UTTARAKHAND PANCHAYAT ELECTION 2025 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी दिशा में आयोग ने भारतीय प्रशासनिक सेवा, प्रांतीय सिविल सेवा और अन्य विभागों के कुल 54 वरिष्ठ अधिकारियों को प्रेक्षक के रूप में नियुक्त किया है, जिनमें 42 मुख्य प्रेक्षक और 12 आरक्षित प्रेक्षक शामिल हैं। 15 जुलाई 2025 को सुबह 10:30 बजे राज्य निर्वाचन आयोग मुख्यालय, देहरादून में राज्य निर्वाचन आयुक्त सुशील कुमार की अध्यक्षता में सभी प्रेक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

UTTARAKHAND PANCHAYAT ELECTION 2025: मतदान के लिए आयोग की तैयारी तेज
इस बैठक में उन्हें निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न संवैधानिक और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई और चुनावी व्यवस्था को लेकर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया। बैठक के दौरान 73वें संविधान संशोधन, उत्तराखंड पंचायती राज अधिनियम-2016 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम-1951 के महत्वपूर्ण प्रावधानों की गहन व्याख्या की गई। इसके साथ ही इस बार के पंचायत चुनाव मानसून सीजन में आयोजित हो रहे हैं, इसलिए आपदा प्रबंधन, सुरक्षित मतदान केंद्रों की व्यवस्था, संचार साधनों की उपलब्धता और सुरक्षित आवागमन मार्गों की समीक्षा जैसे विषयों को भी विशेष रूप से शामिल किया गया।

राज्य निर्वाचन आयुक्त ने प्रेक्षकों से कहा कि वे जनता के विश्वास को बनाए रखें और पूर्ण निष्पक्षता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रेक्षक प्रथम चरण के मतदान से कम से कम 5 दिन पहले, यानी 19 जुलाई तक, अपने-अपने मुख्यालयों में अनिवार्य रूप से उपस्थित हों। इसी प्रकार द्वितीय चरण के मतदान (28 जुलाई) से पहले भी समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। मतगणना की तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। सभी जिलों में स्थानीय प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि वे मतदान स्थलों पर पर्याप्त सुरक्षा, संचार व्यवस्था और मानसून के प्रभाव से निपटने के लिए अग्रिम तैयारी रखें।

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