HomeGovernment Schemesप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ने वाली स्कीम...

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना: गांवों को सड़क मार्ग से जोड़ने वाली स्कीम की पूरी जानकारी

भारत के गांवों को शहरों से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने साल 2000 में एक बड़ी पहल शुरू की थी, जो आज भी करोड़ों ग्रामीणों की जिंदगी बदल रही है। अगर आपने कभी सोचा है कि दूर-दराज के गांवों तक पक्की सड़कें कैसे पहुंचीं, तो इसका जवाब Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana में छिपा है। यह योजना ग्रामीण भारत के विकास की रीढ़ बनी हुई है और हाल ही में इसने अपनी शुरुआत के 25 साल पूरे किए हैं।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना क्या है?

Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana केंद्र सरकार की एक ऐसी योजना है, जिसका मकसद देश के हर छोटे-बड़े गांव को हर मौसम में चलने लायक सड़क से जोड़ना है। इसे 25 दिसंबर 2000 को तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने शुरू किया था।

यह योजना केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत काम करती है। शुरुआत में इस योजना को पूरी तरह केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित किया जाता था। मैदानी इलाकों में 500 से अधिक और पहाड़ी, आदिवासी तथा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 250 से अधिक आबादी वाले असंबद्ध गांवों को इसके तहत शामिल किया जाता है।

यह योजना कैसे काम करती है?

Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana के तहत राज्य सरकारें अपनी ग्रामीण सड़क एजेंसियों के जरिए सड़क निर्माण की योजना बनाती हैं और उसे केंद्र सरकार को भेजती हैं। स्वीकृति मिलने के बाद ठेकेदारों के माध्यम से सड़क बनाई जाती है और हर सड़क के साथ पांच साल का रखरखाव अनुबंध भी जोड़ा जाता है।

फंडिंग की बात करें तो सामान्य राज्यों में केंद्र और राज्य का हिस्सा 60:40 के अनुपात में होता है। वहीं उत्तर-पूर्वी और हिमालयी राज्यों जैसे उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में यह अनुपात 90:10 रहता है। प्रगति पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन मैनेजमेंट एंड मॉनिटरिंग सिस्टम और जीपीएस आधारित तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिससे हर सड़क की स्थिति डिजिटल रूप से देखी जा सकती है।

योजना के फायदे और इस्तेमाल

Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana से गांवों में रहने वाले लोगों को स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुंचना पहले से कहीं आसान हो गया है। पक्की सड़कें बनने से किसानों की फसल समय पर मंडी तक पहुंच पाती है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ती है। इस योजना ने गांवों में रोजगार के नए मौके भी पैदा किए हैं, क्योंकि सड़क निर्माण और रखरखाव के काम में स्थानीय मजदूरों को प्राथमिकता दी जाती है।

Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana
Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana

दिसंबर 2025 तक इस योजना के तहत आठ लाख पच्चीस हजार किलोमीटर से अधिक सड़कें स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें से सात लाख सत्तासी हजार किलोमीटर से ज्यादा का निर्माण पूरा हो चुका है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना को लगभग उन्नीस हजार करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

ध्यान रखने योग्य बातें

Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana के तहत बनने वाली हर सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्वतंत्र निगरानी एजेंसियां तैनात की जाती हैं। ग्रामीणों को यह ध्यान रखना चाहिए कि सड़क निर्माण से जुड़ी शिकायत या सुझाव वे अपने जिला पंचायत कार्यालय या योजना के आधिकारिक पोर्टल पर दर्ज करा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

सवाल: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना कब शुरू हुई थी?
जवाब: इसे 25 दिसंबर 2000 को शुरू किया गया था, और दिसंबर 2025 में इस योजना ने अपने 25 साल पूरे किए।

सवाल: इस योजना के तहत किन गांवों को शामिल किया जाता है?
जवाब: मैदानी क्षेत्रों में 500 से अधिक और पहाड़ी व आदिवासी क्षेत्रों में 250 से अधिक आबादी वाले असंबद्ध गांवों को इसमें शामिल किया जाता है।

सवाल: Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana किस मंत्रालय के तहत आती है?
जवाब: यह योजना केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के अंतर्गत संचालित होती है।

सवाल: सड़क निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी होती है?
जवाब: सड़क बनाने वाले ठेकेदार को पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाती है, ताकि सड़कें लंबे समय तक अच्छी स्थिति में रहें।

सवाल: योजना से जुड़ी और जानकारी कहां से मिल सकती है?
जवाब: योजना का पूरा विवरण, प्रगति रिपोर्ट और आवेदन से जुड़ी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध है।

आगे और समाचार पढ़ें

Pradhan Mantri Gram Sadak Yojana से जुड़ी खबरों के अलावा, ये अन्य बड़ी खबरें भी पढ़ें:

उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

WhatsApp Group
Join Now
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular