DHARALI RESCUE OPERATION: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली और हर्षिल क्षेत्र में 5 अगस्त को बादल फटने और भूस्खलन से हुई भारी तबाही के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन पांचवें दिन भी युद्ध स्तर पर जारी है। इस प्राकृतिक आपदा ने कई जिंदगियां छीन लीं, इमारतें और सड़कें नष्ट कर दीं, लेकिन सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और स्थानीय पुलिस की टीमें दिन-रात राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं। राहत कार्यों के तहत उत्तराखंड पुलिस और अन्य एजेंसियां प्रभावितों तक भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री पहुंचा रही हैं। हर्षिल में 2,000 ‘रेडी टू ईट’ फूड पैकेट भेजे गए हैं।

DHARALI RESCUE OPERATION: 650 से अधिक लोग सुरक्षित निकाले गए
पांचवें दिन सुबह तक, धराली और हर्षिल से 650 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। गुरुवार को 400 लोगों को और शुक्रवार को 250 लोगों को रेस्क्यू किया गया। आज सुबह 8 बजे तक 52 लोगों को आईटीबीपी मातली कैंप पहुंचाया गया। मौसम में सुधार के चलते हेलीकॉप्टरों की मदद से अभियान में तेजी आई है। मातली हेलीपैड से चार हेलीकॉप्टर, जिनमें चिनूक और एमआई-17 शामिल हैं, लगातार प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री और फंसे लोगों को पहुंचाने का काम कर रहे हैं।

भारतीय सेना ने मलबे में दबे लोगों की खोज के लिए विशेष कैनाइन टीमें तैनात की हैं। इनके साथ ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार (GPR) और जेवर रडार भी इस्तेमाल किए जा रहे हैं। सात खोजी कुत्ते भी इस मिशन में मदद कर रहे हैं। मेडिकल सुविधाओं को भी तेजी से बढ़ाया गया है। मातली में घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है। धराली में एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक एम्बुलेंस मौजूद हैं। हर्षिल में सात विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात है, जबकि उत्तरकाशी और एम्स ऋषिकेश में 294 बेड और 65 आईसीयू बेड आरक्षित किए गए हैं।

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

