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देशद्रोह का कृत्य’: फारूख अब्दुल्ला के बयान पर भाजपा का तीखा हमला, पाकिस्तान को बताया कश्मीर का दुश्मन

जम्मू-कश्मीर की रा में नेशनल कॉन्फ्रेंस  फारुख अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। अब्दुल्ला ने कथित तौर पर कहा कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कश्मीर का मुद्दा उठाकर कश्मीरियों की पहचान और उनके हितों की रक्षा कर रहा है। उनके इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

 भाजपा ने बताया ‘देशद्रोह का कृत्य’

भाजपा नेता रविंदर रैना ने फारूक अब्दुल्ला के बयान की आलोचना करते हुए इसे ‘देशद्रोह का कृत्य’ करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने दशकों से जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा दिया है और निर्दोष लोगों की जान जाने के लिए जिम्मेदार रहा है।

भाजपा नेताओं का कहना है कि जिस देश पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं, उसे कश्मीरियों का हितैषी बताना उचित नहीं है। पार्टी ने अब्दुल्ला के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई और उनसे जवाबदेही की मांग की।

 फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर भी उठाए सवालफारुख

फारूक अब्दुल्ला ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के लोगों से अपने अधिकारों और पहचान के लिए आवाज उठाने की अपील की।

उनकी टिप्पणी के अनुसार, कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने के पाकिस्तान के प्रयासों से भारत पर दबाव बनता है। हालांकि, उनके बयान को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।

 भाजपा नेताओं ने की कड़ी कार्रवाई की मांग

भाजपा के अन्य नेताओं ने भी अब्दुल्ला की टिप्पणी को देश की एकता और अखंडता के खिलाफ बताते हुए उनकी आलोचना की। कुछ नेताओं ने उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और उनके बयान पर कार्रवाई करने की मांग की।

भाजपा का तर्क है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के इतिहास और पाकिस्तान की भूमिका को देखते हुए इस तरह की टिप्पणी गंभीर सवाल खड़े करती है।

 कांग्रेस ने भी बयान से जताई असहमति

फारूक अब्दुल्ला के बयान पर कांग्रेस के कुछ नेताओं ने भी असहमति जताई। हालांकि, कांग्रेस ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने और वहां के लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं से जुड़े मुद्दों को भी उठाया।

इससे स्पष्ट है कि पाकिस्तान और कश्मीर के मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच बहस केवल भाजपा और नेशनल कॉन्फ्रेंस तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जम्मू-कश्मीर के भविष्य और शासन व्यवस्था से जुड़े सवाल भी शामिल हैं।

कश्मीर मुद्दे पर फिर तेज हुई राजनीतिक बहस

फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी ने जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान की भूमिका और केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। भाजपा ने जहां उनके बयान को राष्ट्रहित के खिलाफ बताया है, वहीं जम्मू-कश्मीर से जुड़े राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दों पर अलग-अलग दलों के बीच मतभेद सामने आए हैं।

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निष्कर्ष:

फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान संबंधी बयान पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया ने राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है। इस विवाद के केंद्र में पाकिस्तान की भूमिका, जम्मू-कश्मीर के लोगों के अधिकार और राष्ट्रीय हितों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के विचार हैं।

 

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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