राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को एक बहुमंजिला इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली दमकल सेवा, दिल्ली पुलिस और अन्य राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी।
शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, हादसा सीमापुरी इलाके में मछली बाजार के पीछे हुआ। दिल्ली फायर सर्विस को दोपहर करीब 3:15 से 3:30 बजे के बीच इमारत गिरने की सूचना मिली। इसके बाद दमकल की कई गाड़ियां घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। अधिकारियों की निगरानी में राहत और बचाव अभियान जारी है।
मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका
हादसे के बाद शुरुआती जानकारी में कई लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई गई है। हालांकि, अभी तक प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कुल कितने लोग इमारत में मौजूद थे और कितने लोग वास्तव में मलबे में फंसे हैं।
कुछ स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में मदद की। एक रिपोर्ट के मुताबिक, दो बच्चों समेत चार लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। वहीं, कम से कम छह अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका बताई गई है। हालांकि, बचाव अभियान जारी रहने के कारण ये आंकड़े बदल सकते हैं।
दमकल और पुलिस की टीमें मौके पर
दिल्ली दमकल सेवा ने सूचना मिलते ही दमकल गाड़ियों को घटनास्थल पर भेजा। दिल्ली पुलिस, नगर निगम और सिविल डिफेंस की टीमें भी राहत कार्य में जुटी हैं। बचावकर्मी मलबे को सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और मलबे में लोगों के फंसे होने की संभावना को देखते हुए अभियान चलाया जा रहा है। हादसे के कारण इमारत के आसपास बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए, जिससे बचाव दलों के लिए रास्ता खाली रखना भी चुनौती बन गया।
इमारत की मंजिलों की संख्या पर अलग-अलग रिपोर्ट
घटना को लेकर शुरुआती रिपोर्टों में इमारत की ऊंचाई को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। कुछ मीडिया रिपोर्टों में इसे तीन मंजिला बताया गया है, जबकि अन्य रिपोर्टों में चार या पांच मंजिला इमारत का उल्लेख है। इसलिए प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि होने तक इमारत की सटीक मंजिल संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
कुछ रिपोर्टों के अनुसार, इमारत के निचले हिस्से में दुकानें और ऊपर आवासीय मंजिलें थीं। हादसे के बाद आसपास के कुछ हिस्सों को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, नुकसान की पूरी सीमा का आकलन बचाव अभियान पूरा होने के बाद ही हो सकेगा।
हालिया भूकंप के बाद दरारों की भी चर्चा
स्थानीय लोगों के हवाले से सामने आई कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि हाल में आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। स्थानीय स्तर पर यह आशंका जताई जा रही है कि संरचना कमजोर होने के कारण हादसा हुआ हो सकता है।
हालांकि, इमारत गिरने की वास्तविक वजह अभी आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की जांच जरूरी होगी।
ट्रैफिक पर भी पड़ा असर
हादसे के बाद सीमापुरी इलाके में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों को लेकर लोगों को सतर्क किया है।
वाहन चालकों से प्रभावित मार्गों से बचने और घटनास्थल के आसपास वाहन खड़ा नहीं करने की अपील की गई है। लोगों से यह भी कहा गया है कि वे राहत और बचाव वाहनों की आवाजाही के लिए रास्ता खाली रखें।
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एक महीने में दिल्ली में दूसरा बड़ा भवन हादसा
सीमापुरी की यह घटना ऐसे समय हुई है जब दिल्ली में करीब एक महीने पहले दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हुई थी। उस हादसे के बाद राजधानी में खतरनाक इमारतों, अनधिकृत निर्माण और भवन सुरक्षा नियमों को लेकर कार्रवाई तेज करने की बात सामने आई थी।
फिलहाल सीमापुरी में सबसे बड़ी प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। प्रशासन की ओर से जैसे-जैसे बचाव अभियान के बाद आधिकारिक जानकारी सामने आएगी, मृतकों, घायलों और लापता लोगों की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

