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रेपो रेट में कटौती, छह से 5.5% हुई, EMI हो सकती है कम

REPO RATE: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 जून 2025 को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट में 50 बेसिस पॉइंट की कटौती का ऐलान किया। इस कटौती के बाद रेपो रेट 6 प्रतिशत से घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दी गई है। यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह कदम आर्थिक विकास को गति देने और वैश्विक अनिश्चितताओं से निपटने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह इस वर्ष की तीसरी रेपो रेट कटौती है। इससे पहले फरवरी और अप्रैल 2025 में 25-25 बेसिस पॉइंट की कटौती की जा चुकी है।

REPO RATE
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REPO RATE में कटौती का उद्देश्य

रेपो रेट में कटौती का उद्देश्य आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना है। अमेरिका द्वारा भारत के कई उत्पादों पर 26 प्रतिशत आयात शुल्क लगाने के बाद भारत के व्यापार पर दबाव बढ़ा है। इसके अलावा, देश की जीडीपी विकास दर 2024-25 में घटकर 6.5 प्रतिशत रह गई है, जो पिछले चार वर्षों का सबसे निचला स्तर है। वहीं अप्रैल 2025 में खुदरा महंगाई दर घटकर 3.16 प्रतिशत हो गई, जो RBI के 4 प्रतिशत के लक्ष्य से कम है। इन परिस्थितियों में RBI ने मांग और निवेश को बढ़ावा देने के लिए रेपो रेट में बड़ी कटौती की है।

REPO RATE
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EMI हो सकती है कम

रेपो रेट में कटौती का असर होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन और छोटे उद्योगों पर पड़ेगा। विशेषज्ञों के अनुसार उन्हें अगले 3 से 6 महीनों के भीतर EMI में राहत मिल सकती है। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति ने 50 लाख रुपये का 20 साल का होम लोन लिया है और ब्याज दर 8.5 प्रतिशत है, तो उसकी EMI लगभग 43,391 रुपये होती है। लेकिन अगर ब्याज दर 50 बेसिस पॉइंट घटकर 8 प्रतिशत हो जाती है, तो EMI घटकर करीब 41,826 रुपये हो सकती है। इससे महीने में लगभग 1,565 रुपये और कुल लोन अवधि में करीब 3.75 लाख रुपये की बचत हो सकती है।

REPO RATE
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इसी प्रकार, अगर कोई व्यक्ति 7 लाख रुपये का पांच साल का ऑटो लोन 9.2 प्रतिशत ब्याज दर पर लेता है तो उसकी EMI लगभग 14,693 रुपये होगी। लेकिन ब्याज दर घटकर 8.7 प्रतिशत होने पर EMI घटकर करीब 14,500 रुपये हो सकती है। यानी हर महीने 193 रुपये की बचत होगी। हालांकि यह राहत सभी ग्राहकों को तुरंत नहीं मिलेगी क्योंकि कुछ बैंक अपने कर्ज की दरें MCLR प्रणाली से जोड़ते हैं, जो धीरे-धीरे समायोजित होती हैं।

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RBI ने अन्य प्रमुख दरों में भी बदलाव किया

इस कटौती के साथ RBI ने अन्य प्रमुख दरों में भी बदलाव किया है। मार्जिनल स्टैंडिंग फैसिलिटी (MSF) दर को 6.25 प्रतिशत से घटाकर 5.75 प्रतिशत कर दिया गया है। स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) की दर 5.75 प्रतिशत से घटाकर 5.25 प्रतिशत की गई है। वहीं रिवर्स रेपो रेट को 3.35 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया है। RBI ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए देश की जीडीपी विकास दर का अनुमान 6.7 प्रतिशत से घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है। वहीं खुदरा महंगाई का अनुमान 4 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है।

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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