USA INDIA TARIFF: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत सहित 90 से अधिक देशों पर प्रस्तावित 25 प्रतिशत टैरिफ को फिलहाल 7 दिनों के लिए टाल दिया है। यह टैरिफ मूल रूप से आज, 1 अगस्त से लागू होना था, लेकिन अब यह 7 अगस्त 2025 से प्रभावी होगा। वहीं दूसरी ओर, कनाडा पर 35 प्रतिशत आयात शुल्क आज से ही लागू कर दिया गया है। इस निर्णय की आधिकारिक पुष्टि व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक फैक्टशीट और ट्रम्प के कार्यकारी आदेश से हुई है।

USA INDIA TARIFF: भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ
अप्रैल 2025 में ट्रम्प प्रशासन ने रेसिप्रोकल टैरिफ नीति के तहत भारत सहित कई देशों पर शुल्क लगाने की घोषणा की थी। भारत पर शुरुआत में 26 प्रतिशत टैरिफ का प्रस्ताव था, जिसे बाद में 25 प्रतिशत किया गया। ट्रम्प का आरोप है कि भारत अमेरिकी उत्पादों, विशेषकर कृषि सामान और मोटरसाइकिलों पर अत्यधिक शुल्क लगाता है, जबकि अमेरिका भारतीय मोटरसाइकिलों पर मात्र 2.4 प्रतिशत टैरिफ वसूलता है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारत द्वारा रूस से तेल और सैन्य उपकरणों की खरीद को भी इस निर्णय के पीछे एक कारण बताया है, जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर साझा किया।

टैरिफ अब 7 अगस्त से लागू होंगे
व्हाइट हाउस के मुताबिक, भारत, ब्राजील, ताइवान, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसे 90 से अधिक देशों पर 10 प्रतिशत से लेकर 41 प्रतिशत तक के टैरिफ अब 7 अगस्त से लागू होंगे। इन देशों को व्यापार समझौते और तैयारियों के लिए 7 दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा। हालांकि कनाडा को यह राहत नहीं मिली। उसके खिलाफ 1 अगस्त से ही 35 प्रतिशत टैरिफ लागू हो चुका है। अमेरिका ने कनाडा पर अवैध नशीली दवाओं की आपूर्ति रोकने में विफल रहने और फिलिस्तीन को अलग देश के रूप में मान्यता देने के निर्णय को इसका आधार बताया है।

भारत पे क्या पड़ेगा असर?
भारत पर प्रस्तावित 25 प्रतिशत टैरिफ का असर देश के निर्यात पर पड़ सकता है, खासतौर पर दवाओं, इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों, वस्त्र और ऑटोमोबाइल सेक्टर में। वित्त वर्ष 2023-24 में भारत का अमेरिका के साथ व्यापार अधिशेष 35.32 अरब डॉलर था। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह टैरिफ भारत की जीडीपी को 0.1 से 0.6 प्रतिशत तक प्रभावित कर सकता है। इसका एक हल ये है कि भारत इस निर्णय को विश्व व्यापार संगठन (WTO) में चुनौती दे सकता है या अमेरिका से द्विपक्षीय बातचीत के जरिए समाधान खोजने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

हालांकि केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन 25 अगस्त को अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल के भारत आने की संभावना है, जिसके दौरान व्यापार समझौते पर बातचीत हो सकती है। PHD चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव रंजीत मेहता ने कहा कि यह टैरिफ भारत की एमएसएमई इकाइयों पर अल्पकालिक प्रभाव डाल सकता है, लेकिन साथ ही यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में नए अवसरों के द्वार भी खोल सकता है।

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