मिजोरम के कोलासिब जिले में छुट्टी पर अपने घर लौट रहे असम रेजिमेंट के एक जवान की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, 29 वर्षीय जवान जकारिया लालह्रियाटलुआंगा जम्मू-कश्मीर में तैनात थे और छुट्टी लेकर अपने पैतृक गांव न्यू बुइलुम लौट रहे थे। रास्ते में एक मामूली यातायात विवाद के बाद कथित तौर पर युवकों के एक समूह से झड़प हुई, जिसमें जवान की जान चली गई। मामले में पुलिस ने एक महिला और दो नाबालिगों समेत कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है।
जम्मू-कश्मीर से छुट्टी लेकर घर लौट रहे थे असम के जवान
पुलिस के मुताबिक, जकारिया लालह्रियाटलुआंगा असम रेजिमेंट में तैनात थे और उनकी पोस्टिंग जम्मू-कश्मीर में थी। वह छुट्टी पर अपने गृह क्षेत्र कोलासिब स्थित न्यू बुइलुम गांव लौट रहे थे। रविवार को वह लेंगपुई एयरपोर्ट पहुंचे थे, जहां उनके दोस्त जॉन लालतानपुइया उन्हें लेने पहुंचे।
इसके बाद दोनों एक ट्रक से कोलासिब की ओर रवाना हुए। उन्हें अपने गांव पहुंचना था, लेकिन रास्ते में बुआल्पुई गांव के पास हुई एक घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया।
सड़क विवाद के बाद बढ़ा मामला
कोलासिब के पुलिस अधीक्षक लालरिनपुइया वार्टे के अनुसार, घटना राष्ट्रीय राजमार्ग-306 पर कॉफी बोर्ड के कॉफी प्लांटेशन क्षेत्र के पास हुई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दो वाहनों को एक-दूसरे से निकलने में परेशानी हुई। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई।
पुलिस के मुताबिक, काउनपुई इलाके से पिकनिक मनाकर लौट रहे युवकों का एक समूह भी वहां पहुंच गया। मामूली यातायात विवाद धीरे-धीरे झड़प में बदल गया। इसके बाद जकारिया और उनके दोस्त पर कथित तौर पर हमला किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद किस तरह हिंसक हुआ और हमले में प्रत्येक आरोपी की क्या भूमिका थी।
जवान को बचाने की कोशिश में हुआ हमला
रिपोर्टों के मुताबिक, जकारिया के दोस्त जॉन लालतानपुइया को पहले युवकों के समूह ने घेर लिया था। जकारिया कथित तौर पर अपने दोस्त की मदद के लिए आगे आए, जिसके बाद उन पर भी हमला किया गया।
हमले में जकारिया को गंभीर चोटें आईं। पुलिस के अनुसार, उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं उनके दोस्त को मामूली चोटें आईं। पुलिस ने मामले को हत्या के रूप में दर्ज कर जांच शुरू की है।
दो नाबालिगों समेत आठ लोग गिरफ्तार
जकारिया की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया। इसके बाद आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया। इनमें छह वयस्क और दो नाबालिग शामिल हैं। एक महिला के भी गिरफ्तार किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी है।
पुलिस के अनुसार, छह वयस्क आरोपियों को अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि नाबालिग आरोपियों के मामले में किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रक्रिया अपनाई जाएगी। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर और लोगों से पूछताछ या गिरफ्तारी की जा सकती है।
पोस्टमार्टम के बाद सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई
जकारिया के शव का पोस्टमार्टम जांच प्रक्रिया के तहत कराया गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव ले जाया गया। वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और परिजन अंतिम विदाई के लिए मौजूद रहे।
जवान का अंतिम संस्कार पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ किया गया। उनके निधन से परिवार और स्थानीय समुदाय में शोक का माहौल है। मिजोरम एक्स-सर्विसेज लीग ने भी घटना पर दुख जताते हुए मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
परिवार ने न्याय की मांग की
जकारिया के परिवार के अनुसार, वह परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहारा थे। उनकी मां ने घटना के बाद न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि छुट्टी पर घर लौट रहे जवान की इस तरह मौत ने उन्हें गहरा सदमा दिया है।
स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर नाराजगी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कोलासिब जिला जेल के बाहर एकत्र हुए।
आगे और समाचार पढ़े:
- जमुई कांड पर तेजस्वी यादव का हमला, CM सम्राट चौधरी से मांगा इस्तीफा; बोले- ऐसे ‘बड़बोले’ मुख्यमंत्री का क्या फायदा
- वंदे मातरम न गाने पर सजा नहीं: सुप्रीम कोर्ट ने कहा- अंतरात्मा की आवाज पर इनकार करने वाले को नहीं किया जा सकता दंडित
पुलिस कर रही पूरे घटनाक्रम की जांच
फिलहाल पुलिस की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाने पर है कि सड़क पर शुरू हुआ विवाद किस परिस्थिति में हिंसक हमले में बदल गया। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, छह वयस्क आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा, जबकि दोनों नाबालिगों के मामले में किशोर न्याय व्यवस्था के तहत कार्रवाई होगी। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

