्य निर्देश जारी किए हैं:
- ACCLIMATIZATION: शरीर को वातावरण के अनुकूल ढालने के लिए कम से कम 7 दिन की यात्रा योजना बनाएं।
- व्यायाम: यात्रा से पहले रोजाना 5-10 मिनट सांस लेने के व्यायाम और 20-30 मिनट पैदल चलने का अभ्यास करें।
- विशेष ध्यान: 55 वर्ष से अधिक आयु के लोग, गर्भवती महिलाएं और हृदय रोग, अस्थमा या मधुमेह (DIABETES) से पीड़ित यात्री विशेष एहतियात बरतें।
- चेकअप: यात्रा शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य जांच अवश्य कराएं।
महत्वपूर्ण संपर्क और साइबर सुरक्षा
- यात्रा कंट्रोल रूम: 0135-2559898, 2552627
- टोल फ्री नंबर: 1364 (राज्य के बाहर के श्रद्धालुओं के लिए 0135-1364)
- हेलीकॉप्टर बुकिंग: केवल आधिकारिक वेबसाइट HELIYATRA.IRCTC.CO.IN का ही प्रयोग करें।
- साइबर हेल्पलाइन: किसी भी साइबर धोखाधड़ी के लिए 1930 पर कॉल करें।
- मौसम अपडेट: वास्तविक समय के आपदा अलर्ट के लिए एनडीएमए का ‘SACHET’ ऐप डाउनलोड करें।
CHARDHAM YATRA 2026 के दौरान क्या करें और क्या न करें
| क्या करें | क्या न करें |
| पंजीकरण दस्तावेज और टोकन साथ रखें। | पहाड़ों में तेज गति से वाहन न चलाएं। |
| गर्म कपड़े, रेनकोट, छाता और दवाइयां साथ रखें। | कचरा न फैलाएं और प्लास्टिक का प्रयोग न करें। |
| मंदिर परिसरों की मर्यादा का सम्मान करें। | शराब या तंबाकू का सेवन न करें। |
| छोटे वाहनों (28 सीटर बस, टेंपो) को प्राथमिकता दें। | बिना अनुमति मंदिर के पास रील या वीडियो न बनाएं। |
| पार्किंग और ट्रैफिक संकेतों का पालन करें। | भ्रामक वीडियो या असत्यापित रील शेयर न करें। |
CHARDHAM YATRA 2026
बता दें कि देवभूमि उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध और पवित्र CHARDHAM YATRA 2026 का शुभारंभ 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर हो गया है। इस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के साथ खोल दिए गये हैं। 22 अप्रैल को भगवान केदारनाथ के कपाट खुलेंगे और 23 अप्रैल को भगवान बद्रीविशाल के दर्शनों के लिए मंदिर के द्वार श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। यह यात्रा नवंबर माह तक चलेगी, हालांकि कपाट बंद होने की अंतिम तिथियां मौसम और पंचांग के अनुसार बाद में तय की जाएंगी।

तृतीय केदार भगवान तुंगनाथ के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं को 22 अप्रैल तक का इंतजार करना होगा। इससे पहले 20 अप्रैल को भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मार्कण्डेय मंदिर, मक्कूमठ से धाम की ओर प्रस्थान कर चुकी है। डोली के धाम पहुंचने के बाद विधि-विधान के साथ कपाट खोले जाएंगे।
द्वितीय केदार भगवान मद्महेश्वर के कपाट 21 मई को प्रातःकाल पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। ऊखीमठ स्थित शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में पंचांग गणना के आधार पर यह तिथि निर्धारित की गई है। बाबा मद्महेश्वर की उत्सव डोली 19 मई को ओंकारेश्वर मंदिर से धाम के लिए रवाना होगी।
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