QR Code Fraud आज ऑनलाइन पेमेंट से जुड़ी सबसे आम ठगी बन गई है, क्योंकि एक छोटा सा स्कैन और 4 या 6 अंकों का UPI PIN डालते ही खाते से पैसा निकल जाता है। ऊपर से अब ठग AI की मदद से नकली पेमेंट स्क्रीनशॉट, फर्जी वेबसाइट और असली जैसे दिखने वाले मैसेज बनाकर लोगों को और आसानी से फंसा रहे हैं। दुकानदार हों या आम ग्राहक, दोनों इसके शिकार हो रहे हैं। इस गाइड में जानिए कि यह ठगी कैसे होती है और पैसे भेजने से पहले किन बातों की जांच जरूरी है।
QR कोड से ठगी कैसे होती है?
सबसे आम तरीका है “पैसे पाने के लिए QR स्कैन करें” वाला झांसा। OLX या किसी ऑनलाइन बाजार पर सामान बेचने वाले को खरीदार बनकर ठग एक QR कोड भेजते हैं और कहते हैं कि इसे स्कैन करके PIN डालने पर पैसा आ जाएगा। असल में वह QR पैसे भेजने का होता है, लेने का नहीं। जैसे ही PIN डाला जाता है, पैसा आपके खाते से कट जाता है।
QR Code Fraud के नए और खतरनाक तरीके
दुकानों, पेट्रोल पंप, पार्किंग और मंदिरों पर लगे असली QR कोड के ऊपर रात में नकली QR का स्टीकर चिपका दिया जाता है। मध्य प्रदेश के खजुराहो में ठगों ने एक साथ कई दुकानों के QR कोड इसी तरह बदल दिए थे, ताकि ग्राहकों का पैसा उनके खाते में जाए।
ईमेल, पार्सल या बिजली बिल के नाम पर भी QR कोड भेजे जाते हैं, जो स्कैन करने पर नकली वेबसाइट खोलते हैं और बैंक या कार्ड की जानकारी मांगते हैं। इसे “क्विशिंग” भी कहा जाता है।
AI से कैसे बढ़ रहा है QR Code Fraud?
QR Code Fraud का सबसे नया रूप AI से जुड़ा है। AI टूल्स से अब किसी भी UPI ऐप का बिल्कुल असली जैसा “पेमेंट सफल” स्क्रीनशॉट कुछ सेकंड में बन जाता है। ठग दुकानदार को यह स्क्रीनशॉट दिखाकर सामान ले जाते हैं, जबकि खाते में कोई पैसा आता ही नहीं।
AI से बनी नकली शॉपिंग वेबसाइट, सस्ते ऑफर वाले विज्ञापन और किसी रिश्तेदार की नकली आवाज में “जल्दी पैसे भेज दो” वाले कॉल भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें भी आखिर में एक QR कोड या UPI आईडी भेजकर पैसा मंगवाया जाता है।
पैसे भेजने से पहले क्या जांचें?
QR Code Fraud से बचने का सबसे बड़ा नियम याद रखें: पैसे लेने के लिए कभी भी QR स्कैन करने या UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती। PIN सिर्फ पैसे भेजने के लिए डाला जाता है। स्कैन करने के बाद ऐप में दिख रहा पाने वाले का नाम ध्यान से पढ़ें। अगर दुकान का नाम “शर्मा जनरल स्टोर” है और ऐप में किसी अनजान व्यक्ति का नाम दिख रहा है, तो पेमेंट न करें।
रकम दोबारा जांचें, क्योंकि कुछ नकली QR में पहले से बड़ी रकम भरी होती है। दुकान पर लगे QR के ऊपर कोई अलग स्टीकर चिपका दिखे, तो दुकानदार से पूछ लें। किसी अनजान ईमेल, मैसेज या पोस्टर पर छपे QR कोड को स्कैन करके खुलने वाली वेबसाइट पर बैंक या कार्ड की जानकारी कभी न भरें।
दुकानदार कैसे बचें?
दुकानदारों के लिए QR Code Fraud से बचने का पहला नियम है कि ग्राहक का दिखाया स्क्रीनशॉट कभी भरोसे का सबूत न मानें। हमेशा अपने बैंक ऐप, UPI ऐप या साउंडबॉक्स पर पैसा आने की पुष्टि करने के बाद ही सामान दें।

अपने QR स्टैंड या स्टीकर को रोज सुबह जांच लें कि उस पर कोई दूसरा स्टीकर तो नहीं चिपका। साउंडबॉक्स से हर पेमेंट की आवाज वाली पुष्टि QR Code Fraud रोकने में काफी मदद करती है।
नियमों में हुआ बड़ा बदलाव
ठगी कम करने के लिए NPCI ने 1 अक्टूबर 2025 से UPI पर एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भेजी जाने वाली “कलेक्ट रिक्वेस्ट” यानी पैसे मांगने वाली रिक्वेस्ट बंद कर दी है। इसलिए अब कोई आम व्यक्ति आपको UPI पर पैसे मांगने की रिक्वेस्ट नहीं भेज सकता। ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर कॉल करें और बैंक को सूचना दें। जल्दी शिकायत करने पर पैसा रुकवाने की संभावना बढ़ जाती है।
ऑनलाइन पेमेंट और साइबर सुरक्षा से जुड़ी ये रिपोर्ट भी पढ़ें: AI Phishing Scam से कैसे सुरक्षित रखें अपनी कमाई, Digital Wallet क्या है और कहां ज्यादा सुरक्षित है पैसा? और VPN से ऑनलाइन बैंकिंग और UPI कितना सुरक्षित है?
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. क्या पैसे लेने के लिए QR कोड स्कैन करना पड़ता है?
नहीं, पैसे लेने के लिए न तो QR स्कैन करना होता है और न ही UPI PIN डालना होता है। ऐसा कहने वाला व्यक्ति ठग हो सकता है।
2. QR Code Fraud में असली और नकली QR की पहचान कैसे करें?
स्कैन करने के बाद ऐप में दिखने वाला नाम और रकम जांचें। नाम मेल न खाए या रकम पहले से भरी हो, तो पेमेंट न करें।
3. QR Code Fraud हो जाए तो शिकायत कहां करें?
तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें, अपने बैंक को सूचना दें और cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
4. UPI सुरक्षा से जुड़े आधिकारिक नियम कहां देखें?
UPI से जुड़े नए नियम और सुरक्षा सलाह NPCI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

