/ Mar 29, 2026
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UTTARAKHAND WEATHER: भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने उत्तराखंड के लिए 7 दिनों का जिला-स्तरीय मौसम पूर्वानुमान जारी किया है। इसके साथ ही 5 दिनों की जिला-स्तरीय मौसम चेतावनी और चरम मौसम के लिए जनपद-स्तरीय प्रभाव व सलाह भी जारी की गई है। पूर्वानुमान के अनुसार 29 से 31 मार्च के बीच राज्य के कई पर्वतीय जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली, झोंकेदार हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना है।
29 मार्च को उत्तराखंड के पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में हल्की से मध्यम वर्षा, गर्जन के साथ वर्षा या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है। शेष जनपदों में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा की संभावना है।
30 मार्च को सबसे अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। इस दिन के लिए ऑरेंज वार्निंग यानी “तत्काल कार्रवाई करें” का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। राज्य के शेष पर्वतीय जनपदों में भी गर्जन के साथ बिजली और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट है। मैदानी जनपदों में भी कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा और गर्जन हो सकती है।(UTTARAKHAND WEATHER)

31 मार्च को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जनपदों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं का येलो अलर्ट जारी है। पर्वतीय जनपदों में हल्की से मध्यम वर्षा और ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। मैदानी जनपदों में भी हल्की वर्षा और गर्जन हो सकती है।
1 अप्रैल को मौसम में सुधार की संभावना है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की वर्षा या बर्फबारी हो सकती है लेकिन शेष जनपदों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। 2 और 3 अप्रैल को भी पर्वतीय जनपदों में कहीं-कहीं बहुत हल्की वर्षा की संभावना है जबकि मैदानी क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहेगा।(UTTARAKHAND WEATHER)
IMD ने चरम मौसम के दौरान जनता के लिए महत्वपूर्ण सलाह जारी की है। गर्जन, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाओं के समय घर के अंदर रहें और खिड़कियां तथा दरवाजे बंद रखें। बिजली का संचालन करने वाली वस्तुओं से दूर रहें। खुले में खड़े वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें। पेड़ों के नीचे शरण न लें और जानवरों को बाहर न बांधें। कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें। पक्के मकानों में शरण लें और राज्य सरकार के संबंधित अधिकारियों को सभी आवश्यक एहतियाती उपाय करने की सलाह दी गई है।(UTTARAKHAND WEATHER)
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) देश की वह महत्वपूर्ण संस्था है जो मौसम के मिजाज को समझने और उसकी भविष्यवाणी करने का जिम्मा संभालती है। यह पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अधीन काम करती है और इसका जाल भारत के मुख्य भूभाग से लेकर अंटार्कटिका के बर्फीले क्षेत्रों तक फैला हुआ है। विभाग की नींव के पीछे प्राकृतिक आपदाओं का हाथ रहा है। 1864 में कोलकाता में आए भीषण चक्रवात और उसके बाद 1866 व 1871 के अकाल ने सरकार को एक व्यवस्थित मौसम प्रणाली बनाने पर मजबूर किया।

यह विभाग न केवल बारिश या धूप की जानकारी देता है, बल्कि इसके काम बहुत व्यापक हैं:
पूर्वानुमान: चक्रवात, भारी बारिश, लू (Heatwave) और ठंड की समय से पहले चेतावनी देना।
भूकंप विज्ञान: देश भर में लगे स्टेशनों के जरिए भूकंप की तीव्रता और केंद्र का पता लगाना।
कृषि सेवा: किसानों को मौसम के अनुसार बुवाई और कटाई की सलाह देना।
विमानन: हवाई जहाजों की सुरक्षित उड़ान के लिए सटीक मौसम डेटा प्रदान करना।
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