केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने 7.8 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर हासिल की है। ग्रेटर नोएडा में UP International Trade Show 2026 के उद्घाटन के दौरान उन्होंने भारत की आर्थिक मजबूती, मैन्युफैक्चरिंग और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विस्तार को रेखांकित किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को ग्रेटर नोएडा में आयोजित Uttar Pradesh International Trade Show (UPITS) 2026 में भारत की आर्थिक वृद्धि को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दुनिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने अपनी विकास दर को बनाए रखा है और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत GDP growth दर्ज की है।
शाह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था ने न केवल वैश्विक चुनौतियों का सामना किया, बल्कि विकास की रफ्तार भी कायम रखी। उन्होंने हाल में अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की ओर से भारत के विकास अनुमान और रेटिंग में किए गए बदलावों का भी उल्लेख किया।
अमित शाह ने 7.8% GDP ग्रोथ को बताया आर्थिक मजबूती का संकेत
अप्रैल-जून 2026 तिमाही में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.8 प्रतिशत रही। यह आंकड़ा उस अवधि में अर्थव्यवस्था की मजबूत गतिविधियों को दर्शाता है। अमित शाह ने इसी आंकड़े का हवाला देते हुए कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारत की आर्थिक गति बनी हुई है।
उन्होंने Moody’s द्वारा भारत के वित्त वर्ष 2026-27 के विकास अनुमान को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत किए जाने का भी उल्लेख किया। साथ ही जापान क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (JCR) द्वारा भारत की दीर्घकालिक विदेशी और स्थानीय मुद्रा रेटिंग को BBB+ से बढ़ाकर A- किए जाने की ओर भी ध्यान दिलाया।
हालांकि आर्थिक विशेषज्ञों के बीच भारत की वृद्धि के आंकड़ों, महंगाई, ऊर्जा कीमतों और वैश्विक जोखिमों को लेकर अलग-अलग आकलन मौजूद हैं। मौजूदा तिमाही की मजबूत वृद्धि के बावजूद आने वाले समय में कच्चे तेल की कीमतें, खाद्य महंगाई और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां आर्थिक प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।
‘डेड इकोनॉमी’ वाले बयान पर शाह का पलटवार
UPITS में अमित शाह ने भारत की अर्थव्यवस्था को कमजोर बताने वाली आलोचनाओं पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ लोग अभी भी भारत को “डेड इकोनॉमी” मानते हैं और ऐसे लोगों की सोच ही “डेड” है, इसलिए वे अर्थव्यवस्था में हो रही गतिविधियों को नहीं देख पा रहे हैं।
शाह ने सरकार के पूंजीगत खर्च, GST संग्रह, सेमीकंडक्टर निवेश और विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों को आर्थिक विस्तार के उदाहरण के तौर पर पेश किया।
अमित शाह का उत्तर प्रदेश को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने पर जोर
अमित शाह के भाषण का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमता पर केंद्रित रहा। उन्होंने कहा कि राज्य निवेश, उद्योग और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है।
उन्होंने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे, हाईवे और बेहतर कनेक्टिविटी जैसी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनसे राज्य का औद्योगिक परिदृश्य बदल रहा है।
इस साल UP International Trade Show में 2,400 से अधिक प्रदर्शक हिस्सा ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार 600 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खरीदार करीब 90 देशों से पहुंचे हैं। आयोजन में राज्य के MSME, पारंपरिक उद्योग, निर्यातक और बड़े औद्योगिक क्षेत्र अपने उत्पाद और क्षमताएं प्रदर्शित कर रहे हैं।
अमित शाह ने डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को बताया बड़ी उपलब्धि
शाह ने उत्तर प्रदेश के Defence Industrial Corridor को राज्य की बदलती औद्योगिक पहचान का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम और अमेठी में AK-203 राइफलों का निर्माण हो रहा है।
उन्होंने देश के रक्षा उत्पादन का भी जिक्र किया। सरकार के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन रिकॉर्ड ₹1.78 लाख करोड़ तक पहुंचा और रक्षा निर्यात ₹38,424 करोड़ रहा। उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर में अप्रैल 2026 तक ₹42,057 करोड़ के निवेश प्रस्ताव दर्ज किए गए थे।
अमित शाह का ODOP से स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने का दावा
अमित शाह ने One District One Product (ODOP) योजना को भी रोजगार और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा देने वाला माध्यम बताया। उनका कहना था कि इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार मिला और राज्य में रोजगार के अवसर बढ़े।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी UPITS के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश के पारंपरिक उद्योगों को ODOP के माध्यम से नई पहचान मिली है और राज्य के निर्यात में भी वृद्धि हुई है।
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भारत की नजर 2047 के लक्ष्य पर
अमित शाह ने अपने संबोधन में भारत के दीर्घकालिक Viksit Bharat@2047 लक्ष्य का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मैन्युफैक्चरिंग, निर्यात, सेमीकंडक्टर और रक्षा उत्पादन में विस्तार इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
UPITS 2026 ऐसे समय आयोजित हो रहा है जब भारत वैश्विक व्यापार में नए बाजार तलाश रहा है और कई देशों के साथ व्यापार समझौतों के जरिए निर्यात के अवसर बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में सरकार के लिए उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य को विनिर्माण और निर्यात के केंद्र के रूप में विकसित करना आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा है।

