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NRI टैक्स प्लानिंग: अपनी विदेशी और भारतीय कमाई को अलग-अलग मैनेज करने का सही तरीका

विदेश में रहने वाले कई भारतीयों को यह समझ नहीं आता कि उनके एनआरई और एनआरओ खाते पर टैक्स के नियम अलग अलग क्यों होते हैं, जिससे रिटर्न भरते समय कई बार गलतियां हो जाती हैं। इसी उलझन को दूर करने के लिए आज हम NRE vs NRO Account Tax Difference को आसान भाषा में समझेंगे, ताकि टैक्स से जुड़े फैसले लेना आसान हो जाए।

NRE vs NRO Account Tax Difference क्या है?

एनआरई खाते में जमा ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है, चाहे रकम कितनी भी बड़ी क्यों न हो। इसका मतलब है कि इस खाते पर कोई टीडीएस भी नहीं काटा जाता। वहीं एनआरओ खाते में जमा ब्याज पर टैक्स लगता है, और बैंक इस पर टीडीएस काटकर ही बाकी रकम खाते में डालता है। यही सबसे बड़ा फर्क है जो दोनों खातों को टैक्स के नजरिए से अलग बनाता है।

यह कैसे काम करता है?

एनआरई खाते में सिर्फ विदेश की कमाई ही जमा की जा सकती है, इसलिए इसे भारत में कमाया हुआ पैसा नहीं माना जाता, जिस वजह से यह टैक्स के दायरे से बाहर रहता है। एनआरओ खाते में भारत में हुई कमाई जमा होती है, जैसे किराया, पेंशन या भारतीय निवेश से मिला ब्याज। चूंकि यह भारतीय कमाई मानी जाती है, इसलिए इस पर टीडीएस की दर तीस प्रतिशत तक भी हो सकती है, हालांकि डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट के तहत इसमें राहत मिल सकती है। (NRE vs NRO Account)

NRE vs NRO Account के फायदे और उपयोग

जिन एनआरआई की कमाई पूरी तरह विदेश में होती है, उनके लिए एनआरई खाता ज्यादा फायदेमंद रहता है क्योंकि इसमें टैक्स की चिंता नहीं करनी पड़ती और पैसा आसानी से विदेश वापस भी भेजा जा सकता है। जिनकी भारत में भी कुछ कमाई होती है, जैसे किराए से या निवेश से, उनके लिए एनआरओ खाता जरूरी हो जाता है, भले ही उस पर टैक्स कटता हो।

NRE vs NRO Account
NRE vs NRO Account

सही तरीके से टैक्स रिटर्न भरने पर कटा हुआ टीडीएस बाद में वापस भी मिल सकता है। दोनों खातों को साथ रखने से एनआरआई अपनी विदेशी और भारतीय कमाई को अलग अलग मैनेज कर पाते हैं, जिससे हिसाब किताब और टैक्स फाइलिंग दोनों आसान हो जाते हैं। कई बार सही खाता न चुनने से लोग बिना वजह ज्यादा टीडीएस कटवा बैठते हैं, इसलिए शुरुआत में ही सही जानकारी लेना फायदेमंद रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • NRE vs NRO Account Tax Difference में सबसे बड़ा फर्क क्या है?
    सबसे बड़ा फर्क यही है कि एनआरई खाते पर टैक्स नहीं लगता, जबकि एनआरओ खाते पर टीडीएस काटा जाता है।
  • क्या एनआरओ खाते पर कटा टीडीएस वापस मिल सकता है?
    हां, अगर कुल टैक्स देनदारी टीडीएस से कम बनती है, तो रिटर्न भरने पर अतिरिक्त राशि वापस मिल सकती है।
  • क्या एनआरई खाते का पैसा पूरी तरह विदेश भेजा जा सकता है?
    हां, एनआरई खाते में जमा मूल राशि और ब्याज दोनों पूरी तरह विदेश भेजे जा सकते हैं।
  • क्या डीटीएए से टैक्स में राहत मिलती है?
    हां, भारत का जिन देशों के साथ डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट है, वहां के एनआरआई को कम दर पर टीडीएस का फायदा मिल सकता है।
  • इस बारे में पूरी जानकारी कहां मिल सकती है?
    इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर एनआरआई टैक्स से जुड़े सभी नियम विस्तार से दिए गए हैं।

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उपरोक्त NRE vs NRO Account की जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। टैक्स से जुड़े किसी भी फैसले से पहले अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट या वित्तीय सलाहकार से जरूर सलाह लें।

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