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हिंदी सिनेमा की सबसे उम्रदराज अभिनेत्री कामिनी कौशल का निधन, 98 वर्ष की उम्र में ली आखिरी सांस

KAMINI KAUSHAL: भारतीय सिनेमा की दिग्गज और सदाबहार अभिनेत्री कामिनी कौशल का शुक्रवार को 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मुंबई में उनके आवास पर उम्र संबंधी स्वास्थ्य जटिलताओं के चलते उन्होंने अंतिम सांस ली। परिवार के एक करीबी सदस्य ने उनके निधन की पुष्टि की और बताया कि पिछले कुछ महीनों से अभिनेत्री अस्वस्थ थीं। परिवार ने गोपनीयता की अपील करते हुए अंतिम संस्कार से जुड़ी कोई सार्वजनिक जानकारी साझा नहीं की है। बता दें कि आखिरी बार कामिनी कौशल आमिर खान और करीना कपूर स्टारर फिल्म लाल सिंह चड्ढा में नजर आई थीं। उनके निधन की खबर आने के बाद बॉलीवुड और सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

KAMINI KAUSHAL
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KAMINI KAUSHAL का शानदार रहा करियर

कामिनी कौशल का जन्म 16 जनवरी 1927 को हुआ था और वे हिंदी फिल्मों की सबसे उम्रदराज जीवित अभिनेत्रियों में से एक मानी जाती थीं। उन्होंने 1946 से 2022 तक सक्रिय रहते हुए सात दशकों से अधिक समय तक भारतीय फिल्म उद्योग को समृद्ध किया। अभिनेत्री का फिल्मी सफर 1946 में चेतन आनंद निर्देशित फिल्म ‘नीचा नगर’ से शुरू हुआ था, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को पहचान दिलाई। सामाजिक असमानता पर आधारित यह फिल्म कान्स फिल्म फेस्टिवल में पाल्म डी’ओर पुरस्कार जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी।

KAMINI KAUSHAL
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1940 और 1950 के दशक में उन्होंने कई महत्वपूर्ण फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘जिद्दी’ (1948) और ‘शबाब’ (1954) विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ‘जिद्दी’ में उनकी जोड़ी देव आनंद के साथ खूब पसंद की गई, जबकि ‘शबाब’ ने उन्हें धर्मेंद्र की पहली सह-कलाकार के रूप में स्थापित किया। इन वर्षों में उन्होंने पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह की भूमिकाएं निभाईं और खुद को मुख्यधारा के सिनेमा में मजबूती से स्थापित किया। करियर के बाद के दौर में कामिनी कौशल ने चरित्र भूमिकाओं पर ध्यान केंद्रित किया और नई पीढ़ी की फिल्मों में एक सशक्त उपस्थिति बनाई।

KAMINI KAUSHAL
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‘चेन्नई एक्सप्रेस’ (2013), ‘कबीर सिंह’ (2019) और ‘लाल सिंह चड्ढा’ (2022) जैसी फिल्मों में वे दादी और मातृसुलभ किरदारों में नज़र आईं। इन भूमिकाओं ने उन्हें युवा दर्शकों से फिर से जोड़ा और साबित किया कि उम्र चाहे जो हो, अभिनय की चमक कभी फीकी नहीं पड़ती। कामिनी कौशल का निजी जीवन भी कई लोगों के लिए प्रेरणा रहा। 1948 में उनका विवाह वायुसेना अधिकारी ब्रह्म एस. सूद से हुआ था। पति के निधन के बाद उन्होंने अकेले जीवन बिताया और खुद को पूरी तरह अपने परिवार और अपने काम को समर्पित कर दिया। उनके पिता शिव राम कश्यप एक प्रतिष्ठित पत्रकार थे, जिनकी छाप उनके व्यक्तित्व में भी साफ झलकती थी।

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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