KUNAL KAMRA: मुंबई उच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए संशोधित आईटी नियमों को असंवैधानिक करार दिया है, जिससे सरकार को बड़ा झटका लगा है। इन नियमों के तहत सरकार को सोशल मीडिया और ऑनलाइन सामग्री पर निगरानी रखने का अधिकार था, जिसके जरिए तथ्यों को गलत, भ्रामक या असत्य बताकर हटाया जा सकता था। आज न्यायमूर्ति अतुल चांदुरकर ने अपने निर्णय में कहा कि संशोधित आईटी नियम असंवैधानिक और अवैध हैं।

KUNAL KAMRA: क्या है आईटी कानून में संशोधन
बता दें कि केंद्र सरकार ने 6 अप्रैल 2023 को आईटी कानून में संशोधन किया था, जिसमें एक सत्यापन समिति के गठन की बात थी जो यह निर्धारित करती कि सरकार विरोधी सामग्री गलत या भ्रामक है या नहीं। अगर समिति किसी सामग्री को हटाने या उसमें संशोधन करने का आदेश देती, तो सोशल मीडिया कंपनियों को उसका पालन करना आवश्यक होता नहीं तो उन्हें कानूनी संरक्षण से वंचित किया जा सकता था।

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कॉमेडियन कुणाल कामरा ने इन संशोधित नियमों को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले के रूप में देखते हुए याचिका दाखिल की थी। उनके साथ एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया और अन्य मीडिया संगठनों ने भी अपनी याचिकाएं दाखिल की थीं। जनवरी में न्यायालय में इस पर सुनवाई के दौरान दो जजों की राय अलग-अलग थी, जिसके बाद यह मामला न्यायमूर्ति चांदुरकर के पास भेजा गया, जिन्होंने आज फैसला सुनाया। इस फैसले से सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स जैसे यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर को राहत मिली है, क्योंकि इन संशोधनों के चलते उनके संचालन पर सख्त प्रतिबंधों की आशंका जताई जा रही थी।
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