SHARE MARKET: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसे हालातों के बीच आज भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच छिड़े संघर्ष का सीधा असर निवेशकों पर दिखाई दिया, जिसके चलते बाजार के दोनों प्रमुख सूचकांक भारी नुकसान के साथ बंद हुए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 1,097 अंक (1.37%) गिरकर 78,918 के स्तर पर आ गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 315 अंक (1.27%) की गिरावट के साथ 24,450 पर बंद हुआ।
युद्ध के हालातों ने बढ़ाया निवेशकों का डर
वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के कारण निवेशकों के बीच घबराहट का माहौल बना हुआ है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जंग जैसी स्थिति में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है, जिससे कंपनियों के मुनाफे पर विपरीत असर पड़ता है। ऐसी अनिश्चितता के दौर में निवेशक शेयरों को बेचकर सुरक्षित निवेश विकल्पों जैसे सोने और चांदी की ओर रुख करने लगते हैं, जिससे शेयर बाजार में गिरावट आती है। आज बाजार में घबराहट को मापने वाला इंडेक्स ‘इंडिया विक्स’ भी 11% से ज्यादा उछल गया, जो आने वाले दिनों में और अधिक उतार-चढ़ाव का संकेत दे रहा है।

कच्चे तेल में उछाल और रुपये की ऐतिहासिक गिरावट
मिडिल ईस्ट के संघर्ष का सीधा असर ऊर्जा SHARE MARKET पर भी पड़ा है। ईरान द्वारा बहरीन की एक ऑयल रिफाइनरी पर किए गए हमले की खबरों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें $86 प्रति बैरल के पार पहुँच गई हैं। भारत अपनी तेल की जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है, इसलिए तेल की कीमतों में आए इस उबाल ने भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये पर दबाव बढ़ा दिया है। शुक्रवार को भारतीय रुपया 0.09% गिरकर 91.84 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में इस सप्ताह लगभग 17% की बढ़त दर्ज की गई है, जो 2022 के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है।
SHARE MARKET में सेक्टरवार प्रदर्शन
SHARE MARKET में हर तरफ बिकवाली के माहौल के बावजूद डिफेंस (रक्षा) सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। युद्ध की स्थिति को देखते हुए डिफेंस कंपनियों के शेयर 9% तक चढ़ गए। आईटी और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में भी मामूली बढ़त रही क्योंकि निवेशकों ने इन्हें तुलनात्मक रूप से सुरक्षित विकल्प माना। दूसरी ओर, बैंकिंग क्षेत्र में निफ्टी बैंक 2.15% गिरकर 57,783 पर आ गया। निफ्टी की कंपनियों में आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप लूजर्स रहे, जबकि भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और एनटीपीसी प्रमुख गेनर्स की सूची में शामिल रहे।

वैश्विक बाजारों का मिला-जुला रुख
SHARE MARKET में गिरावट के बीच एशियाई बाजारों में आज तेजी का रुख देखने को मिला। जापान का निक्केई 0.62% और हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.72% की बढ़त के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया और चीन के बाजारों में भी मामूली सुधार दर्ज किया गया। हालांकि, अमेरिकी बाजारों में 5 मार्च को गिरावट रही थी, जहाँ डाउ जोन्स 785 अंक गिरकर बंद हुआ था। उल्लेखनीय है कि भारतीय शेयर बाजार में कल यानी 5 मार्च को बढ़त रही थी और सेंसेक्स 80,000 के स्तर को पार कर गया था, लेकिन आज की गिरावट ने कल की पूरी बढ़त को खत्म कर दिया।
कॉर्पोरेट जगत की अन्य प्रमुख हलचल
सैमही (SAMHI) होटल्स लिमिटेड ने ‘RARE इंडिया’ में 70% हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा की है, जिसके मई 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है। वहीं, कर्नाटक की नई शराब नीति और कीमतों के डीरेगुलेशन की खबर के बाद यूनाइटेड स्पिरिट्स और यूनाइटेड ब्रुअरीज के शेयरों में 6.5% तक की तेजी आई। एचसीएल टेक ने सिंगापुर की फिनर्जिक सॉल्यूशंस का अधिग्रहण पूरा करने की जानकारी दी। रिलायंस पावर ने भी उन मीडिया रिपोर्ट्स का खंडन किया है जिनमें कंपनी के ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी का दावा किया गया था।
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