Forex Markup Charges वह अतिरिक्त शुल्क है, जो बैंक आपके डेबिट या क्रेडिट कार्ड से विदेशी मुद्रा में किए गए हर लेनदेन पर लेते हैं। विदेश यात्रा में होटल, खाना या शॉपिंग हो या भारत में बैठकर किसी इंटरनेशनल वेबसाइट से सब्सक्रिप्शन लेना, यह चार्ज चुपचाप आपके बिल में जुड़ जाता है।
ज्यादातर लोगों को इसका पता तब चलता है, जब स्टेटमेंट में रकम उम्मीद से ज्यादा दिखती है। इस लेख में जानिए यह चार्ज क्या है, कितना लगता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
Forex Markup Charges क्या हैं?
जब आप डॉलर, यूरो या किसी दूसरी विदेशी मुद्रा में भुगतान करते हैं, तो कार्ड नेटवर्क उस रकम को रुपये में बदलता है। इस बदलाव पर बैंक अपनी ओर से एक प्रतिशत के रूप में अतिरिक्त शुल्क जोड़ता है, जिसे फॉरेक्स मार्कअप कहा जाता है।
ज्यादातर कार्ड पर Forex Markup Charges 1.5 से 3.5 प्रतिशत के बीच होते हैं। इसके ऊपर 18 प्रतिशत जीएसटी अलग से लगता है, इसलिए असली खर्च इससे भी ज्यादा हो जाता है।
एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपने विदेश में 500 डॉलर की खरीदारी की और उस दिन एक डॉलर की कीमत 85 रुपये थी। यानी मूल रकम 42,500 रुपये बनी।
अगर आपके कार्ड पर 3.5 प्रतिशत मार्कअप है, तो करीब 1,488 रुपये का चार्ज लगेगा। इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी यानी करीब 268 रुपये और जुड़ेंगे। इस तरह सिर्फ एक खरीदारी पर लगभग 1,750 रुपये अतिरिक्त खर्च हो गए। यह उदाहरण समझाने के लिए है, असली दर और शुल्क आपके बैंक पर निर्भर करते हैं।
भारत में बैठे भी लग सकता है यह चार्ज
Forex Markup Charges सिर्फ विदेश यात्रा तक सीमित नहीं हैं। विदेशी सॉफ्टवेयर, ऐप, ऑनलाइन कोर्स, स्ट्रीमिंग सब्सक्रिप्शन या इंटरनेशनल शॉपिंग वेबसाइट से डॉलर में भुगतान करने पर भी यह शुल्क लगता है।
कई बार वेबसाइट कीमत रुपये में दिखाती है, लेकिन अगर कंपनी भारत से बाहर रजिस्टर्ड है, तो कई बैंक इसे अंतरराष्ट्रीय लेनदेन मानकर शुल्क लगा देते हैं। इसलिए विदेशी कंपनी को भुगतान करने से पहले अपने बैंक की शर्तें जरूर देख लें।
डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन का जाल
विदेश में कई दुकानें और एटीएम आपसे पूछते हैं कि भुगतान स्थानीय मुद्रा में करना है या रुपये में। रुपये का विकल्प सुविधाजनक लगता है, लेकिन इसमें विनिमय दर आमतौर पर काफी खराब होती है।
इसे डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन कहा जाता है। ऐसे में ज्यादातर मामलों में स्थानीय मुद्रा चुनना ही सस्ता पड़ता है, क्योंकि कई बार रुपये में भुगतान करने पर भी बैंक के Forex Markup Charges अलग से लग जाते हैं।
इन चार्ज से कैसे बचें?
कम या जीरो मार्कअप वाला कार्ड चुनें
कई बैंक और कार्ड खास तौर पर यात्रियों के लिए बहुत कम या शून्य Forex Markup Charges रखते हैं। अगर आप अक्सर विदेश जाते हैं या डॉलर में भुगतान करते हैं, तो ऐसा कार्ड रखना फायदेमंद है।
प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड का इस्तेमाल
यात्रा से पहले प्रीपेड फॉरेक्स कार्ड में विदेशी मुद्रा लोड करके आप उस दिन की दर पहले ही तय कर सकते हैं। इसमें मार्कअप आमतौर पर सामान्य कार्ड से कम होता है और विनिमय दर के उतार चढ़ाव का डर नहीं रहता।
क्रेडिट कार्ड से कैश निकालने से बचें
विदेश में क्रेडिट कार्ड से एटीएम से पैसे निकालने पर Forex Markup Charges के साथ कैश निकासी शुल्क और पहले दिन से ब्याज भी लगता है। जरूरत हो तो फॉरेक्स कार्ड या डेबिट कार्ड बेहतर विकल्प हैं।
यात्रा से पहले अपने कार्ड पर अंतरराष्ट्रीय लेनदेन चालू करें और सुरक्षा के लिए लेनदेन की सीमा भी तय कर लें। हर विदेशी खर्च का एसएमएस और स्टेटमेंट ध्यान से जांचें, ताकि Forex Markup Charges समेत हर शुल्क की जानकारी आपके पास रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- क्या डेबिट कार्ड पर भी फॉरेक्स मार्कअप लगता है?
हां, Forex Markup Charges डेबिट और क्रेडिट दोनों कार्ड पर लगते हैं। इनकी दर बैंक और कार्ड के हिसाब से अलग होती है। - अपने कार्ड का मार्कअप कैसे पता करें?
Forex Markup Charges की दर जानने के लिए कार्ड की “मोस्ट इम्पोर्टेंट टर्म्स एंड कंडीशंस” या बैंक की वेबसाइट पर शुल्क की सूची देखें। - क्या इंटरनेशनल रिफंड पर मार्कअप वापस मिलता है?
यह बैंक की नीति पर निर्भर करता है। कई बार रिफंड उस दिन की दर पर आता है और मार्कअप वापस नहीं होता, इसलिए रकम कुछ कम मिल सकती है। - विदेशी मुद्रा से जुड़े आधिकारिक नियम कहां पढ़ें?
विदेशी मुद्रा और कार्ड लेनदेन से जुड़े दिशानिर्देश भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।
आगे और समाचार पढ़े:
क्रेडिट कार्ड से जुड़ी ये जानकारियां भी पढ़ें: क्रेडिट कार्ड से कैश निकालना क्यों पड़ता है महंगा, 50 दिन तक ब्याज मुक्त खरीदारी का फॉर्मूला और क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट्स का सही इस्तेमाल।
इसके अलावा ये बड़ी खबरें भी पढ़ें:
पंजाब बॉर्डर पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम, तरनतारन में BSF ने 2 पाकिस्तानी घुसपैठियों को मार गिराया
Inactive और Dormant बैंक अकाउंट में क्या होता है अंतर? आसान भाषा में समझें!
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। अपने कार्ड के सटीक शुल्क बैंक से जरूर जांचें।

