Lal Krishna Advani भारतीय राजनीति के उन दिग्गज नेताओं में से एक हैं जिन्होंने देश की राजनीति को नई दिशा दी। Lal Krishna Advani ने न केवल संगठन को मजबूत किया बल्कि भारतीय जनता पार्टी को 2 सीटों से 161 सीटों तक पहुंचाने में केंद्रीय भूमिका निभाई। उनका राजनीतिक जीवन संघर्ष, विचारधारा और संगठन निर्माण का अद्भुत उदाहरण है।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
Lal Krishna Advani का जन्म 8 नवंबर 1927 को Karachi में हुआ था। उनके पिता किशनचंद आडवाणी एक व्यवसायी थे। वे सिंधी हिंदू परिवार से थे और उनकी प्रारंभिक शिक्षा St. Patrick’s High School में हुई।
कम उम्र में ही उनका झुकाव राष्ट्रवादी विचारों की ओर हो गया और वे Rashtriya Swayamsevak Sangh से जुड़ गए।
| Field | Details |
|---|---|
| Full Name | Lal Krishna Advani |
| Popular Name | L. K. Advani / LK Advani |
| Date of Birth | 8 November 1927 |
| Age (as of 2026) | 98 Years |
| Birthplace | Karachi |
| Nationality | Indian |
| Religion | Hinduism |
| Profession | Politician, Statesman |
| Political Party | Bharatiya Janata Party (BJP) |
| Other Political Association | Bharatiya Jana Sangh |
| Famous For | BJP Growth, Ram Rath Yatra, Strong Party Leadership |
| Education | St. Patrick’s High School |
| Early Influence | Rashtriya Swayamsevak Sangh |
| Father’s Name | Kishanchand Advani |
| Major Role | Architect of BJP Expansion (2 to 161 Seats) |
| Key Movement | Ram Rath Yatra |
| Political Mentor/Associate | Atal Bihari Vajpayee |
| Position Held | Deputy Prime Minister of India (2002–2004) |
| Other Key Roles | Home Minister of India (1998–2004) |
| Years Active in Politics | 1950s – 2014 (Active Politics) |
| Prime Minister Candidate | 2009 General Elections |
| Awards & Honors | Bharat Ratna |
| Known As | Iron Man of BJP, Master Strategist |
| Major Contribution | Made BJP a National Party |
| Legacy Keywords | BJP History, Ram Mandir Movement, Indian Politics Leader |
विभाजन का असर और राजनीतिक शुरुआत
1947 के Partition of India ने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया। परिवार को कराची छोड़कर भारत आना पड़ा। इस अनुभव ने उनके भीतर राष्ट्रवाद की भावना को और मजबूत किया।
इसके बाद उन्होंने RSS के प्रचारक के रूप में राजस्थान में काम किया और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत किया।

जनसंघ से BJP तक का सफर
Syama Prasad Mukherjee द्वारा स्थापित Bharatiya Jana Sangh में आडवाणी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं।
इस दौरान उनकी जोड़ी Atal Bihari Vajpayee के साथ बनी—जहां वाजपेयी जननेता थे, वहीं आडवाणी संगठन के रणनीतिकार बने।
1980 में Bharatiya Janata Party की स्थापना हुई और आडवाणी इसके संस्थापक सदस्यों में रहे। वे कई बार पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित किया।
LAL KRISHNA AADVANI और राम रथयात्रा
राम जन्मभूमि आंदोलन में आडवाणी की भूमिका निर्णायक रही। 1990 में उन्होंने Ram Rath Yatra की शुरुआत Somnath से की, जिसका लक्ष्य Ayodhya था।
इस यात्रा ने पूरे देश में व्यापक जनसमर्थन जुटाया। हालांकि Lalu Prasad Yadav की सरकार ने उन्हें बिहार में गिरफ्तार कर लिया, लेकिन आंदोलन रुक नहीं पाया।
6 दिसंबर 1992 को Babri Masjid demolition ने भारतीय राजनीति को हमेशा के लिए बदल दिया।
BJP का उभार: 2 से 161 सीटों तक
1984 में भाजपा सिर्फ 2 सीटों तक सीमित थी। लेकिन राम मंदिर आंदोलन और आडवाणी की रणनीति के चलते 1996 तक पार्टी 161 सीटों तक पहुंच गई।
यही वह दौर था जब भाजपा एक राष्ट्रीय शक्ति के रूप में उभरी और भारतीय राजनीति में स्थायी स्थान बना पाई।
सरकार में भूमिका और उपलब्धियां
आडवाणी 1998 से 2004 तक भारत के गृह मंत्री रहे और 2002 से 2004 तक उपप्रधानमंत्री भी बने। उन्होंने आंतरिक सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अयोध्या फैसला और आंदोलन का परिणाम
2019 में Supreme Court of India ने अयोध्या विवाद पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया, जिसके बाद 2024 में राम मंदिर का उद्घाटन हुआ। यह आंदोलन आडवाणी की राजनीतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
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Conclusion:-
LAL KRISHNA ADVANI का राजनीतिक सफर केवल एक नेता की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति के परिवर्तन की कहानी है। LAL KRISHNA ADVANI ने संगठन, विचारधारा और नेतृत्व के माध्यम से BJP को राष्ट्रीय शक्ति बनाया।
उनकी political journey, BJP growth story, और Ram Mandir movement में भूमिका आज भी अध्ययन का विषय है। उनका योगदान Indian politics, party building strategy और mass movement leadership का एक आदर्श उदाहरण है।

