MAHAKUMBH 2025: प्रयागराज में महाकुंभ 2025 की भव्यता के बीच सोमवार को देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई। उन्होंने संगम स्नान से पहले गंगा पूजन किया, भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया और आरती उतारी। राष्ट्रपति के साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहीं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हेलिकॉप्टर सोमवार सुबह 9:30 बजे प्रयागराज के बमरौली एयरपोर्ट पर लैंड हुआ, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद राष्ट्रपति अरैल घाट पहुंचीं और वहां से क्रूज के जरिए संगम स्थल गईं।

MAHAKUMBH 2025: विधिवत पूजन और आरती भी की
संगम पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले पूर्ण आस्था के साथ जल को स्पर्श किया और आशीर्वाद लिया। फिर, पवित्र जल में पुष्प, माला और नारियल अर्पित कर राष्ट्र की समृद्धि और शांति की प्रार्थना की। इसके बाद उन्होंने भगवान सूर्य की आराधना करते हुए अर्घ्य दिया और पूरी श्रद्धा के साथ संगम में तीन बार डुबकी लगाई। स्नान के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने संगम स्थल पर तीनों पावन नदियों – गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती की संयुक्त आरती भी की। वहां मौजूद तीर्थ पुरोहितों ने उन्हें कलावा बांधकर अभिनंदन किया।

अक्षयवट और लेटे हनुमान मंदिर के किए दर्शन
संगम स्नान के बाद राष्ट्रपति लेटे हनुमान मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने दर्शन-पूजन किया। इसके बाद उन्होंने अक्षयवट के भी दर्शन किए। राष्ट्रपति मुर्मू प्रयागराज में पूरे दिन धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेंगी और शाम 4 बजे तक यहां रुकेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश की दूसरी राष्ट्रपति बनीं जिन्होंने महाकुंभ में संगम स्नान किया। इससे पहले, 1954 में देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने भी महाकुंभ में संगम स्नान किया था। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उन्हें महाकुंभ की तैयारियों और इससे जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में संगम में लगाई डुबकी, किया गंगा पूजन
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