CCI AMAZON AND FLIPKART CASE: भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ चल रही जांच को रोकने की कोशिशों पर सुप्रीम कोर्ट से हस्तक्षेप की अपील की है। आयोग ने कहा है कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और विक्रेताओं ने जांच को बाधित करने के लिए देशभर की विभिन्न हाई कोर्ट में 23 याचिकाएं दायर की हैं। CCI ने सुप्रीम कोर्ट से सभी मामलों को एक साथ सुनने का अनुरोध किया है ताकि जांच को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।

क्या है CCI AMAZON AND FLIPKART CASE?
अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ यह जांच 2020 में शुरू हुई थी। CCI ने अगस्त 2024 में पाया कि इन कंपनियों ने अपने प्लेटफॉर्म पर चुनिंदा विक्रेताओं को तरजीह देकर भारत के प्रतिस्पर्धा कानूनों का उल्लंघन किया। अमेजन और फ्लिपकार्ट की ओर से पहले रिट याचिकाओं के कारण जांच रुकी रही। अब, विक्रेताओं और स्मार्टफोन कंपनियों ने अलग-अलग हाई कोर्ट में याचिकाएं दायर कर CCI की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। आयोग का कहना है कि ये याचिकाएं जांच को कमजोर और धीमा करने की साजिश हैं।

क्या है मामला?
भारत में ई-कॉमर्स बाजार 2023 में करीब $60 बिलियन का था, जो 2028 तक $160 बिलियन तक पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ यह जांच उनके लिए एक बड़ी नियामक चुनौती बन सकती है। छोटे रिटेलर्स लंबे समय से इन कंपनियों पर भारी छूट और चुनिंदा विक्रेताओं को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाते रहे हैं। हालांकि, अमेजन और फ्लिपकार्ट ने इन सभी आरोपों को खारिज किया है।(CCI AMAZON AND FLIPKART CASE)

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