अमेरिका में रह रहे हजारों भारतीय परिवारों के लिए H-4 Employment Authorization Document (EAD) को लेकर नई चिंता सामने आई है। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजाधारकों के कुछ जीवनसाथियों को मिलने वाले रोजगार अधिकारों को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) की नियामकीय एजेंडा में H-4 EAD के तहत कुछ श्रेणी के जीवनसाथियों की रोजगार अनुमति खत्म करने का प्रस्ताव शामिल किया गया है। हालांकि, यह बदलाव अभी लागू नहीं हुआ है और मौजूदा H-4 EAD धारक फिलहाल अपने वर्तमान वर्क परमिट के तहत काम कर सकते हैं।
इस प्रस्ताव का असर भारतीय समुदाय पर खास तौर पर पड़ सकता है, क्योंकि H-1B वीजा धारकों में भारतीय नागरिकों की हिस्सेदारी बड़ी है और कई भारतीय परिवारों में H-4 वीजा पर रहने वाले पति या पत्नी EAD के जरिए नौकरी करते हैं। ऐसे परिवारों के लिए यह परमिट केवल रोजगार का माध्यम नहीं बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिरता का महत्वपूर्ण हिस्सा भी है।
क्या है H-4 EAD?
H-4 वीजा मुख्य रूप से H-1B वीजाधारकों के जीवनसाथी और कुछ आश्रित बच्चों को अमेरिका में रहने की अनुमति देता है। हालांकि, H-4 स्टेटस अपने आप काम करने का अधिकार नहीं देता।
2015 में अमेरिकी प्रशासन ने कुछ योग्य H-4 जीवनसाथियों को Employment Authorization Document यानी EAD हासिल करने की अनुमति दी थी। इसके तहत ऐसे H-4 जीवनसाथी काम कर सकते हैं, जिनके H-1B पति या पत्नी के रोजगार आधारित स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया एक निश्चित चरण तक पहुंच चुकी हो।
वर्तमान नियमों के तहत आम तौर पर H-4 जीवनसाथी EAD के लिए पात्र हो सकता है यदि H-1B मुख्य आवेदक का Form I-140 मंजूर हो चुका है या वह कुछ विशेष परिस्थितियों में छह साल की सामान्य H-1B सीमा से आगे स्टेटस बढ़ाने के लिए पात्र है।
अभी क्या बदला है?
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी कोई मौजूदा H-4 EAD रद्द नहीं हुआ है। DHS की कार्रवाई फिलहाल नियामकीय प्रक्रिया के शुरुआती चरण में है। अमेरिकी सरकार को पहले प्रस्तावित नियम प्रकाशित करना होगा, उसके बाद सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित की जाएंगी और फिर सरकार उन टिप्पणियों की समीक्षा करेगी। इसके बाद ही अंतिम नियम जारी किया जा सकता है।
इसलिए केवल नियामकीय एजेंडा में प्रस्ताव शामिल होने का अर्थ यह नहीं है कि अगले दिन से H-4 जीवनसाथियों का काम करना अवैध हो जाएगा।यही वजह है कि विशेषज्ञों ने मौजूदा EAD धारकों को तत्काल घबराने के बजाय आधिकारिक प्रक्रिया पर नजर रखने की सलाह दी है।
भारतीय परिवारों पर क्यों पड़ सकता है बड़ा असर?
