HEMKUND SAHIB YATRA 2025: धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के बीच, सिख श्रद्धालुओं का पहला जत्था 24 मई 2025 को श्री गोविन्दघाट गुरुद्वारा परिसर से पवित्र निशान साहिब के साथ हेमकुण्ड साहिब के लिए रवाना हुआ। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पंच प्यारे जत्थे की अगुवाई कर रहे थे, जिन्हें सिख परंपरा में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ देखा जाता है।श्रद्धालुओं की यह यात्रा भक्ति, जोश और अनुशासन से भरी रही।

HEMKUND SAHIB YATRA 2025: पूरे मार्ग पर कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था तैनात
जैसे ही जत्था रवाना हुआ, गुरबाणी की मधुर ध्वनि, बैण्ड बाजों की गूंज और “जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया। इस यात्रा को आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद फलदायी माना जाता है, जिसे हर वर्ष हज़ारों श्रद्धालु तय करते हैं। प्रशासन की ओर से पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए हैं। विशेष रूप से इस पहले जत्थे के साथ पूरे मार्ग पर कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था तैनात की गई है ताकि यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके।

तय कार्यक्रम के अनुसार, यह जत्था आज रात्रि घांघरिया गुरुद्वारे में विश्राम करेगा और 25 मई 2025 की सुबह श्री हेमकुण्ड साहिब के लिए अंतिम चरण की यात्रा शुरू करेगा। जैसे ही यह पहला जत्था हेमकुण्ड साहिब पहुंचेगा, उसी के बाद पारंपरिक धार्मिक विधियों के साथ गुरुद्वारे के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ विधिवत रूप से खोल दिए जाएंगे। इस यात्रा की शुरुआत हर वर्ष विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह केवल आध्यात्मिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी समुदाय के लिए गौरव का विषय होती है।

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