तेलंगाना के खम्मम जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक घटना सामने आई है। यहां बाढ़ के पानी में फंसे मछुआरों को बचाने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान दो नावें अचानक पलट गईं। इस हादसे में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और दमकल विभाग के करीब 10 कर्मचारी लापता हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रशासन ने लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमों को भी राहत एवं बचाव कार्य में लगाया गया है।
बेथुपल्ली झील में कैसे हुआ हादसा?
मछुआरों को बचाने पहुंची थी रेस्क्यू टीम
यह घटना बुधवार, 4 नवंबर 2026 की शाम तेलंगाना के खम्मम जिले के साथुपल्ली मंडल स्थित बेथुपल्ली झील में हुई। जानकारी के मुताबिक, भारी बारिश और चक्रवाती मौसम के कारण झील का जलस्तर अचानक बढ़ गया था। पानी का बहाव काफी तेज हो गया था।
बताया जा रहा है कि पांच मछुआरे मछली पकड़ने के जाल लगाने के लिए झील के बांध के पास गए थे। इसी दौरान पानी का स्तर तेजी से बढ़ गया और वे बाढ़ के पानी के बीच फंस गए। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन को सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद SDRF और दमकल विभाग की टीमें दो नावों के साथ मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया।
तेज बहाव में पलटीं दोनों नावें
10 कर्मचारी हुए लापता
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बचाव अभियान में कोठागुडेम से SDRF के छह जवान और दमकल विभाग के चार कर्मचारी शामिल थे। ये सभी दो नावों में सवार होकर झील में फंसे लोगों को बचाने पहुंचे थे।
रेस्क्यू ऑपरेशन के शुरुआती चरण में कुछ लोगों को सुरक्षित निकालने में सफलता मिली। हालांकि, जब बचाव दल बाकी फंसे हुए लोगों की मदद के लिए आगे बढ़ा, तभी अचानक दोनों नावें पलट गईं।
नावों के पलटने के बाद उनमें सवार करीब 10 SDRF और दमकलकर्मी लापता हो गए। आशंका जताई जा रही है कि तेज पानी के बहाव और झील में मौजूद मछली पकड़ने के जाल के कारण नावें अपना संतुलन खो बैठीं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
लापता कर्मचारियों की तलाश में सर्च ऑपरेशन
NDRF और SDRF की टीमें जुटीं
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। लापता कर्मचारियों को खोजने के लिए गोताखोरों और अतिरिक्त बचाव दलों की मदद ली जा रही है।
भद्राचलम से SDRF की एक अन्य टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और तलाशी अभियान में शामिल हुई। इसके अलावा NDRF की टीमों को भी बचाव कार्य में लगाया गया है।
हालांकि, लगातार खराब मौसम, तेज पानी का बहाव और कम दृश्यता के कारण बचाव अभियान में काफी मुश्किलें आ रही हैं। इसके बावजूद प्रशासन की टीमें लापता कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश
सरकार लगातार स्थिति पर रख रही नजर
तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने इस घटना पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने खम्मम के जिला कलेक्टर को निर्देश दिया है कि लापता कर्मचारियों की तलाश के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएं।
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव संजय जाजू को भी पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखने और बचाव अभियान में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
वहीं, राज्य के राजस्व मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने जानकारी दी कि बचाव दल ने लापता SDRF कर्मचारियों की संभावित लोकेशन का पता लगाया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने भी घटना पर चिंता व्यक्त की और बताया कि केंद्र सरकार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने NDRF की टीमों की तैनाती और बचाव कार्यों के लिए समन्वय की जानकारी दी।
भारी बारिश और चक्रवाती मौसम बना बड़ी चुनौती
कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात
खम्मम जिले में चक्रवाती मौसम के प्रभाव और लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ा हुआ है। बेथुपल्ली झील से निकलने वाला पानी आसपास के इलाकों में भी पहुंचा है।
रिपोर्टों के अनुसार, वेश्यकंथला टैंक में पानी बढ़ने से पास स्थित डबल-बेडरूम आवासीय परिसर में भी पानी घुस गया। कुछ आवासों की पहली मंजिल तक पानी पहुंचने की सूचना मिली। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत केंद्रों में पहुंचाया।
आगे और समाचार पढ़े:
- दिल्ली में दमघोंटू हुई हवा: सांस लेना भी हुआ मुश्किल, गंभीर श्रेणी की ओर बढ़ा AQI; पराली जलाने का योगदान 16.2% तक पहुंचा
- आयुष्मान खुराना को मिली जान से मारने की धमकी! लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मांगे करोड़ों रुपये, मुंबई पुलिस जांच में जुटी
बचाव अभियान पर पूरे देश की नजर
जवानों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद
इस हादसे ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों में आने वाली चुनौतियों को सामने ला दिया है। अपनी जान जोखिम में डालकर दूसरों की जिंदगी बचाने वाले SDRF और दमकल विभाग के कर्मचारियों का लापता होना बेहद गंभीर मामला है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता सभी लापता कर्मचारियों का पता लगाना और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है। खराब मौसम और पानी के तेज बहाव के बावजूद बचाव टीमें लगातार अभियान चला रही हैं।
देशभर के लोग इन जवानों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें बेथुपल्ली झील में चल रहे सर्च ऑपरेशन और प्रशासन की अगली आधिकारिक जानकारी पर टिकी हुई हैं।

