US NAGAR CYBER CRIME: उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के दिनेशपुर इलाके में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने क्षेत्र में मिलकर एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें साइबर ठगी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने पांच युवकों को गिरफ्तार किया, जो थोड़े से पैसों के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को किराए पर दे रहे थे। इन युवकों का इस्तेमाल ‘मनी म्यूल’ (Money Mule) के तौर पर किया जा रहा था, जिनके जरिए देशभर से ठगी गई रकम को इधर-उधर ट्रांसफर कर ठिकाने लगाया जाता था।
US NAGAR CYBER CRIME: संयुक्त कार्रवाई
पूरी कार्रवाई शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने दिनेशपुर क्षेत्र में अंजाम दी। जांच के दौरान दिल्ली पुलिस को पुख्ता जानकारी मिली थी कि दिनेशपुर के कुछ बैंक खातों के जरिए ठगी के पैसों का गैरकानूनी लेनदेन हो रहा है।
इसके बाद स्थानीय थाना पुलिस की मदद से छापेमारी की गई, जिससे पूरे इलाके में अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने समीर बाछाड़, राज बाछाड़, रोहित राय, रोहित मिस्त्री और हरीश सरकार को हिरासत में लिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में हड़कंप फैल गया।
‘मनी म्यूल’ का खतरनाक खेल
पुलिस की जांच में सामने आया कि ये युवक कुछ हजार रुपये के कमीशन के लालच में अपने बैंक खाते और एटीएम कार्ड साइबर ठगों को दे देते थे। इसके बाद अपराधी इन्हीं खातों के जरिए ठगी की रकम को कई बार ट्रांसफर करते थे, जिसे तकनीकी भाषा में ‘लेयरिंग’ कहा जाता है और आखिर में पैसे निकाल लेते थे।

अनजाने में अंतरराष्ट्रीय गिरोह का हिस्सा बने युवक
दिल्ली पुलिस के सब-इंस्पेक्टर नरेश कुमार के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए ये युवक अनजाने में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के लिए काम कर रहे थे। ठग इनके खातों का इस्तेमाल देशभर में लोगों से ठगे गए करोड़ों रुपये को घुमाने के लिए करते थे।
वहीं, दिनेशपुर थाना प्रभारी निरीक्षक रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि दिल्ली पुलिस को US NAGAR CYBER CRIME की तकनीकी जांच के दौरान मिले इनपुट के आधार पर यह कार्रवाई सफल हो पाई है।
आसान पैसे का लालच पड़ सकता है भारी
साइबर सेल ने युवाओं और उनके अभिभावकों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। पुलिस का कहना है कि कई युवा सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर मिलने वाले ‘घर बैठे पैसा कमाने’ जैसे लालच में फंस जाते हैं।
एसआई नरेश कुमार ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता, ओटीपी या पिन किसी अनजान को न दे। आसान पैसे के चक्कर में लिया गया एक गलत कदम न सिर्फ भविष्य को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि सीधे जेल तक पहुंचा सकता है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले में मुख्य सरगनाओं की तलाश में जुटी हुई है।
मनी म्यूल (Money Mule) क्या होता है?
US NAGAR CYBER CRIME में मनी म्यूल बनने का मामला सामने आया है। बता दें मनी न्यूल उस व्यक्ति को कहा जाता है जो जानबूझकर या कई बार अनजाने में ऐसे पैसों को अपने बैंक खाते में लेता है जो गैरकानूनी तरीके से हासिल किए गए होते हैं जैसे साइबर फ्रॉड, फिशिंग या ऑनलाइन ठगी से निकाली गई रकम और फिर उन्हें आगे किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर कर देता है।

यह स्कैम आखिर चलता कैसे है?
US NAGAR CYBER CRIME में फंसे मनी म्यूल के मामलों में अपराधी लोगों को नौकरी का झांसा, घर बैठे कमाई, ऑनलाइन काम या कभी-कभी रोमांस के नाम पर फंसाते हैं। इसके बाद वे सामने वाले से कहते हैं कि उनके खाते में कुछ पैसे आएंगे, जिन्हें आगे किसी और खाते में भेजना होगा और इसके बदले कमीशन मिलेगा।
READ MORE:
- DEHRADUN के वसंत विहार में लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश का भंडाफोड़
- PITHORAGARH में पति ने कुल्हाड़ी से काटकर की पत्नी की हत्या, इसलिए उठाया खौफनाक कदम
- RUDRAPUR में छेड़छाड़ का विरोध करने पर महिला से मारपीट, दुकान से लूट, केस दर्ज
असल में ये वही पैसे होते हैं जो किसी और व्यक्ति से ठगी करके जुटाए गए होते हैं। इस पूरे खेल में मनी म्यूल का बैंक खाता मनी लॉन्ड्रिंग यानी धन शोधन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, ताकि असली ठगों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।
कैसे बचें?
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे ट्रांसफर करने का ऑफर बिल्कुल न मानें।
- अपना बैंक अकाउंट डिटेल, ओटीपी या पिन किसी के साथ शेयर न करें।
- अगर कोई ट्रांजेक्शन संदिग्ध लगे तो तुरंत अपने बैंक या 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई US NAGAR CYBER CRIME से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

