केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म Rapido का संचालन करने वाली Roppen Transportation Services Pvt. Ltd. पर ₹10 लाख का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार प्रथाओं, अनुचित अनुबंध शर्तों और ऐप के इंटरफेस में इस्तेमाल किए गए कथित ‘डार्क पैटर्न्स’ को लेकर की गई है।
CCPA के अनुसार, Rapido के ऐप में ऐसे संकेत और विकल्प दिखाई दिए जिनसे उपभोक्ताओं को राइड कन्फर्म होने से पहले अधिक भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जा सकता था।
अधिक भुगतान करने पर राइड मिलने की संभावना का संकेत
प्राधिकरण की जांच में Rapido के ऐप पर ऐसे संदेश पाए गए जिनमें उपभोक्ताओं को यह संकेत दिया गया कि जितनी अधिक कीमत होगी, राइड मिलने की संभावना उतनी अधिक होगी। कुछ मामलों में यूजर्स को यह भी बताया गया कि ड्राइवर कम किराये पर राइड स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
CCPA ने इन इंटरफेस डिजाइनों को उपभोक्ता के निर्णय को प्रभावित करने वाले ‘डार्क पैटर्न्स’ के रूप में देखा। प्राधिकरण ने कहा कि इस तरह के डिजाइन उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत से अधिक भुगतान करने की दिशा में ले जा सकते हैं।
‘Advance Tipping’ को लेकर भी सवाल
जांच में राइड बुक होने से पहले टिप देने से जुड़े विकल्पों पर भी आपत्ति जताई गई। CCPA के अनुसार, ऐप में ऐसे संकेत दिए गए जिनसे उपभोक्ता को यह धारणा हो सकती थी कि अतिरिक्त राशि देने से राइड जल्दी या आसानी से कन्फर्म हो जाएगी।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि टिप एक स्वैच्छिक भुगतान होना चाहिए और उपभोक्ता को राइड मिलने से पहले अतिरिक्त भुगतान के लिए दबाव महसूस नहीं होना चाहिए।
‘Confirm Shaming’ और ‘Interface Interference’
CCPA ने Rapido के इंटरफेस में ‘Confirm Shaming’ और ‘Interface Interference’ जैसे डार्क पैटर्न्स की पहचान की। ‘Confirm Shaming’ का मतलब ऐसे डिजाइन या संदेशों से है जो किसी विकल्प को चुनने पर यूजर को असहज महसूस कराते हैं, जबकि ‘Interface Interference’ में इंटरफेस को इस तरह बनाया जाता है कि उपभोक्ता का ध्यान किसी खास विकल्प की ओर अधिक जाए।
प्राधिकरण ने Rapido को ऐसे भ्रामक संकेतों और डिजाइन को बंद करने का निर्देश भी दिया है।
यह कार्रवाई व्यापक जांच का हिस्सा
CCPA की यह कार्रवाई केवल एक शिकायत तक सीमित नहीं है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अनुसार, प्राधिकरण ने कैब और बाइक-टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों की उन प्रथाओं की व्यापक जांच की, जिनमें प्री-राइड टिपिंग और डायनेमिक प्राइसिंग शामिल हैं।
इस जांच का उद्देश्य यह देखना था कि डिजिटल प्लेटफॉर्म उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भुगतान करने के लिए किस तरह प्रभावित करते हैं और क्या उनकी कीमतों तथा भुगतान विकल्पों की जानकारी पर्याप्त रूप से स्पष्ट है।
2025 में भी Rapido पर लगा था ₹10 लाख का जुर्माना
Rapido पर इससे पहले भी CCPA ₹10 लाख का जुर्माना लगा चुका है। अगस्त 2025 में प्राधिकरण ने “AUTO IN 5 MIN OR GET ₹50” और “Guaranteed Auto” जैसे विज्ञापनों को भ्रामक पाया था।
CCPA ने उस मामले में कहा था कि विज्ञापनों में महत्वपूर्ण शर्तें स्पष्ट रूप से नहीं बताई गई थीं। जांच में यह भी सामने आया था कि ₹50 का लाभ वास्तविक नकद राशि के बजाय कुछ शर्तों के साथ Rapido Coins के रूप में दिया जाता था।
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उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखता है?
CCPA की कार्रवाई डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपभोक्ताओं को दिखाई जाने वाली कीमतों, ऑफर्स और भुगतान विकल्पों में पारदर्शिता के महत्व को रेखांकित करती है। राइड बुक करते समय उपभोक्ताओं को किराये, अतिरिक्त शुल्क, टिप और किसी भी प्रमोशनल ऑफर की शर्तों को ध्यान से देखने की सलाह दी जाती है।
यदि किसी उपभोक्ता को भ्रामक विज्ञापन या अनुचित व्यापार व्यवहार का सामना करना पड़ता है, तो वह National Consumer Helpline के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकता है।
डिजिटल सेवाओं में पारदर्शिता पर जोर
Rapido के खिलाफ कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ऑनलाइन सेवाओं में यूजर इंटरफेस और डिजिटल भुगतान विकल्पों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। CCPA का रुख यह संकेत देता है कि कंपनियों को अपने विज्ञापनों और ऐप इंटरफेस में ऐसी जानकारी स्पष्ट रूप से देनी होगी, जिससे उपभोक्ता बिना भ्रम या अनुचित दबाव के अपना निर्णय ले सके।

