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कैश फ्लो को मजबूत बनाने में ट्रेड क्रेडिट कैसे करता है मदद, आसान भाषा में समझें!

बिजनेस में माल अभी खरीदना और पैसे कुछ दिन बाद चुकाना, इसी सुविधा को Trade Credit कहा जाता है। भारत के बाजारों में इसे आम भाषा में उधारी या क्रेडिट पर माल लेना कहते हैं। किराना दुकान से लेकर बड़ी फैक्ट्री तक, लगभग हर कारोबार इसी के सहारे चलता है। सही तरीके से इस्तेमाल करने पर यह बिना ब्याज के पैसे जैसा काम करता है। लेकिन लापरवाही होने पर यही सुविधा कैश फ्लो की बड़ी परेशानी बन सकती है।

Trade Credit क्या होता है?

जब कोई सप्लायर अपने ग्राहक को माल या सेवा देता है और भुगतान के लिए 30, 45 या 60 दिन का समय देता है, तो इसे व्यापारिक उधार कहा जाता है। इसमें बैंक बीच में नहीं होता। यह सीधे खरीदार और बेचने वाले के बीच भरोसे और पुराने रिश्ते पर आधारित होता है। खरीदार की बैलेंस शीट में यह रकम Accounts Payable के रूप में दिखती है, जबकि सप्लायर की किताबों में यही रकम Accounts Receivable कहलाती है।

Trade Credit कैसे काम करता है?

मान लीजिए एक कपड़ा दुकानदार ने थोक व्यापारी से ₹1,00,000 का माल खरीदा। व्यापारी ने बिल पर लिखा कि भुगतान 30 दिन में करना है। दुकानदार इन 30 दिनों में माल बेचकर कमाई करता है और उसी पैसे से सप्लायर का भुगतान कर देता है। यानी उसे अपनी जेब से पहले पैसा लगाने की जरूरत ही नहीं पड़ी। कई सप्लायर जल्दी भुगतान पर छूट भी देते हैं।

जैसे 2/10 Net 30 का मतलब है कि 10 दिन में भुगतान करने पर 2% छूट मिलेगी, वरना पूरी रकम 30 दिन में देनी होगी। इस उदाहरण में 10 दिन में पैसे देने पर दुकानदार को सिर्फ ₹98,000 चुकाने होंगे। अगर उसके पास नकदी है, तो यह छूट लेना काफी फायदेमंद रहता है, क्योंकि इसे छोड़ना सालाना करीब 37% ब्याज देने जैसा पड़ता है।

बिजनेस को Trade Credit से क्या फायदे होते हैं?

बेहतर कैश फ्लो: माल बिकने से पहले पैसा नहीं देना पड़ता, इसलिए हाथ में नकदी बनी रहती है और रोज के खर्च आसानी से चलते हैं। बिना ब्याज की फंडिंग: तय समय के भीतर भुगतान करने पर कोई ब्याज नहीं लगता। बैंक लोन के मुकाबले यह कारोबार चलाने का सस्ता तरीका है। कागजी काम कम: इसमें गारंटी, लंबे दस्तावेज या बैंक की मंजूरी की जरूरत नहीं होती। अच्छे संबंध और समय पर भुगतान का रिकॉर्ड ही काफी है।

तेजी से विस्तार: त्योहार या सीजन में ज्यादा माल की जरूरत होने पर कारोबारी बिना अतिरिक्त पूंजी के स्टॉक बढ़ा सकते हैं। सप्लायर को भी लाभ: उधार देने वाले सप्लायर के ग्राहक बढ़ते हैं और उसकी बिक्री लगातार बनी रहती है।

किन जोखिमों का ध्यान रखें?

समय पर भुगतान न करने से सप्लायर के साथ रिश्ते खराब होते हैं और अगली बार Trade Credit की सुविधा बंद हो सकती है। कई सप्लायर देरी पर पेनल्टी या ब्याज लगाते हैं, जिससे माल महंगा पड़ जाता है। सप्लायर की तरफ से सबसे बड़ा खतरा पैसा फंसने का होता है। ज्यादा उधार देने पर उसकी अपनी वर्किंग कैपिटल कमजोर हो जाती है।

Trade Credit
Trade Credit

MSME के लिए भुगतान से जुड़े जरूरी नियम

MSMED Act 2006 के तहत अगर कोई खरीदार माइक्रो या स्मॉल एंटरप्राइज से माल लेता है, तो उसे लिखित समझौते के अनुसार अधिकतम 45 दिन में भुगतान करना होता है। कोई समझौता न हो, तो यह समय 15 दिन है। देरी होने पर खरीदार को RBI की बैंक दर के तीन गुना की दर से चक्रवृद्धि ब्याज देना पड़ सकता है।

आयकर कानून की धारा 43B(h) के अनुसार तय समय में भुगतान न होने पर खरीदार उस खर्च को अपने टैक्स में तभी घटा सकता है, जब वह असल में भुगतान कर दे। पैसा फंसने पर MSME अपने बिल TReDS प्लेटफॉर्म पर बेचकर जल्दी नकदी भी पा सकते हैं।

बिजनेस फाइनेंस से जुड़ी और जानकारी

कैश की कमी दूर करने के दूसरे विकल्प समझने के लिए हमारी गाइड Working Capital और Term Loan का अंतर पढ़ें। उधार पर माल लेने और देने से जुड़े दस्तावेजों के लिए Purchase Order क्यों जरूरी है और Invoice क्या है भी जरूर पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या Trade Credit पर ब्याज लगता है?

तय समय के भीतर भुगतान करने पर आमतौर पर कोई ब्याज नहीं लगता। देरी होने पर सप्लायर समझौते के अनुसार पेनल्टी या ब्याज ले सकता है।

2. Trade Credit में नए बिजनेस को उधार पर माल कैसे मिलता है?

शुरुआत में सप्लायर कम रकम और छोटी अवधि का उधार देते हैं। समय पर भुगतान करते रहने से भरोसा बढ़ता है और धीरे धीरे लिमिट भी बढ़ जाती है।

3. Trade Credit की अवधि कितनी होती है?

यह उद्योग और सप्लायर पर निर्भर करती है। ज्यादातर कारोबार में 15 से 90 दिन तक की अवधि देखी जाती है, लेकिन माइक्रो और स्मॉल एंटरप्राइज के मामले में कानून के अनुसार अधिकतम 45 दिन की सीमा लागू होती है।

4. MSME भुगतान में देरी की शिकायत कहां करें?

उद्यम रजिस्ट्रेशन वाले माइक्रो और स्मॉल कारोबारी सरकार के ऑनलाइन पोर्टल पर देरी से भुगतान की शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक Samadhaan पोर्टल पर जाएं।

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उपरोक्त Trade Credit की जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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