Cockroach Janata Party Protest: देश की शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों के खिलाफ एक अनोखे नाम वाली राजनीतिक-सामाजिक संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी‘ ने केंद्र सरकार के सामने खुली चुनौती पेश की है। पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। उनके अनुसार यह संगठन पिछले 15 दिनों से सक्रिय रूप से काम कर रहा है और शिक्षा क्षेत्र की समस्याओं का गहन अध्ययन करने के बाद यह लड़ाई लड़ी जा रही है।
6 जून को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर पार्टी (Cockroach Janata Party Protest) का पहला बड़ा प्रदर्शन आयोजित हुआ था, जिसमें छात्रों और युवाओं की भारी भीड़ उमड़ी थी। उस प्रदर्शन में भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई थी। अब पार्टी ने अपने आंदोलन को और तेज करने का निर्णय लिया है।
Cockroach Janata Party Protest: पुणे से आंदोलन की नई शुरुआत
11 जून को सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय परिसर में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस अवसर पर पुणे में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अभिजीत दिपके ने कहा कि इस प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता विश्वंभर चौधरी, कानूनी विशेषज्ञ एडवोकेट असीम सरोदे और प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। दिपके ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान पेपर लीक की घटनाओं और शिक्षा क्षेत्र में आवश्यक सुधारों को लेकर एक विस्तृत घोषणापत्र भी जारी किया गया।
Cockroach Janata Party Protest: धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप
दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नीट (NEET), सीबीएसई और सीयूईटी (CUET) जैसी महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, जिसके कारण देशभर में एक करोड़ से अधिक छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। पेपर लीक, सर्वर फेल होने और परीक्षा प्रक्रियाओं में अनियमितताओं की वजह से छात्र साल दर साल नुकसान उठाते आ रहे हैं। दिपके ने यह भी आरोप लगाया कि नीट परीक्षा विवाद से जुड़ी परिस्थितियों में कई छात्रों ने अपनी जान तक गंवा दी है, लेकिन इन तमाम घटनाओं के बावजूद जिम्मेदारी लेने के लिए अब तक कोई तैयार नहीं हुआ।
20 जून तक का अल्टीमेटम, फिर अनिश्चितकालीन धरना
पार्टी (Cockroach Janata Party Protest) ने धर्मेंद्र प्रधान को 20 जून तक इस्तीफा देने का साफ अल्टीमेटम दिया है। दिपके ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि 20 जून तक शिक्षा मंत्री ने पद नहीं छोड़ा, तो उस दिन से दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा और यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक मंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते।
उन्होंने बताया कि 20 जून को देशभर के कोने-कोने से छात्र और युवा दिल्ली पहुंचेंगे। पार्टी ने पहले 13 जून की डेडलाइन दी थी, लेकिन बाद में इसे 20 जून तक बढ़ाया गया। दिपके ने यह भी घोषणा की कि वे स्वयं इस आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाएंगे और लोगों को राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने के लिए प्रेरित करेंगे।
Cockroach Janata Party Protest: देश के कई शहरों में फैलेगा आंदोलन
पुणे से शुरू हुए इस आंदोलन (Cockroach Janata Party Protest) को अब देशव्यापी रूप देने की तैयारी है। दिपके ने ऐलान किया कि पुणे के बाद लखनऊ, अमृतसर, जयपुर और बेंगलुरु में भी विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस प्रकार यह आंदोलन उत्तर, पश्चिम, पूर्व और दक्षिण, सभी दिशाओं में एक साथ फैलेगा। पार्टी का दावा है कि देश का युवा वर्ग अब शिक्षा के मुद्दे पर चुप नहीं रहेगा।
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Cockroach Janata Party Protest: प्रधानमंत्री मोदी से भी अपील
अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सीधी अपील करते हुए एक तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को रुकवाने का प्रयास कर सकते हैं, तो अपने मंत्रिमंडल में एक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा सुनिश्चित करना उनके लिए कहीं अधिक आसान होना चाहिए। इस बयान के जरिए पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया कि उनका आंदोलन (Cockroach Janata Party Protest) केवल शिक्षा मंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी सरकार की जवाबदेही की मांग इसके मूल में है।
INDIA गठबंधन में भी गूंजा पार्टी का नाम
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन की गूंज राजनीतिक गलियारों तक भी पहुंच चुकी है। खबरों के अनुसार, INDIA गठबंधन की एक बैठक में भी इस आंदोलन और छात्रों की मांगों पर चर्चा हुई। हालांकि कुछ राजनीतिक आलोचकों ने इस पार्टी को लेकर संदेह भी जताया है। बरेली के निलंबित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने इस पार्टी पर बीजेपी की ‘C टीम’ होने का आरोप लगाया, जबकि पार्टी ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए इसे अपने आंदोलन को कमजोर करने की साजिश बताया।
Cockroach Janata Party Protest: युवा वर्ग में बढ़ती बेचैनी का प्रतीक
कॉकरोच जनता पार्टी का यह आंदोलन सिर्फ एक पार्टी की मांग नहीं है, बल्कि यह देश के उस बड़े युवा वर्ग की आवाज है जो परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से बुरी तरह त्रस्त है। जब मेहनत करने वाले छात्रों के सपने पेपर लीक की वजह से चकनाचूर हो जाते हैं, और इसके बावजूद कोई जिम्मेदार नहीं होता, तो इस तरह का जन आक्रोश स्वाभाविक है। अब सबकी नजरें 20 जून पर टिकी हैं, जब जंतर-मंतर एक बार फिर छात्रों के संकल्प का गवाह बनेगा।
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