CHAR DHAM YATRA 2025: 30 अप्रैल से शुरू होने जा रही है। इस बार यात्रा को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए हैं। केदारनाथ-बद्रीनाथ पंडा समाज ने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसरों और वीडियो रील बनाने वालों की मंदिर परिसर में एंट्री पर रोक लगाने की घोषणा की है। यह निर्णय इसलिए लिया गया है क्योंकि पिछले साल सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाने वालों की वजह से मंदिरों और यात्रा मार्ग में अव्यवस्था फैल गई थी।

CHAR DHAM YATRA 2025 में कैमरा ऑन करने की अनुमति नहीं
बीते साल केदारनाथ धाम में समुद्र तल से 12 हजार फीट की ऊंचाई पर सिर्फ वीडियो बनाने के लिए ढोल-नगाड़ों का शोर किया जा रहा था, जिससे वहां की प्राकृतिक शांति भंग हो रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार किसी को भी कैमरा ऑन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई श्रद्धालु ऐसा करता पाया गया तो उसे बिना दर्शन कराए लौटा दिया जाएगा। चारधाम यात्रा के दौरान इस बार पैसे देकर VIP दर्शन करने की सुविधा भी पूरी तरह से बंद कर दी गई है।

10 जगहों पर होल्डिंग स्थल बनाए गए
यात्रा के सुरक्षित संचालन के लिए प्रशासन ने कई नए कदम उठाए हैं। खराब मौसम और विपरीत हालात में यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए 10 जगहों पर होल्डिंग स्थल बनाए गए हैं। यह स्थल हरिद्वार, ऋषिकेश, ब्यासी, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, हरबटपुर, विकासनगर, बड़कोट और भटवाड़ी में होंगे। अक्षय तृतीया यानी 30 अप्रैल को चारधाम यात्रा की शुरुआत होगी। इस दिन सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसके बाद 2 मई को केदारनाथ धाम और 4 मई को बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे।

CHAR DHAM YATRA 2025 के लिए अब तक 9 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा पौने तीन लाख लोगों ने केदारनाथ धाम के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। बद्रीनाथ धाम के लिए 2.24 लाख, यमुनोत्री के लिए 1.34 लाख, गंगोत्री के लिए 1.38 लाख और हेमकुंड साहिब के लिए 8 हजार श्रद्धालु पंजीकृत हो चुके हैं। यात्रा शुरू होने के बाद हरिद्वार और ऋषिकेश में ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की भी सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे जो श्रद्धालु ऑनलाइन पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वे ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कर यात्रा कर सकेंगे।

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