उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) B C KHANDURI की अंतिम यात्रा बुधवार, 20 मई 2026 को देहरादून से शुरू हो गई। उनके पार्थिव शरीर को देहरादून स्थित निजी आवास से फूलों से सजे विशेष वाहन में अंतिम विदाई के लिए रवाना किया गया।
“मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी अमर रहें” के नारों के बीच बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और आम लोग नम आंखों से अपने प्रिय नेता को श्रद्धांजलि देते नजर आए।
B C KHANDURI के निधन पर 3 दिन का राजकीय शोक
पूर्व मुख्यमंत्री B C KHANDURI के निधन पर उत्तराखंड सरकार ने 19 मई से 21 मई तक तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राज्यभर के सरकारी भवनों और कार्यालयों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।
वहीं, बुधवार को उनके अंतिम संस्कार के दिन पूरे प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इसके चलते सरकारी कार्यालयों, बैंकों, स्कूल-कॉलेजों और कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों को बंद रखा गया।
सीएम धामी ने दिया कंधा
अंतिम यात्रा शुरू होने से पहले B C KHANDURI के देहरादून स्थित आवास पर भारी संख्या में लोग एकत्र हुए। इस दौरान उनके पुत्र मनीष खंडूरी, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने भावुक माहौल में पार्थिव शरीर को कंधा दिया।
आवास से भाजपा प्रदेश मुख्यालय तक निकाली गई लगभग सात किलोमीटर लंबी शव यात्रा के दौरान रास्ते भर लोगों ने पुष्पवर्षा कर अपने लोकप्रिय नेता को श्रद्धांजलि दी।

भाजपा प्रदेश मुख्यालय में होंगे अंतिम दर्शन
निर्धारित कार्यक्रम के तहत B C KHANDURI का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय लाया गया, जहां सुबह 10:30 बजे से आम नागरिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए श्रद्धांजलि अर्पित करने की व्यवस्था की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कई सांसद, विधायक और मंत्रियों ने यहां पहुंचकर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
दोपहर 12 बजे हरिद्वार में होगी अंत्येष्टि
भाजपा मुख्यालय में अंतिम दर्शन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री B C KHANDURI की अंतिम यात्रा हरिद्वार के खड़खड़ी घाट के लिए रवाना होगी। दोपहर 12 बजे वहां पूरे सैन्य और राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
कार्यक्रम में देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन के शामिल होने का कार्यक्रम भी तय किया गया है, जिसके चलते प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
पैतृक गांव में शोक की लहर
B C KHANDURI के निधन की खबर के बाद उनके पैतृक गांव राधा बलभद्रपुरम (मरगांव) समेत पूरे पौड़ी गढ़वाल क्षेत्र में शोक की लहर है। गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और ग्रामीण उनके सरल स्वभाव, अनुशासन और गांव से गहरे जुड़ाव को याद कर भावुक हो रहे हैं।
कल हुआ था निधन
उल्लेखनीय है कि मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का मंगलवार सुबह 11:10 बजे 91 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वे पिछले करीब 50 दिनों से देहरादून के मैक्स सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती थे और लंबे समय से हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे।
उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित देशभर के कई बड़े नेताओं ने शोक व्यक्त किया है।

शानदार रहा B C KHANDURI का जीवन
B C KHANDURI ने वर्ष 1954 से 1991 तक भारतीय सेना की कोर ऑफ इंजीनियर्स में सेवा दी और तीन महत्वपूर्ण युद्धों में हिस्सा लिया। उत्कृष्ट सैन्य सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) से सम्मानित किया गया था।
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और गढ़वाल लोकसभा सीट से पांच बार सांसद चुने गए। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और केंद्र सरकार में मंत्री रहते हुए उन्होंने सख्त प्रशासन, पारदर्शिता और ईमानदार छवि की अलग पहचान बनाई, जिसके लिए उन्हें हमेशा याद किया जाएगा।
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