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यूपी के आजमगढ़ में 7 घंटे का बंधक संकट: पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के आरोपी की मुठभेड़ में मौत, बेटे ने भी दम तोड़ा

यूपी के आजमगढ़ जिले में मंगलवार देर शाम शुरू हुआ करीब सात घंटे लंबा बंधक संकट बुधवार तड़के पुलिस मुठभेड़ के बाद खत्म हुआ। पुलिस के मुताबिक, शंभूपुर गांव में एक व्यक्ति ने धार्मिक अनुष्ठान के दौरान अपनी पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या कर दी और इसके बाद अपने तीन बच्चों को घर के एक कमरे में बंधक बना लिया। पुलिस ने आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए कई घंटे तक समझाने की कोशिश की, लेकिन वह बाहर नहीं आया। बाद में कमरे से गोली चलने की आवाज सुनाई देने पर पुलिस ने कार्रवाई की। मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई, जबकि उसका घायल बेटा भी इलाज के दौरान दम तोड़ गया। दो बेटियों को सुरक्षित बचा लिया गया।

धार्मिक अनुष्ठान के दौरान शुरू हुआ विवादयूपी

पुलिस के अनुसार, घटना आजमगढ़ के अहिरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव की है। आरोपी की पहचान अरविंद सिंह के रूप में हुई है। मंगलवार शाम करीब छह बजे वह अपने घर लौटा। उस समय घर में उसकी पत्नी बाबिता सिंह धार्मिक अनुष्ठान में शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक, अनुष्ठान में कई पुजारी मौजूद थे।

परिवार की ओर से यह अनुष्ठान कथित तौर पर अरविंद के व्यवहार को लेकर कराया जा रहा था। कुछ रिपोर्टों में परिवार के हवाले से कहा गया है कि उन्हें आशंका थी कि वह किसी नकारात्मक प्रभाव या कथित ‘आत्मिक प्रभाव’ में है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और विवाद के कारणों की पुलिस जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, अरविंद ने घर में पुजारियों की मौजूदगी पर आपत्ति जताई। इसके बाद उसके और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद हुआ। आरोप है कि उसने अपने लाइसेंसी हथियार से गोली चला दी। गोलीबारी में उसकी पत्नी बाबिता सिंह और दो पुजारी—महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (50)—की मौत हो गई। अन्य मौजूद पुजारी वहां से भाग निकलने में सफल रहे।

तीन बच्चों को कमरे में लेकर खुद को किया बंद

पुलिस के मुताबिक, तीन लोगों की हत्या के बाद अरविंद अपने तीन बच्चों को लेकर घर के एक कमरे में चला गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। उसके साथ करीब आठ साल का बेटा शौर्य, 10 साल की बेटी परी और 11 महीने की बेटी सान्वी थी।

सूचना मिलते ही पुलिस की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एटीएस कमांडो टीम को भी अभियान में शामिल किया गया। पुलिस और परिवार के लोगों ने आरोपी से लगातार बातचीत कर बच्चों को सुरक्षित बाहर लाने तथा उसे आत्मसमर्पण के लिए मनाने की कोशिश की।

सात घंटे तक चलता रहा ऑपरेशन

अधिकारियों के अनुसार, आरोपी बार-बार पुलिस से पीछे हटने के लिए कहता रहा और सुबह तक इंतजार करने की बात कर रहा था। करीब सात घंटे तक बातचीत के बावजूद वह बाहर नहीं आया।

स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब कमरे के भीतर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। पुलिस के अनुसार, इसके बाद अधिकारियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर जाने का फैसला किया। अभियान के दौरान पुलिस ने स्टन ग्रेनेड और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पुलिस का दावा है कि कमरे में प्रवेश करते समय अरविंद ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की।

बेटे को लगी गोली, इलाज के दौरान मौत

ऑपरेशन के दौरान अरविंद और उसका बेटा शौर्य गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को जिला अस्पताल ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, शौर्य को गोली लगी थी और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। अरविंद को भी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।

वहीं दोनों बेटियों—परी और 11 महीने की सान्वी—को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। दोनों को उनके परिजनों के सुपुर्द किया गया। पुलिस ने बताया कि किसी पुलिसकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है।

मौके पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी, फोरेंसिक जांच शुरू

घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार, एसएसपी अनिल कुमार, डीआईजी सुनील कुमार सिंह और वाराणसी जोन के एडीजी नवीन अरोड़ा समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं। मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं।

पुलिस अब गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों, हथियार के इस्तेमाल और घटना से पहले हुए विवाद की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है।

चार मौतों से दहला आजमगढ़

इस घटना में आरोपी अरविंद सिंह, उसकी पत्नी बाबिता, दो पुजारियों और बाद में उसके बेटे शौर्य की मौत हुई है। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में घटना को लेकर मृतकों की संख्या और घटनाक्रम के कुछ विवरण अलग-अलग सामने आए हैं, लेकिन पुलिस के अनुसार पत्नी और दो पुजारियों की हत्या के बाद सात घंटे तक बंधक संकट चला और पुलिस कार्रवाई के दौरान आरोपी तथा उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हुए।

घटना ने एक ओर जहां आजमगढ़ में सनसनी पैदा कर दी है, वहीं पुलिस के सामने अब पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और गोलीबारी के कारणों को साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट करने की चुनौती है।

 

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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