/ Mar 17, 2026

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UTTARAKHAND LPG SOP: कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

UTTARAKHAND LPG SOP: उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा और वर्तमान में जारी शीतकालीन पर्यटन को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यावसायिक एलपीजी (LPG) सिलेंडरों की किल्लत दूर करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पर्यटन व्यवसाय से जुड़े हितधारकों की चिंताओं को देखते हुए खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने एक विस्तृत मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी की है। इस नई व्यवस्था के तहत प्रदेश में अब रोजाना 2650 व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि यात्रा सीजन के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

UTTARAKHAND LPG SOP
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UTTARAKHAND LPG SOP: तेल कंपनियों की साझेदारी और जिलावार आवंटन

सचिव आनंद स्वरूप द्वारा जारी एसओपी के अनुसार, सिलेंडर वितरण की जिम्मेदारी देश की तीन प्रमुख तेल एवं गैस कंपनियों आईओसीएल (IOCL), बीपीसीएल (BPCL) और एचपीसीएल (HPCL) को सौंपी गई है। ये कंपनियां अपनी बाजार हिस्सेदारी के आधार पर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करेंगी और इसकी दैनिक रिपोर्ट संबंधित जिलाधिकारियों को देंगी। सरकार का मानना है कि व्यावसायिक गैस की सुचारू आपूर्ति न होने से राज्य के आर्थिक हितों और पर्यटन छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था।

गैस सिलेंडरों का वितरण जिलों में मौजूद कनेक्शनों की संख्या के आधार पर किया जाएगा। आवंटित कोटे में देहरादून को सबसे अधिक 31 प्रतिशत हिस्सा मिला है। इसके अलावा हरिद्वार और नैनीताल को 13-13 प्रतिशत, ऊधमसिंह नगर को 9 प्रतिशत, चमोली को 6 प्रतिशत और रुद्रप्रयाग को 5 प्रतिशत सिलेंडर आवंटित किए गए हैं। टिहरी, पौड़ी, उत्तरकाशी और अल्मोड़ा जिलों को 4-4 प्रतिशत, जबकि पिथौरागढ़ को 3 प्रतिशत और बागेश्वर व चम्पावत को क्रमशः 2-2 प्रतिशत सिलेंडर दिए जाएंगे।

UTTARAKHAND LPG SOP
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प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए कोटा निर्धारित

केंद्र सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के क्रम में अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों के अलावा अन्य व्यवसायों के लिए दैनिक आवश्यकता का 20 फीसदी कोटा निर्धारित किया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति ने विभिन्न क्षेत्रों के लिए सिलेंडरों की संख्या तय कर दी है:

  • रेस्टोरेंट एवं ढाबा: सबसे अधिक 1000 सिलेंडर प्रतिदिन।

  • होटल एवं रिजॉर्ट: 750 सिलेंडर प्रतिदिन।

  • फार्मास्यूटिकल (जीवन रक्षक दवाएं): 190 सिलेंडर प्रतिदिन।(UTTARAKHAND LPG SOP)

  • औद्योगिक कैंटीन, सरकारी गेस्ट हाउस और पीजी छात्रावास: प्रत्येक वर्ग के लिए 150-150 सिलेंडर।

  • डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, होम स्टे और स्वयं सहायता समूह: इन क्षेत्रों को 130-130 सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।

UTTARAKHAND LPG SOP: पर्यटन और आर्थिक हितों की सुरक्षा

राज्य सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि यह व्यवस्था अग्रिम आदेशों तक प्रभावी रहेगी। चारधाम यात्रा के दौरान लाखों की संख्या में श्रद्धालु उत्तराखंड पहुँचते हैं, ऐसे में भोजन और आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कमर्शियल गैस की उपलब्धता अनिवार्य है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर इन सेक्टरों को सिलेंडर वितरण सुनिश्चित करवाएं। इस कदम से न केवल पर्यटन व्यवसाय को मजबूती मिलेगी, बल्कि स्थानीय व्यापारियों की चिंताएं भी दूर होंगी।

होर्मुज स्ट्रेट से भारत आ रहे रसोई गैस से लदे जहाज

इस बीच मध्य पूर्व में जारी भारी गोलाबारी और समुद्री प्रतिबंधों के बीच भारतीय रसद जहाजों के लिए अच्छी खबर है। भारतीय जहाज ‘शिवालिक’ कतर से लगभग 46 हजार मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर भारत के मुंद्रा पोर्ट (गुजरात) पहुँच गया है। आंकड़ों के लिहाज से यह खेप बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे लगभग 32.4 लाख घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति संभव हो सकेगी।

ईरान ने 14 मार्च को विशेष अनुमति देते हुए ‘शिवालिक’ को होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने की इजाजत दी थी। इसके अतिरिक्त, दो अन्य जहाज ‘नंदा देवी’ और ‘जग लाडकी’ भी आज भारत पहुँच सकते हैं। नंदा देवी जहाज पर भी 46,000 टन एलपीजी लदी हुई है। ईरान द्वारा भारतीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता देना वर्तमान वैश्विक संकट के बीच भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक राहत मानी जा रही है।(UTTARAKHAND LPG SOP)

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