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IRAN ISRAEL WAR का 36वां दिन, क्या दुनिया ऊर्जा संकट, महंगाई और मंदी की ओर बढ़ रही?

IRAN ISRAEL WAR आज अपने 36वें दिन में प्रवेश कर चुका है। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ यह युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर है जिसने न केवल मध्य पूर्व के नक्शे को बदल दिया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। इस युद्ध की शुरुआत अमेरिकी और इजरायली सेना के संयुक्त ऑपरेशन “एपिक फ्यूरी” (Epic Fury) और “रोरिंग लायन” से हुई थी।

IRAN ISRAEL WAR की टाइमलाइन

  • शुरुआती हमला: 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर लगभग 900 हवाई हमले किए। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान के नेतृत्व को खत्म करना था। इसमें ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई और अली लारिजानी समेत कई शीर्ष अधिकारी मारे गए।

  • ईरान का पलटवार: ईरान ने अपनी जवाबी कार्रवाई को “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-IV” नाम दिया। इसके तहत इजराइल और खाड़ी देशों (यूएई, सऊदी अरब, कतर, जॉर्डन) में स्थित अमेरिकी ठिकानों पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।

  • होर्मुज की नाकाबंदी: ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। अब वहां से गुजरने वाले तेल निर्यात पर ‘चीनी युआन’ में टोल वसूला जा रहा है, जिससे दुनिया भर में तेल की आपूर्ति बाधित हुई है।

IRAN ISRAEL WAR की ताजा अपडेट्स

आज के दिन युद्ध के मैदान से कई बड़ी खबरें सामने आई हैं:

  • अमेरिकी विमान गिराए जाने का दावा: ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने दो अमेरिकी लड़ाकू विमान—एक F-15E स्ट्राइक ईगल और एक A-10 वारथॉग—को मार गिराया है। तेहरान में इन विमानों के मलबे के साथ जीत का जश्न मनाया जा रहा है। ईरानी कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अलीरेजा एल्हामी के अनुसार, अब तक 160 से अधिक दुश्मन ड्रोन और कई फाइटर जेट्स को नष्ट किया जा चुका है।

  • इजराइल पर मिसाइल हमले: ईरान ने इजराइल के रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया है। सेंट्रल इजराइल के पेटाह तिकवा में एक फैक्ट्री को नुकसान पहुंचा है, वहीं नेगेव और रोश हायिन में मिसाइल गिरने से आग लगने की खबरें हैं।

  • लेबनान में तबाही: इजराइल ने दक्षिणी लेबनान में अपना जमीनी अभियान तेज कर दिया है। टायर (Tyre) के बंदरगाह और महत्वपूर्ण पुलों को निशाना बनाया गया है। लेबनान में अब तक 13 लाख से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।

  • डोनाल्ड ट्रंप का बयान: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया है कि यह युद्ध “दो-तीन हफ्तों” में खत्म हो सकता है, हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि होर्मुज को खुलवाना प्राथमिकता है और इसके लिए किसी ‘डील’ की जरूरत नहीं है।

IRAN ISRAEL WAR
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IRAN ISRAEL WAR में हर तरफ नुकसान हो रहा है

IRAN ISRAEL WAR की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। ताज़ा घटनाक्रम और आंकड़ों को देखें तो दुनिया वास्तव में एक बड़े आर्थिक और ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ी दिख रही है। युद्ध अब और अधिक आक्रामक हो गया है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक दुनिया के लिए सबसे बड़ी चिंता ऊर्जा आपूर्ति की है।

IRAN ISRAEL WAR शुरु होने के बाद ईरान में अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और 26 हजार से अधिक घायल हैं। लेबनान में मरने वालों का आंकड़ा 1300 के पार पहुंच गया है। इजराइल में 34 (23 नागरिक और 11 सैनिक) और अमेरिका के लगभग 15 सैनिक मारे गए हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 40% से ज्यादा बढ़ गई हैं। एशिया और यूरोप में ईंधन की भारी किल्लत देखी जा रही है। लेबनान की लगभग एक-छठाई आबादी घर छोड़ने को मजबूर है। ईरान में स्कूल और अस्पताल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं और इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है।

ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) रास्ते को बंद करने या बाधित करने से दुनिया की 20% तेल सप्लाई रुक गई है। इसे वैश्विक तेल बाजार के इतिहास का सबसे बड़ा व्यवधान माना जा रहा है। वहीं ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। कतर के एलएनजी (LNG) कॉम्प्लेक्स पर हमलों के कारण गैस की कीमतों में भी 140% तक की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।

IRAN ISRAEL WAR
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IRAN ISRAEL WAR के बाद महंगाई और मंदी का खतरा

विशेषज्ञों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं (जैसे IEA और Oxford Economics) ने चेतावनी दी है कि IRAN ISRAEL WAR 1970 के दशक जैसे ऊर्जा संकट को दोहरा सकता है, ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन और मैन्युफैक्चरिंग की लागत बढ़ गई है। खाड़ी देशों में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में 40% से 120% तक का उछाल आया है। वैश्विक महंगाई दर 7.7% के करीब पहुंच सकती है।

इसके अलावा अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो साल 2026 में वैश्विक विकास दर घटकर मात्र 1.4% रह सकती है। अमेरिका, यूरोप और एशिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाएं मंदी की चपेट में आ सकती हैं। कुल मिलाकर, दुनिया इस समय एक बेहद अनिश्चित दौर से गुजर रही है। आने वाले कुछ दिन यह तय करेंगे कि क्या यह क्षेत्रीय संघर्ष एक पूर्ण वैश्विक आर्थिक संकट में बदल जाएगा।

Disclaimer: यह लेख 4 अप्रैल 2026 तक की उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक बयानों पर आधारित है। युद्ध की स्थिति अत्यंत अस्थिर है और आंकड़े बदल सकते हैं।

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DevbhoomiNews Desk
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Abhishek Semwal is a news writer with 1–2 years of experience. He covers multiple categories and focuses on delivering accurate, timely, and easy-to-understand news content.
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