निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को Special Intensive Revision (SIR) के तीसरे चरण की घोषणा कर दी है। इसके तहत देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची का घर-घर जाकर सत्यापन किया जाएगा।
यह प्रक्रिया 20 मई 2026 से अलग-अलग तरीकों से शुरू होगी और दिसंबर 2026 तक चलेगी। अलग-अलग राज्यों में अंतिम मतदाता सूची सितंबर से दिसंबर 2026 के बीच प्रकाशित की जाएगी।
किन राज्यों में होगा SIR का तीसरा चरण
SIR के तीसरे चरण में जिन राज्यों को शामिल किया गया है उनमें ओडिशा, मिजोरम, मणिपुर, सिक्किम, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, पंजाब, कर्नाटक, मेघालय, महाराष्ट्र, झारखंड, नागालैंड और त्रिपुरा शामिल हैं।
तीन केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली, चंडीगढ़ और दादर नगर हवेली और दमन-दीव को शामिल किया गया है। इस चरण के पूरा होने के बाद हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को छोड़कर पूरा देश SIR में कवर हो जाएगा।

3.94 लाख BLO करेंगे घर-घर सर्वे
SIR के तीसरे चरण के दौरान 3.94 लाख से अधिक बूथ स्तरीय अधिकारी यानी BLO 36.73 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे। इनकी मदद के लिए राजनीतिक पार्टियों द्वारा नियुक्त 3.42 लाख बूथ लेवल एजेंट यानी BLA भी इस प्रक्रिया में शामिल रहेंगे।
चुनाव आयोग ने सभी राजनीतिक पार्टियों से प्रत्येक पोलिंग बूथ के लिए BLA नियुक्त करने की अपील की है ताकि प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो सके।
दिल्ली में 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि SIR के तीसरे चरण में दिल्ली को शामिल किया जाएगा जहां 7 अक्टूबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में खराब मौसम और बर्फ से ढके क्षेत्रों को देखते हुए SIR के शेड्यूल की घोषणा बाद में की जाएगी।
SIR क्या है और इसका उद्देश्य क्या है
SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसमें BLO और BLA घर-घर जाकर वोटर लिस्ट अपडेट करते हैं। 18 साल या उससे अधिक उम्र के नए लोगों को मतदाता सूची में जोड़ा जाता है और जिनकी मृत्यु हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं।

नाम और पते में गलतियां भी ठीक की जाती हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि SIR इसलिए किया जा रहा है ताकि मतदाता सूची में केवल पात्र मतदाता ही शामिल हों और कोई अयोग्य नाम शामिल न हो।
पहले दो चरणों में 59 करोड़ मतदाता हो चुके हैं कवर
पहला चरण बिहार में किया गया था और दूसरा चरण नवंबर 2025 से 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हुआ था जिसमें उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, पुदुचेरी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार शामिल थे।
पहले दो चरणों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं को कवर किया गया था। इस दौरान 6.3 लाख BLO और 9.2 लाख BLA प्रक्रिया में शामिल थे।
SIR के लिए ये दस्तावेज हैं मान्य
SIR प्रक्रिया में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने या सत्यापित कराने के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, जन्म प्रमाणपत्र, 10वीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, वन अधिकार प्रमाणपत्र, पेंशनर पहचान पत्र, सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र, परिवार रजिस्टर में नाम तथा जमीन या मकान आवंटन पत्र मान्य हैं।
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