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जमुई कांड पर तेजस्वी यादव का हमला, CM सम्राट चौधरी से मांगा इस्तीफा; बोले- ऐसे ‘बड़बोले’ मुख्यमंत्री का क्या फायदा

बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित छेड़छाड़ और बदसलूकी का वीडियो सामने आने के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस्तीफे की मांग की है। तेजस्वी ने कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपने पुराने बयान पर कायम हैं तो उन्हें इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपनी कही बात पर अमल नहीं कर सकते तो ऐसे ‘बड़बोले मुख्यमंत्री’ का क्या फायदा।

जमुई की घटना के बाद तेज हुई सियासी बयानबाजी

जमुई में एक लड़के और लड़की के साथ सड़क किनारे कथित बदसलूकी का वीडियो सोमवार को सामने आया था। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने व्यापक ध्यान खींचा और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। रिपोर्टों के मुताबिक, पुलिस ने मामले में कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना को लेकर विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था के सवाल उठाए हैं।

मंगलवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तेजस्वी यादव ने इसी घटना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बिहार में महिलाएं और लड़कियां सुरक्षित नहीं हैं और घटना ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। तेजस्वी ने सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की।

सम्राट चौधरी के पुराने बयान का हवालाजमुई

तेजस्वी यादव ने अपने बयान में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पहले दिए गए एक बयान का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री ने पहले कहा था कि अगर किसी महिला के साथ गलत हरकत होती है तो वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं।

तेजस्वी ने इसी बयान को आधार बनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को अब अपनी बात पर कायम रहना चाहिए। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर सम्राट चौधरी अपने पुराने बयान पर कायम हैं तो उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए।

तेजस्वी ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री अपनी ही कही बात पर अमल नहीं करते तो उनके अनुसार ऐसे ‘बड़बोले’ मुख्यमंत्री के पद पर बने रहने का कोई मतलब नहीं है। यह बयान अब बिहार की राजनीति में विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच बढ़ती बयानबाजी का हिस्सा बन गया है।

कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर विपक्ष का हमला

RJD नेता ने आरोप लगाया कि राज्य में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ अपराधों को लेकर गंभीर स्थिति बनी हुई है। उन्होंने जमुई की घटना को बिहार के लिए शर्मनाक बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए।

हालांकि, तेजस्वी यादव के ये बयान राजनीतिक आरोप और विपक्ष की मांग हैं। इन आरोपों से अलग राज्य सरकार और पुलिस की ओर से घटना में की गई कार्रवाई तथा जांच की स्थिति को भी ध्यान में रखना जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई की और आरोपियों को हिरासत में लिया।

NDA नेताओं के बयानों पर भी तेजस्वी का निशाना

तेजस्वी यादव ने सत्तारूढ़ NDA के कुछ नेताओं की कथित टिप्पणियों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि गठबंधन के कुछ नेता घटना को छोटा बताने या उसका बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं। RJD नेता ने कहा कि इस तरह की प्रतिक्रिया से पीड़ितों और उनके परिवारों की चिंता कम नहीं होती।

रिपोर्ट के मुताबिक, तेजस्वी ने आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के कुछ लोग घटना को “sporadic incident” के तौर पर पेश कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से कानून-व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय करने की मांग की।

जमुई घटना के बाद पुलिस कार्रवाई

जमुई मामले में वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई भी चर्चा में रही। रिपोर्टों के अनुसार, मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। TOI की रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्य आरोपी नंदन यादव को अपराध स्थल पर ले जाते समय पुलिस मुठभेड़ में घायल किया गया। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पुलिस की कार्रवाई और मामले की जांच जारी है।

मामले ने सोशल मीडिया पर भी व्यापक प्रतिक्रिया पैदा की है। पुलिस ने कथित तौर पर घटना से संबंधित वीडियो के प्रसार को लेकर भी कार्रवाई शुरू की है। ऐसे मामलों में पीड़ितों की पहचान और निजता की सुरक्षा को लेकर भी कानूनी प्रावधान लागू होते हैं।

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बिहार में कानून-व्यवस्था फिर राजनीतिक मुद्दा

जमुई की घटना ने बिहार में कानून-व्यवस्था को एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। विपक्ष सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि पुलिस स्तर पर मामले में कार्रवाई की जा रही है।

तेजस्वी यादव की ओर से मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग इसी राजनीतिक टकराव का हिस्सा है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा और राजनीतिक मंचों पर और उठ सकता है। फिलहाल मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ रही है।

जमुई की घटना ने महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े किए हैं। इस बीच राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप से अलग, मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित होना महत्वपूर्ण रहेगा।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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