RBI POLICY: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने आज अपनी पांचवीं द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में कई अहम फैसले लिए। गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि रेपो रेट में लगातार 11वीं बार कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह दर 6.5% पर स्थिर रखी गई है। इसके साथ ही आरबीआई ने कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में 50 बेसिस प्वॉइंट की कटौती का एलान किया, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ने और इकोनॉमी को बूस्ट मिलने की उम्मीद है।

RBI POLICY: रेपो रेट स्थिर, EMI में नहीं होगा बदलाव
रेपो रेट वह ब्याज दर है, जिस पर कमर्शियल बैंक अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए आरबीआई से कर्ज लेते हैं। इस दर में बदलाव न होने से होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ईएमआई में फिलहाल कोई बदलाव नहीं होगा। आरबीआई ने कहा कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखना और आर्थिक स्थिरता बनाए रखना प्राथमिकता है। आरबीआई ने कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) को 4.5% से घटाकर 4% करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से बैंकों के पास अधिक फंड उपलब्ध होगा, जिससे वे ज्यादा लोन दे सकेंगे। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी।

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर का अनुमान 7.2% से घटाकर 6.6% कर दिया है। वहीं, महंगाई दर का अनुमान 4.5% से बढ़ाकर 4.8% किया गया है। यह दर्शाता है कि महंगाई अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने नीतिगत रुख को तटस्थ बनाए रखने का फैसला किया है। गवर्नर दास ने बताया कि समिति के 6 में से 4 सदस्यों ने रेपो रेट को स्थिर रखने के पक्ष में मतदान किया, जबकि 2 सदस्य कटौती के पक्ष में थे।(RBI POLICY)

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