उत्तर प्रदेश देवरिया के भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक Shalabh Mani Tripathi जो एक अनुभवी पत्रकार रहे हैं। राजनीति में आने के बाद विधायक के साथ उन्होंने राजनीति में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। Shalabh Mani Tripathi Biography in Hindi के इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि किस तरह से शलभ मणि त्रिपाठी का जीवन परिचय, उन्होंने पत्रकारिता को छोड़ विधायक बनने तक का सफर तय किया और कैसे वे अक्सर अपने बयानों के कारण विवादों में रहते हैं।
Deoria MLA Shalabh Mani Tripathi एक ऐसे विधायक भी हैं जो अपने क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर हमेशा सक्रिय रहते हैं। शलभ मणि त्रिपाठी बीजेपी विधायक के रूप में उन्होंने अपनी विधानसभा क्षेत्र में अवैध कब्जे हटाने जैसे मुद्दों पर भी सक्रिय रुख अपनाया है। लेकिन जब भी उन्हें मौका मिलता है तो वे विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी, पर निशाना साधने में नहीं चूकते हैं, जिस कारण Shalabh Mani Tripathi controversy भी अक्सर चर्चा में रहती है।
Shalabh Mani Tripathi का प्रारंभिक जीवन
Shalabh Mani Tripathi Biography उनके पूरे जीवन की जानकारी प्रदान करती है। उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के अनुसार डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी का जीवन परिचय बताता है कि उनकी शुरुआती जिंदगी मध्यमवर्गीय परिवार में गुजरी, जहां शिक्षा और अनुशासन पर जोर था। उनका जन्म 1 दिसंबर 1977 को देवरिया जिला (District Deoria), Uttar Pradesh में हुआ, जिससे वे आज एक प्रमुख Deoria BJP MLA Shalabh Mani Tripathi के रूप में जाने जाते हैं।
उनके पिता सकल नाथ त्रिपाठी (Sakal Nath Tripathi), जो सरकारी स्कूल में शिक्षक थे। परिवार में शिक्षा को महत्व दिया जाता था, जो उनके पिता के पेशे से प्रभावित था। शलभ मणि त्रिपाठी शिक्षा की बात करें तो उन्होंने इंटरमीडिएट (12वीं) की पढ़ाई गवर्नमेंट जुबिली इंटर कॉलेज, देवरिया से पूरी की।
| Field | Details |
|---|---|
| Full Name | Shalabh Mani Tripathi |
| Popular As | Shalabh Mani Tripathi BJP Leader |
| Date of Birth | 1 December 1977 |
| Age (2025) | 48 Years |
| Birthplace | Deoria, Uttar Pradesh, India |
| Nationality | Indian |
| Profession | Politician, Former Journalist |
| Political Party | Bharatiya Janata Party (BJP) |
| Education | Ph.D. from Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University, Lucknow |
| Father’s Name | Sakal Nath Tripathi |
| Constituency | Deoria Sadar, Uttar Pradesh |
| Current Position | MLA (Member of Legislative Assembly), Uttar Pradesh |
| Political Debut | Won Uttar Pradesh Assembly Election 2022 |
| Known For | Strong political presence, development projects, active leadership in UP |
| Religion | Hinduism |
| Net Worth (2025) | ₹6.1 Crore (Approx., as per election affidavit) |

1998 में उन्होंने गणित (Mathematics) में स्नातक किया। बताया जाता है कि 1998 में स्नातक पूरा करने के बाद उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा। साथ ही उन्होंने गणित में स्नातकोत्तर (Post Graduation) किया। पत्रकारिता और राजनीति में आने के बाद भी वे शिक्षा से जुड़े रहे। उन्होंने 2021 में डॉ. शकुंतला मिश्रा नेशनल रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी, लखनऊ (from Dr. Shakuntala Misra National Rehabilitation University) से डॉक्टरेट (Ph.D.) पूरी की।
1998 में स्नातक पूरा करने के बाद वे स्वतंत्र पत्रकार (freelance journalist) बन गए। उन्होंने दैनिक जागरण, अमर उजाला, न्यूज़18 जैसे मीडिया संस्थानों में काम किया। पत्रकारिता में लंबा समय बिताने के बाद उन्होंने 2016 में औपचारिक रूप से BJP में शामिल हुए और पार्टी के प्रवक्ता बने। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार के तौर पर भी काम किया और 2022 में उन्होंने देवरिया सदर से विधानसभा चुनाव लड़ा और विधायक चुने गये।
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पत्रकारिता को छोड़ राजनीति में ली एंट्री
