भारत की मेजबानी में होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर मजबूत किया गया है। सम्मेलन 11 से 13 सितंबर 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होना है। शीर्ष नेताओं और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने करीब 4,800 कर्मियों को विशेष रूप से तैनात किया है। इसके अलावा 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर यातायात नियंत्रण और डायवर्जन लागू किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य विदेशी राष्ट्राध्यक्षों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के काफिलों की आवाजाही को सुचारु रखना और किसी भी संभावित सुरक्षा चुनौती से निपटना है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे गैर-जरूरी यात्रा से बचें, वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें और घर से निकलने से पहले ताजा ट्रैफिक अपडेट जरूर जांचें।
भारत मंडपम में होगा BRICS शिखर सम्मेलन
BRICS सम्मेलन का मुख्य आयोजन भारत मंडपम में होगा। इसमें BRICS के सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की संभावना है। विदेशी मेहमानों की सुरक्षा और उनके निर्धारित रूट पर निर्बाध आवाजाही के लिए राजधानी में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था तैयार की गई है।
रिपोर्टों के मुताबिक, दिल्ली में व्यापक सुरक्षा अभियान के तहत करीब 25,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें 100 से अधिक NSG कमांडो भी शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं और संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए लगातार मॉक ड्रिल की जा रही हैं।
35 से ज्यादा सड़कें रहेंगी नियंत्रित
BRICS प्रतिनिधिमंडलों के काफिलों की आवाजाही के दौरान राजधानी की 35 से अधिक प्रमुख सड़कों पर नियंत्रण रहेगा। इसके लिए करीब 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए गए हैं। वीआईपी काफिलों के गुजरने के दौरान कुछ मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह रोका भी जा सकता है।
इन प्रतिबंधों का असर केवल नई दिल्ली इलाके तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। मध्य दिल्ली के अलावा एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशनों और उनसे जुड़ने वाले प्रमुख मार्गों पर भी ट्रैफिक दबाव बढ़ सकता है। दिल्ली-एनसीआर से रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भी अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह दी गई है।
एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने वालों के लिए विशेष सलाह
ट्रैफिक पुलिस ने विशेष रूप से उन यात्रियों को सावधान रहने को कहा है जिन्हें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे या नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन जाना है।
डायवर्जन और वीआईपी मूवमेंट के कारण सामान्य यात्रा समय बढ़ सकता है। इसलिए यात्रियों से कहा गया है कि वे अपनी निर्धारित यात्रा से काफी पहले घर से निकलें और जहां संभव हो, मेट्रो सेवा का इस्तेमाल करें। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक मेट्रो सेवाओं पर इन प्रतिबंधों का सीधा असर नहीं पड़ेगा, हालांकि मेट्रो स्टेशनों तक पहुंचने वाले सड़क मार्गों पर भीड़ बढ़ सकती है।
बसों, टैक्सियों और ऑटो को कुछ मार्गों पर डायवर्ट किया जा सकता है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने वालों को भी यात्रा से पहले रूट की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।
पार्किंग पर भी कड़े नियम
सुरक्षा व्यवस्था के तहत नियंत्रित सड़कों के आसपास पार्किंग को लेकर भी सख्ती बरती जाएगी। कुछ स्थानों पर निर्धारित पार्किंग के अलावा वाहन खड़ा करने की अनुमति नहीं होगी। रिपोर्टों के अनुसार नियंत्रित सड़कों के 200 मीटर के दायरे में पार्किंग पर प्रतिबंध लागू किया जा सकता है।
पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वीआईपी काफिलों के लिए निर्धारित मार्ग पूरी तरह खाली रहें और किसी संदिग्ध वाहन या वस्तु की वजह से सुरक्षा जोखिम पैदा न हो।
आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता
ट्रैफिक प्रतिबंधों के बावजूद एंबुलेंस, दमकल और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों की आवाजाही के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता से रास्ता उपलब्ध कराया जाए।
इस दौरान पुलिसकर्मियों को प्रमुख चौराहों और डायवर्जन प्वाइंट पर तैनात किया जाएगा, ताकि जरूरत पड़ने पर यातायात का रूट तत्काल बदला जा सके।
25 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों का व्यापक सुरक्षा घेरा
BRICS सम्मेलन को लेकर दिल्ली में केवल ट्रैफिक पुलिस ही नहीं, बल्कि कई सुरक्षा एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं। करीब 25,000 सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ होटल, सम्मेलन स्थल और वीआईपी रूट की सुरक्षा को अलग-अलग स्तरों में बांटा गया है। 11 प्रमुख होटलों को भी सुरक्षा व्यवस्था के तहत विशेष निगरानी में रखा गया है।
एंटी-ड्रोन सिस्टम और मॉक ड्रिल के जरिए किसी भी हवाई या जमीनी सुरक्षा खतरे से निपटने की तैयारी की गई है। यह सुरक्षा व्यवस्था 2023 के G20 शिखर सम्मेलन के दौरान अपनाए गए व्यापक सुरक्षा मॉडल की याद दिलाती है।
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आम लोगों से सहयोग की अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा और ट्रैफिक संबंधी निर्देशों का पालन करें। खासकर नई दिल्ली और केंद्रीय दिल्ली की ओर जाने वाले लोगों को यात्रा से पहले रूट की जानकारी लेने और अनावश्यक वाहन लेकर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
पुलिस का कहना है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान कुछ प्रतिबंध अस्थायी होंगे और काफिले के गुजरने के बाद यातायात को सामान्य किया जाएगा। हालांकि, सम्मेलन के दौरान सुरक्षा स्थिति के आधार पर रूट प्लान में बदलाव भी किया जा सकता है।
निष्कर्ष
BRICS Summit 2026 के लिए दिल्ली में सुरक्षा और यातायात की व्यापक तैयारी पूरी कर ली गई है। करीब 4,800 ट्रैफिक पुलिसकर्मी, 35 से ज्यादा नियंत्रित सड़कें और 22 डायवर्जन प्वाइंट राजधानी में यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए तैयार हैं।वहीं, व्यापक सुरक्षा अभियान के तहत करीब 25,000 सुरक्षाकर्मियों और NSG कमांडो की तैनाती की गई है।
11 से 13 सितंबर तक दिल्लीवासियों के लिए सबसे जरूरी संदेश यही है कि वे यात्रा की योजना पहले से बनाएं, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जाने के लिए अतिरिक्त समय रखें और संभव हो तो मेट्रो का इस्तेमाल करें। BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन प्रशासन की चुनौती यह भी है कि इन कड़े इंतजामों के बीच राजधानी की रोजमर्रा की जिंदगी और यातायात को यथासंभव सुचारु रखा जाए।

