अमिताभ बच्चन “महानायक” के 80 वें जन्मदिन पर देर रात “जलसा” में उमड़ा फैंस का सैलाब

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amitabh bachchan birthday

Amitabh Bachchan Birthday – हुए 80 बरस के, बिग बी के “नायक से महानायक” तक के 5 ऐतिहासिक मोड़

Amitabh Bachchan Birthday के 80वें जन्मदिन पर उनके बंगले “जलसा”के बाहर देर रात फैंस उन्हें बर्थडे विश करने पहुंचे और बिग बी ने भी उन्हें निराश नहीं किया और बाहर आकर उन्हें सरप्राइज़ दे डाला। 11 अक्टूबर 1942 में जन्में अमिताभ 80 साल के हो रहे हैं जिसमें से 50 साल उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में हो चुका है। सिर्फ एक्टिंग, जी नहीं, उन्हें नायक से महानायक बनाने में कुछ महत्वपूर्ण मोड़ हैं जिनको आज हम जानेंगे।

amitabh bachchan birthday – अमिताभ बच्चन का नाम भी लेने की जरूरत नहीं ,बस महानायक कह दीजिये -लोग समझ जाएंगे किसकी बात हो रही। इस बॉलीवुड में स्टार,सुपरस्टार और मेगास्टार होते हैं लेकिन महानायक सिर्फ एक वो हैं हमारे अमिताभ बच्चन। चाहे आज की युवा पीढ़ी हो या पुरानी सब अमिताभ के दीवाने हैं और हो भी क्यों न उनका जलवा ही कमाल का है।

Amitabh Bachchan Birthday के आनस्क्रीन सफर के 5 मोड़ जिसने उन्हें महानायक बनाया

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1-फिल्म “आनंद “-हालांकि रुपहले पर्दे पर Amitabh Bachchan का पहला दीदार “सात हिन्दुस्तानी” से हुआ था जिसमें उनकी एक्टिंग की तारीफ हुई लेकिन उनको “वंडर मोमेंट “मिला ऋषिकेश मुखर्जी की फिल्म “आनंद “से जिसमें उस दौर के सुपरस्टार राजेश खन्ना मुख्य भूमिका में थे, फिर भी अमिताभ बच्चन के काम को देखकर जनता बहुत प्रभावित हुई थी और वहीं से उनकी पहचान बननी शुरू हो गयी।

2-फिल्म “जंजीर“- सलीम जावेद की लिखी और प्रकाश मेहरा के निर्देशन में बनी इस फिल्म के साथ Amitabh Bachchan आए और पर्दे पर छा गए। 1973 में फिल्म “जंजीर ” से जनता को एक “एंग्री यंगमैन “नायक मिला जिसने कभी पीछे मुड़ कर नहीं देखा। आज भी इस फिल्म के किरदार को अमिताभ के लिए फिनोमेना कहा गया और इसी शिखर पर “जनता ने अमिताभ को “दीवार ‘फिल्म में देखा।

3-फिल्म “शोले “-Amitabh Bachchan  बोलिए या शोले कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं। 1975 में भारतीय सिनेमा में एक ऐसी “आइकोनिक फिल्म “आई “शोले ‘जिसमें उस दौर के बड़े स्टार धर्मेंद्र थे।मगर ‘शोले “में अपनी जीवंत अभिनय से अमिताभ ने सबका मन मोह लिया। अमिताभ और धर्मेंद्र की “जय और वीरू “की जोड़ी ऐतिहासिक थी। “शोले “फिल्म से अमिताभ की गाड़ी ने ऐसी रफ्तार पकड़ी जो “कभी कभी, अमर अकबर एंथनी, परवरिश, काला पत्थर, नसीब, लावारिस के साथ दम भर्ती ही गयी।

4-फिल्म “कुली “-शोले से एक कदम और आगे आते हुए फिल्म ‘कुली” में जो 1983 में रिलीज हुई थी Amitabh Bachchan ने झंडे गाड़ दिये और दूर दूर तक उन जैसा कोई नहीं था। इसी फिल्म के सेट पर वो बहायनक एक्सिडेंट हुआ था जिसमें अमिताभ को चोट लगी और वो कोमा में चले गए थे और जब खून की जरूरत पड़ी तो 200 लोगों ने 60 बोतल खून दिया था। ऐसा दीवानापन था जनता का अमिताभ के लिए और यही जनता की असीम दुया थी जो अमिताभ को मौत के मुह से बाहर खींच लायी और वो फिर से उठ खड़े हुए।

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5-शो “कौन बनेगा करोड़पति”-जब 90 के दशक में उम्र ने असर दिखाना शुरू किया और कुछ फिल्में फ्लाप होने लगीं तो अपनी दूरदर्शिता से amitabh bachchan birthday ने एक बिज़नेस रिस्क लिया और अपनी कंपनी बना डाली ABCL जो बहुत बुरी तरह से घाटे में चली गयी और कंपनी बंद हो गयी। लेकिन अमिताभ तो अमिताभ ठहरे कहां हार मानने वाले। फिर से जुलाई 2000 में वो एक नए रूप में शो होस्ट करते हुए नजर आए जिसका नाम “कौन बनेगा करोड़पति” था और यह एक विदेशी गेम शो का भारतीय संस्करन था,जिसमें अमिताभ के नए अवतार को लोगों ने खूब पसंद किया और शो ने नयी ऊंचाई छुई।

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