शलभ मणि त्रिपाठी का राजनीति में आना अचानक नहीं था, बल्कि उनके लंबे पत्रकारिता अनुभव, वैचारिक झुकाव और परिस्थितियों का स्वाभाविक परिणाम था। पत्रकारिता के दौरान ही उनका झुकाव राष्ट्रवाद (Nationalism) और दक्षिणपंथी विचारधारा (right wing ideology) की ओर रहा। वे अक्सर अपने लेखन और टीवी बहसों में राष्ट्रहित, सुरक्षा और सांस्कृतिक मुद्दों को प्रमुखता देते थे।
इससे उनकी सोच भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा के करीब आती गई। लगभग दो दशक तक मीडिया में रहने के बाद उन्हें यह महसूस हुआ कि “सिर्फ सवाल उठाने से ज्यादा जरूरी है निर्णय लेने की स्थिति में आना।”
Journalism छोड़ राजनीति में एंट्री करने पर उन्होंने कहा था कि “इस साल दो फिल्में देखीं — ‘धोनी’ और ‘सुल्तान’। दोनों से एक जैसा मैसेज मिला। कुछ करना है तो करना है। धोनी ने टीसी की नौकरी न छोड़ी होती तो आज ज्यादा से ज्यादा हेड टीसी होते। सुल्तान रिंग में न उतरे होते तो सुल्तान न होते। मीडिया में करीब दो दशक का लंबा वक्त गुजारने के बाद भी धोनी जैसी बेचैनी महसूस होती रही। लिहाजा निकल पड़ा हूँ एक ऐसी मंजिल की तरफ जिसका मुकाम मुझे खुद नहीं पता।”
2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले मीडिया छोड़ा और सक्रिय राजनीति में कदम रखा। जनवरी 2017 में उन्होंने BJP की औपचारिक सदस्यता ली, लखनऊ (Lucknow) में उनकी जॉइनिंग हुई। तब उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने उनकी ज्वाइनिंग कराई। 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें अपना मीडिया सलाहकार (Media Advisor) नियुक्त किया। इस पद पर उन्होंने राज्य सरकार की कम्युनिकेशन और मीडिया से जुड़े मुद्दों को संभाला। इसके साथ ही उन्होंने पार्टी में प्रवक्ता की भूमिका भी निभाई।
2022 के विधानसभा चुनावों ( Uttar Pradesh Assembly Election 2022) में बीजेपी ने उन्हें देवरिया सदर सीट से टिकट दिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के उम्मीदवार को हराकर पहली बार विधायक बने।
विवादों के केंद्र में रहते हैं शलभ मणि त्रिपाठी
डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी अपने आक्रामक तेवर, बयानबाज़ी और सक्रिय राजनीति के कारण अक्सर विवादों और चर्चाओं में रहे हैं। अवैध अतिक्रमण विरोध, धार्मिक मुद्दों, राजनीतिक हमलों और social media बयानों से जुड़े रहते हैं। उन्होंने इन्हें अक्सर “देवरिया के विकास और हिंदू हित” से जोड़ा है, जबकि विपक्ष खासकर सपा इन्हें “ध्रुवीकरण” या “राजनीतिक साजिश” बताता है।
हाल ही में देवरिया में नकली नोटों के एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, जिसे लेकर अखिलेश यादव और शलभ मणि त्रिपाठी के बीच तीखा सोशल मीडिया युद्ध छिड़ा। अखिलेश यादव ने एक आरोपी के साथ शलभ मणि त्रिपाठी की तस्वीरें साझा करते हुए भाजपा सरकार और विधायक पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाया। शलभ मणि त्रिपाठी ने पलटवार करते हुए आरोपों को नकारते हुए कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते कई लोग उनके साथ तस्वीरें खिंचवाते हैं। उन्होंने इस गिरोह को ‘सपा प्रेरित’ करार दिया और दावा किया कि आरोपी के तार समाजवादी पार्टी से जुड़े हैं।
यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द को लेकर हुए विवाद पर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इस शब्दावली के प्रयोग को अनुचित बताया और कहा कि यह सामाजिक समरसता को बिगाड़ने की कोशिश है। उन्होंने इस मामले में मुख्यमंत्री स्तर पर कठोर कार्रवाई की मांग की थी।
देवरिया में एक अवैध मजार को हटाए जाने के मामले में शलभ मणि काफी चर्चा में रहे। उन्होंने शहर में सड़क किनारे स्थित अवैध मजारों को हटाने की मांग उठाई थी। इस मामले के बाद उन्हें हैदराबाद से एक युवक द्वारा वीडियो के जरिए सिर कलम करने की धमकी दी गई, जिस पर पुलिस ने आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया।
शलभ मणि त्रिपाठी के बारे में 5 महत्वपूर्ण तथ्य
- Shalabh Mani Tripathi का जन्म 1 दिसंबर 1977 को देवरिया जिला, उत्तर प्रदेश में हुआ।
- 2022 में देवरिया सदर से चुनाव जीतकर वे पहली बार विधायक बने।
- राजनीति में आने से पहले वे सक्रिय पत्रकार रहे।
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मीडिया सलाहकार भी रहे।
- 2017 के विधानसभा चुनावों से पहले बने बीजेपी के सक्रिय सदस्य।