H-1B कार्यक्रम में भारतीय पेशेवरों की बड़ी मौजूदगी है। खास तौर पर आईटी, इंजीनियरिंग, वित्त, स्वास्थ्य और तकनीकी क्षेत्र में बड़ी संख्या में भारतीय H-1B वीजा पर अमेरिका में काम करते हैं।
इनमें से कई लोगों के जीवनसाथी H-4 स्टेटस पर अमेरिका में रहते हैं। 2015 के H-4 EAD नियम के बाद योग्य जीवनसाथियों को अपने पेशेवर करियर को जारी रखने का अवसर मिला। इससे परिवारों को दोहरी आय का लाभ मिला और कई उच्च शिक्षित पेशेवर अपने करियर से जुड़े रह सके।
यदि भविष्य में H-4 EAD खत्म किया जाता है, तो प्रभावित जीवनसाथी अमेरिका में रह तो सकते हैं, लेकिन उनके पास काम करने की अनुमति नहीं होगी, जब तक वे किसी अन्य वैध रोजगार-आधारित इमिग्रेशन श्रेणी या अलग वर्क ऑथराइजेशन के लिए पात्र न हों।
ग्रीन कार्ड बैकलॉग से जुड़ा है मामला
H-4 EAD का महत्व भारतीय परिवारों के लिए इसलिए भी अधिक है क्योंकि रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया कई मामलों में लंबे समय तक चल सकती है। भारतीय आवेदकों को विशेष रूप से रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड श्रेणियों में लंबे बैकलॉग का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में H-1B वीजाधारक का परिवार वर्षों तक अमेरिका में रह सकता है, जबकि H-4 जीवनसाथी अपने करियर को आगे बढ़ाने के लिए EAD पर निर्भर रहता है।यदि यह सुविधा समाप्त होती है, तो परिवारों को एक आय पर निर्भर रहना पड़ सकता है और H-4 जीवनसाथियों के पेशेवर करियर में बड़ा व्यवधान आ सकता है।
पहले भी हो चुका है H-4 EAD खत्म करने का प्रयास
H-4 EAD को लेकर विवाद नया नहीं है। ट्रंप प्रशासन के पहले कार्यकाल में भी 2015 के नियम को समाप्त करने की दिशा में कदम उठाए गए थे। हालांकि वह प्रक्रिया अंततः H-4 EAD खत्म किए बिना ही समाप्त हो गई। 2021 में DHS ने उस पुराने नियामकीय प्रयास को वापस ले लिया था।
अब 2026 में यह मुद्दा फिर अमेरिकी प्रशासन की नियामकीय एजेंडा में सामने आया है। इस बार DHS ने कुछ H-4 जीवनसाथियों को रोजगार अनुमति के लिए पात्र श्रेणी से हटाने की योजना का संकेत दिया है।
क्या मौजूदा EAD तुरंत खत्म हो जाएगा?
फिलहाल ऐसा कोई आदेश नहीं है। मौजूदा H-4 EAD धारकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि वर्क परमिट अभी वैध हैं और वर्तमान नियम लागू हैं।
यदि भविष्य में प्रस्तावित नियम आगे बढ़ता है, तो सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह होगा कि पहले से जारी EAD का क्या होगा। क्या उन्हें उनकी मौजूदा वैधता अवधि तक काम करने दिया जाएगा? क्या उनके नवीनीकरण पर रोक लगेगी? क्या सरकार कोई संक्रमण अवधि देगी? इन सवालों के जवाब प्रस्तावित नियम प्रकाशित होने के बाद अधिक स्पष्ट होंगे।
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H-1B पर व्यापक दबाव के बीच नया कदम
H-4 EAD पर यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब ट्रंप प्रशासन H-1B कार्यक्रम को लेकर भी कई बड़े बदलावों पर काम कर रहा है। हाल ही में DHS ने नए H-1B वीजा आवेदन के लिए $103,265 की प्रस्तावित फीस से जुड़ा नियम भी सामने रखा है। इसके अलावा H-1B धारकों के लिए नौकरी जाने के बाद मिलने वाली 60 दिन की ग्रेस पीरियड व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया भी चर्चा में है।
इन कदमों को अमेरिकी प्रशासन की व्यापक इमिग्रेशन नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें विदेशी कामगारों की संख्या और रोजगार अनुमति पर कड़ा नियंत्रण लगाने पर जोर है।
निष्कर्ष
H-4 EAD को लेकर अमेरिकी प्रशासन के ताजा कदम ने भारतीय H-1B परिवारों में चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन अभी किसी मौजूदा H-4 EAD धारक को तुरंत नौकरी छोड़ने या अमेरिका छोड़ने की जरूरत नहीं है।
DHS की योजना अभी नियामकीय एजेंडा और प्रस्ताव के स्तर पर है। अंतिम नियम बनने से पहले प्रस्ताव का प्रकाशन, सार्वजनिक टिप्पणी, समीक्षा और अंतिम अधिसूचना जैसी कई प्रक्रियाएं पूरी करनी होंगी।
भारतीय परिवारों के लिए फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण है कि वे अपने EAD की वैधता, नवीनीकरण की स्थिति और अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखें। आने वाले महीनों में यदि DHS औपचारिक प्रस्ताव जारी करता है, तभी यह स्पष्ट होगा कि मौजूदा EAD धारकों और भविष्य के आवेदकों पर इसका वास्तविक प्रभाव कितना होगा।
फिलहाल स्थिति यही है—चिंता का कारण जरूर है, लेकिन तत्काल घबराने की जरूरत नहीं।

