WHO COUGH SYRUP WARNING: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सोमवार को तीन भारतीय निर्मित कफ सिरपों के खिलाफ वैश्विक स्वास्थ्य चेतावनी जारी की है। ये सिरप कोल्ड्रिफ (Sresan Pharmaceuticals), रेस्पिफ्रेश TR (Rednex Pharmaceuticals) और रीलिफ (Shape Pharma) बच्चों के लिए अत्यंत खतरनाक पाए गए हैं। WHO की जांच में पाया गया कि इन सिरपों में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की मात्रा अनुमत सीमा से लगभग 500 गुना अधिक है। DEG एक विषैला रसायन है, जो किडनी फेलियर, न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं और यहां तक कि मौत का कारण बन सकता है।

भारत के सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन ने 8 अक्टूबर को WHO को इस बारे में जानकारी दी थी। WHO की रिपोर्ट के अनुसार, प्रयोगशाला परीक्षणों में कोल्ड्रिफ सिरप में DEG की मात्रा 48.6% तक पाई गई, जबकि अनुमत सीमा मात्र 0.1% है। कोल्ड्रिफ को इसके बाद पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसी तरह, रेस्पिफ्रेश TR और रीलिफ सिरप में भी DEG की मात्रा 0.616% तक दर्ज की गई। WHO ने कहा है कि ये उत्पाद आम तौर पर सर्दी-खांसी से राहत देने के लिए बच्चों को दिए जाते थे, लेकिन DEG की मौजूदगी के कारण बच्चों के लिए घातक साबित हो रहे हैं।

WHO COUGH SYRUP WARNING: मध्य प्रदेश में अब तक 22 बच्चों की मौत, पांच की हालत गंभीर
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 22 बच्चों की मौत की पुष्टि हुई है। अधिकांश बच्चों में बुखार और खांसी के इलाज के दौरान इन सिरपों का सेवन किया गया था। इसके बाद बच्चों में उल्टी, पेशाब संबंधी समस्या, बेहोशी और किडनी फेलियर जैसे लक्षण सामने आए। 20 मौतें कोल्ड्रिफ सिरप से सीधे जुड़ी हैं, जबकि दो अन्य मामलों की जांच बैतूल और पंधुरना जिलों में जारी है। राज्य के अस्पतालों में फिलहाल पांच बच्चे गंभीर हालत में भर्ती हैं। राजस्थान में भी तीन बच्चों की संदिग्ध मौतों की जांच की जा रही है, हालांकि वहां के स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट में मेनिन्जाइटिस जैसे अन्य कारण सामने आए हैं।

WHO ने भारत में नियामक अंतराल पर उठाए सवाल
WHO की यह चेतावनी पिछले तीन वर्षों में पांचवीं बार है जब भारतीय निर्माताओं के कफ सिरपों को लेकर चेतावनी जारी करनी पड़ी है। भारत सरकार ने इस घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कोल्ड्रिफ के निर्माता Sresan Pharmaceuticals के मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। कंपनी का उत्पादन लाइसेंस तुरंत रद्द कर दिया गया है। CDSCO ने देशभर के सभी राज्यों को कफ सिरप निर्माताओं की सूची जमा करने और संयुक्त ऑडिट शुरू करने के आदेश दिए हैं। सरकार ने दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप उपयोग पर चेतावनी जारी की है और छह राज्यों में 19 उत्पादन इकाइयों का निरीक्षण शुरू हो चुका है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि डाइएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) एक सस्ता सॉल्वेंट है, जिसे कभी-कभी दवा निर्माण में ग्लाइकोल के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन यह शरीर के लिए बेहद खतरनाक है और किडनी, लिवर और नर्वस सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। डॉक्टरों ने माता-पिता से अपील की है कि वे बच्चों को बिना डॉक्टर की सलाह के कफ सिरप न दें, और खरीदते समय लेबल पर चेतावनी व निर्माता का नाम अवश्य जांचें।

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