/ Mar 20, 2026
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DHAMI CABINET: उत्तराखण्ड की राजनीति में लंबे समय से चल रही अटकलों पर आज विराम लग गया। चैत्र नवरात्र के दूसरे दिन, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल का विस्तार संपन्न हुआ। देहरादून स्थित लोकभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) ने पांच नए मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। महज 15 मिनट तक चले इस संक्षिप्त कार्यक्रम में धामी सरकार ने अपनी नई टीम को पूर्णता प्रदान की।
DHAMI CABINET में शामिल होने वाले नए चेहरों में अनुभव और युवा जोश का संतुलन देखा जा रहा है। शपथ लेने वाले मंत्रियों में निम्नलिखित नाम शामिल हैं:
मदन कौशिक (विधायक, हरिद्वार): वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री, जिनके अनुभव का लाभ सरकार आगामी चुनावों में लेना चाहती है।
खजान दास (विधायक, राजपुर): देहरादून की सुरक्षित सीट से लगातार जीत दर्ज करने वाले दलित चेहरे के रूप में इन्हें शामिल किया गया है।
प्रदीप बत्रा (विधायक, रुड़की): रुड़की से लगातार तीसरी बार (2012, 2017, 2022) विधायक चुने गए बत्रा को उनके मजबूत जनाधार का ईनाम मिला है।
भरत सिंह चौधरी (विधायक, रुद्रप्रयाग): रुद्रप्रयाग से दूसरी बार के विधायक चौधरी ने संस्कृत में शपथ लेकर सभी का ध्यान खींचा। साफ छवि के धनी चौधरी संगठन के भरोसेमंद माने जाते हैं।
राम सिंह कैड़ा (विधायक, भीमताल): छात्र राजनीति से उभरे कैड़ा ने 2017 में निर्दलीय और फिर भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। कुमाऊं मंडल में उनकी पकड़ को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है।

सूत्रों के मुताबिक, DHAMI CABINET के इन मंत्रियों का चयन रैंडम तरीके से नहीं बल्कि उनके पिछले चार साल के कामकाज के रिकॉर्ड के आधार पर किया गया है। बताया जा रहा है कि 7 मार्च को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हरिद्वार दौरे के दौरान ही यह सूची फाइनल कर ली गई थी। संगठन ने उन विधायकों पर भरोसा जताया है जिनका अपने क्षेत्रों में जनाधार मजबूत है और जिनकी छवि बेदाग रही है। इस विस्तार के साथ ही अब धामी कैबिनेट के सभी 12 पद भर गए हैं। अब देखना यह होगा कि नई टीम के साथ मुख्यमंत्री धामी विकास योजनाओं और 2027 की चुनावी चुनौतियों को किस तरह से साधते हैं।
सरकार के इस विस्तार को विशुद्ध रूप से 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। DHAMI CABINET में पांच पद लंबे समय से खाली चल रहे थे (कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के निधन और प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद रिक्तियां बढ़ गई थीं)। नई टीम में गढ़वाल और कुमाऊं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। खजान दास और मदन कौशिक के जरिए जातीय समीकरणों को साधा गया है, वहीं प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा जैसे नेताओं के जरिए युवाओं और जमीनी कार्यकर्ताओं को संदेश देने की कोशिश की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी 23 मार्च को अपने दूसरे कार्यकाल के चार वर्ष पूरे करने जा रहे हैं। इस महत्वपूर्ण पड़ाव से ठीक पहले मंत्रिमंडल को पूर्ण करना यह दर्शाता है कि सरकार अब ‘मिशन मोड’ में काम करना चाहती है। शपथ ग्रहण के बाद मुख्यमंत्री ने सभी नए सहयोगियों को बधाई दी। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में मंत्रियों को विभागों का बंटवारा भी कर दिया जाएगा। इसके अलावा, चर्चा है कि जल्द ही विभिन्न निगमों, बोर्डों और आयोगों में भी लगभग दो दर्जन ‘दायित्वधारियों’ की नियुक्ति की जाएगी।
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