DEHRADUN RAIL ELEPHANT ACCIDENT: हरिद्वार-देहरादून रेलमार्ग पर सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें हावड़ा-दून एक्सप्रेस (13009) की चपेट में आने से एक शिशु हाथी की मौत हो गई। यह घटना मोतीचूर–रायवाला स्टेशन के बीच राजाजी टाइगर रिजर्व की हरिद्वार रेंज के अंतर्गत खड़खड़ी उत्तरी बीट में हुई। हादसा सुबह लगभग 6:31 बजे घटित हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, हाथियों का एक झुंड जंगल से निकलकर रेलवे ट्रैक पार कर रहा था। झुंड के अधिकांश हाथी ट्रैक को पार कर चुके थे, लेकिन साथ चल रहा लगभग 5 से 8 वर्ष आयु का शिशु हाथी अचानक आती ट्रेन की चपेट में आ गया।

DEHRADUN RAIL ELEPHANT ACCIDENT: धुंध और तेज गति बनी हादसे की वजह?
टक्कर इतनी तेज थी कि शिशु हाथी ट्रेन के इंजन के नीचे फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया कि टक्कर लगते ही हाथी नीचे गिर पड़ा और उसके ऊपर से ट्रेन की बोगी गुजर गई। प्राथमिक जांच के अनुसार, सुबह धुंध अधिक थी, जिसके कारण लोको पायलट को हाथियों का झुंड समय रहते दिखाई नहीं दे सका। कुछ अधिकारियों ने बताया कि पायलट ने आपातकालीन ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन दूरी कम होने के कारण हादसा टल नहीं सका। वहीं, अन्य प्रारंभिक रिपोर्टों में ट्रेन की गति निर्धारित सीमा से अधिक होने की आशंका भी जताई गई है।(DEHRADUN RAIL ELEPHANT ACCIDENT)

DEHRADUN RAIL ELEPHANT ACCIDENT: लोको पायलट और सहायक पायलट पर मुकदमा
हादसे के बाद हरिद्वार- देहरादून रेलखंड पर करीब दो घंटे तक ट्रेन संचालन बाधित रहा। दिल्ली आनंद विहार जा रही वंदे भारत ट्रेन को रायवाला स्टेशन पर रोका गया। उपासना एक्सप्रेस और अन्य ट्रेनों को भी रोकना पड़ा या काफी देरी से चलाया गया। वन विभाग और जीआरपी की टीमों ने मौके पर पहुंचकर शिशु हाथी के शव को ट्रैक से हटाया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। राजाजी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने घटना को गंभीर मानते हुए लोको पायलट खुशी राम मौर्य और सहायक लोको पायलट दीपक कुमार के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। दोनों को हिरासत में लिया गया है।

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