HomeTech & GadgetsRansomware क्या है और यह कंप्यूटर सिस्टम को कैसे प्रभावित करता है?

Ransomware क्या है और यह कंप्यूटर सिस्टम को कैसे प्रभावित करता है?

अचानक कंप्यूटर स्क्रीन पर एक चेतावनी आती है कि आपकी सारी फाइलें लॉक हो चुकी हैं और उन्हें खोलने के लिए पैसे चुकाने होंगे, यह किसी फिल्म का सीन नहीं बल्कि Ransomware हमले की असली तस्वीर है। पिछले कुछ सालों में भारत सहित पूरी दुनिया में इस तरह के साइबर हमले तेजी से बढ़े हैं, जिससे आम यूज़र से लेकर बड़ी कंपनियां तक प्रभावित हुई हैं।

Ransomware क्या है?

Ransomware एक तरह का मालवेयर यानी खतरनाक सॉफ्टवेयर है, जो कंप्यूटर या मोबाइल में मौजूद फाइलों को एनक्रिप्ट यानी लॉक कर देता है। इसके बाद हैकर फाइलें वापस खोलने के बदले पैसे मांगता है, जो अक्सर क्रिप्टोकरेंसी के रूप में मांगे जाते हैं ताकि पैसे का पता लगाना मुश्किल हो।

कुछ मामलों में तो पूरा डिवाइस ही लॉक कर दिया जाता है, जिससे यूज़र अपने सिस्टम का इस्तेमाल भी नहीं कर पाता। इसे दो मुख्य तरीकों में बांटा जा सकता है, एक में सिर्फ फाइलें लॉक होती हैं जबकि दूसरे गंभीर प्रकार में पूरी स्क्रीन ही ब्लॉक हो जाती है।

Ransomware कैसे फैलता है?

ज़्यादातर मामलों में यह किसी फर्जी ईमेल में मौजूद लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करने से फैलता है, जिसे फिशिंग कहा जाता है। इसके अलावा पायरेटेड सॉफ्टवेयर, अनजान वेबसाइट से डाउनलोड की गई फाइलें और पुराने या अपडेट न किए गए सिस्टम भी इसके आसान शिकार बन जाते हैं।

एक बार डिवाइस में घुसने के बाद यह मालवेयर तेजी से पूरे नेटवर्क में फैल सकता है, खासकर अगर कई डिवाइस एक ही नेटवर्क से जुड़े हों। छोटे व्यवसायों के लिए यह खतरा और भी गंभीर माना जाता है, क्योंकि उनके पास अक्सर अलग से साइबर सुरक्षा टीम मौजूद नहीं होती।

फिरौती चुकाने में क्या खतरा है?

बहुत से पीड़ित घबराकर तुरंत फिरौती चुका देते हैं, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं होती कि फाइलें वाकई वापस मिल जाएंगी। इसके अलावा पैसे चुकाने से हैकरों को आगे भी ऐसे हमले करने का प्रोत्साहन मिलता है, जिससे यह समस्या और बढ़ती जाती है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ आमतौर पर फिरौती न चुकाने और इसके बजाय बैकअप या कानूनी मदद लेने की सलाह देते हैं।

Ransomware से बचने के उपाय

  • सबसे जरूरी उपाय है जरूरी फाइलों का नियमित बैकअप लेना, वह भी किसी ऐसी जगह जो सीधे मुख्य सिस्टम से जुड़ी न हो।
  • इसके अलावा एंटीवायरस और ऑपरेटिंग सिस्टम को हमेशा अपडेट रखना चाहिए, क्योंकि पुराने सॉफ्टवेयर में मौजूद खामियों का फायदा हैकर आसानी से उठा लेते हैं।
  • अनजान ईमेल में आए लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक करने से पहले भेजने वाले की पहचान जरूर जांच लेनी चाहिए, भले ही मेल कितना भी भरोसेमंद क्यों न लगे।

हमला होने पर क्या करें?

अगर सिस्टम में Ransomware का असर दिखे, तो सबसे पहले डिवाइस को इंटरनेट और बाकी नेटवर्क से तुरंत डिस्कनेक्ट कर देना चाहिए, ताकि संक्रमण आगे न फैले। इसके बाद इसकी शिकायत भारत सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी सीईआरटी-इन में दर्ज करानी चाहिए। अगर पहले से बैकअप मौजूद है, तो सिस्टम को फॉर्मेट करके बैकअप से डेटा वापस लाना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

Ransomware
Ransomware

इसके अलावा टेक्नोलॉजी और गैजेट्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए ये पोस्ट भी पढ़ें, Smart Doorbell, Extended Warranty और AI 3D Model Generator, जो आपकी डिजिटल जानकारी को और बेहतर बना सकते हैं।

उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. Ransomware सबसे ज्यादा कैसे फैलता है?
यह मुख्य रूप से फिशिंग ईमेल, पायरेटेड सॉफ्टवेयर और अनजान लिंक के जरिए फैलता है।

2. क्या फिरौती चुकाने पर फाइलें वापस मिलने की गारंटी होती है?
नहीं, फिरौती चुकाने के बावजूद फाइलें वापस मिलने की कोई गारंटी नहीं होती।

3. साइबर हमले की शिकायत कहां की जा सकती है?
भारत में साइबर हमलों की शिकायत CERT-In पोर्टल पर दर्ज कराई जा सकती है।

4. क्या मोबाइल फोन भी Ransomware का शिकार हो सकता है?
हां, कंप्यूटर के साथ-साथ स्मार्टफोन भी इस तरह के हमलों का निशाना बन सकते हैं।

5. बैकअप कितनी बार लेना चाहिए?
जरूरी फाइलों का बैकअप नियमित अंतराल पर, जैसे हफ्ते में कम से कम एक बार जरूर लेना चाहिए।

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