उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक यात्री की लाइसेंसी पिस्टल से अचानक गोली चल गई। घटना में एयरपोर्ट पर हथियारों की जांच कर रहे दो AAICLAS स्क्रीनर घायल हो गए। अधिकारियों के मुताबिक, गोली सीधे किसी व्यक्ति को नहीं लगी, बल्कि सतह से टकराकर उछली और उसके बाद दोनों कर्मचारियों को चोटें आईं। घटना के बाद यात्री को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी गई।
यह घटना उस समय हुई जब यात्री अपनी पत्नी के साथ वाराणसी से मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX1810 पकड़ने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। उसने अपने पास मौजूद लाइसेंसी हथियार को नियमानुसार घोषित किया था। इसके बाद हथियार और कारतूस की अनिवार्य जांच के लिए उसे निर्धारित स्क्रीनिंग क्षेत्र में ले जाया गया। इसी प्रक्रिया के दौरान पिस्टल से अचानक गोली चल गई।
हथियार की जांच के दौरान हुआ हादसा
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, यात्री के पास 7.62 एमएम की पिस्टल और 21 जिंदा कारतूस थे। हथियार को निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के तहत जांच के लिए लिया गया था। इसी दौरान एक राउंड गलती से डिस्चार्ज हो गया।
गोली सतह से टकराकर उछली और दो स्क्रीनिंग कर्मचारियों को घायल कर दिया। मंत्रालय के बयान के अनुसार घायल कर्मचारियों की पहचान रोहित राज और सुमन कुमारी के रूप में हुई है। दोनों को तत्काल चिकित्सा सहायता दी गई और बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, महिला कर्मचारी सुमन कुमारी के पैर में चोट लगी, जबकि रोहित राज के हाथ और अंगूठे के पास चोट आई। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई।
यात्री की पहचान और यात्रा का विवरण
अधिकारियों ने यात्री की पहचान कमलेश केदारनाथ राय, उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी के रूप में की है। वह अपनी पत्नी के साथ वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचा था और दोनों को मुंबई जाना था।
यात्रा के दौरान लाइसेंसी हथियार साथ ले जाने की जानकारी यात्री ने एयरपोर्ट अधिकारियों को दी थी। हथियार घोषित किए जाने के बाद उसे सामान्य यात्री सामान से अलग निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्क्रीनिंग के लिए ले जाया गया।
इससे यह स्पष्ट है कि हथियार को छिपाकर एयरपोर्ट के भीतर ले जाने की बात सामने नहीं आई है। हालांकि, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि अनिवार्य जांच के दौरान हथियार से गोली किस परिस्थिति में चली और क्या सुरक्षा प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया था।
‘हथियार खाली है’ कहने की बात भी सामने आई
घटना के बाद घायल स्क्रीनरों ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी बात बताई। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, स्क्रीनरों ने दावा किया कि यात्री ने हथियार को खाली यानी अनलोडेड बताया था। इसके बावजूद जांच के दौरान गोली चल गई।
हालांकि, इस दावे और घटना की पूरी परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने से पहले यह कहना जल्दबाजी होगी कि हथियार की स्थिति को लेकर किस स्तर पर गलती हुई।
एयरपोर्ट जैसे अत्यधिक सुरक्षित परिसर में हथियार की जांच के दौरान गोली चलना सुरक्षा प्रक्रिया के लिए गंभीर मामला माना जाता है। इसलिए अधिकारियों की नजर अब इस बात पर है कि हथियार को स्क्रीनिंग के दौरान किस तरीके से संभाला गया और क्या निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार ही उसकी जांच हुई।
पुलिस ने यात्री को हिरासत में लिया
घटना के तुरंत बाद वाराणसी पुलिस सक्रिय हुई और यात्री को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस ने मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
साथ ही, ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) ने भी घटना की जांच शुरू की है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गोली चलने की वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था में क्या बदलाव जरूरी हैं।
एयरपोर्ट संचालन पर क्या असर पड़ा?
गोली चलने के बाद कुछ समय के लिए एयरपोर्ट परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति जरूर बनी, लेकिन अधिकारियों ने स्थिति को जल्द नियंत्रित कर लिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार एयरपोर्ट का सामान्य संचालन जारी रहा।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संबंधित क्षेत्र की जांच की और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए। यात्रियों की आवाजाही को लेकर भी अतिरिक्त सतर्कता बरती गई।
एयरपोर्ट पर हथियार ले जाने के नियम
विमान यात्रा के दौरान आग्नेयास्त्रों को लेकर बेहद सख्त सुरक्षा नियम लागू होते हैं। लाइसेंसी हथियार होने का मतलब यह नहीं है कि यात्री उसे सामान्य सामान की तरह अपने साथ विमान के केबिन में ले जा सकता है। हथियार और संबंधित कारतूस को निर्धारित नियमों के अनुसार घोषित करना और सुरक्षा जांच से गुजरना होता है।
वाराणसी की घटना में यात्री ने हथियार घोषित किया था और उसे निर्धारित स्क्रीनिंग क्षेत्र में ले जाया गया था। इसलिए अब जांच का मुख्य सवाल यह है कि अनिवार्य स्क्रीनिंग के दौरान हथियार से गोली चलने की स्थिति कैसे पैदा हुई।
सुरक्षा प्रोटोकॉल पर उठे सवाल
एयरपोर्ट सुरक्षा में सबसे महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक है कि किसी भी हथियार को संभालते समय उसे हमेशा संभावित रूप से लोडेड माना जाए। ऐसे में स्क्रीनिंग के दौरान किसी हथियार से अचानक फायर होना सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी घटनाओं से बचने के लिए हथियारों की जांच करने वाले कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण, सुरक्षित स्क्रीनिंग क्षेत्र और स्पष्ट मानक संचालन प्रक्रिया की आवश्यकता होती है।
वाराणसी की घटना में किसी बड़ी जनहानि का नहीं होना राहत की बात है, लेकिन दो कर्मचारियों के घायल होने ने सुरक्षा प्रक्रिया की समीक्षा की जरूरत जरूर पैदा कर दी है।
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जांच से सामने आएगा असली कारण
फिलहाल यह घटना प्राथमिक तौर पर अचानक हुई फायरिंग के रूप में सामने आई है। पुलिस और विमानन सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि गोली चलने के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
जांच में हथियार की तकनीकी स्थिति, स्क्रीनिंग के दौरान उसे संभालने का तरीका, यात्री का बयान और सुरक्षा कर्मचारियों की प्रक्रिया समेत कई पहलुओं की जांच हो सकती है।
निष्कर्ष
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लाइसेंसी पिस्टल से गोली चलने की घटना ने एयरपोर्ट सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यात्री कमलेश राय अपनी पत्नी के साथ मुंबई जाने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट IX1810 पकड़ने पहुंचे थे। उन्होंने अपने हथियार को घोषित किया था, लेकिन अनिवार्य जांच के दौरान 7.62 एमएम पिस्टल से अचानक गोली चल गई।
गोली सतह से टकराकर उछली और दो AAICLAS स्क्रीनर—रोहित राज और सुमन कुमारी—घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
यात्री को पुलिस ने हिरासत में लिया है और BCAS ने भी जांच शुरू कर दी है। अब जांच का केंद्र यह होगा कि हथियार की जांच के दौरान गोली कैसे चली और क्या सुरक्षा प्रक्रिया में कोई चूक हुई।

