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वंदे मातरम् विवाद पर सियासी घमासान, अमित शाह का सोनिया गांधी पर हमला; कांग्रेस ने पलटवार किया

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदल गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाते हुए सार्वजनिक माफी की मांग की है। इसके जवाब में कांग्रेस ने शाह और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। इसी बीच सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस शिकायतें भी दर्ज की गई हैं, जिससे विवाद और गहरा गया है।

यह विवाद 15 अगस्त को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन से जुड़ा है। कार्यक्रम के दौरान सामने आए वीडियो में सोनिया गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बातचीत और इशारे करते हुए देखा गया। BJP ने इन इशारों को राष्ट्रीय गीत के गायन में कथित व्यवधान के तौर पर पेश किया, जबकि कांग्रेस ने आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।

अमित शाह ने सोनिया गांधी से की माफी की मांगवंदे मातरम्

गृह मंत्री अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए इस विवाद को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। शाह ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन को बीच में रोकने के लिए कहा था। उन्होंने इसे देश और राष्ट्रीय गीत का अपमान बताया।

शाह ने कहा कि देश की जनता इस कथित घटना को देख रही है और सोनिया गांधी को जनता तथा महान लेखक बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर ‘वोट बैंक की राजनीति’ के कारण राष्ट्रीय गीत को उचित सम्मान नहीं देने का आरोप भी लगाया।

शाह के बयान के बाद BJP नेताओं ने भी कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया। पार्टी नेताओं का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास से जुड़ा राष्ट्रीय प्रतीक है और इसके गायन के दौरान किसी भी तरह का कथित अनादर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

कांग्रेस ने आरोपों को बताया गलत

BJP के आरोपों पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ को रोकने के लिए नहीं कहा था। कांग्रेस के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी केवल इस बात की ओर इशारा कर रही थीं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे काफी देर से खड़े थे और उनके लिए कुर्सी की व्यवस्था की जानी चाहिए।

कांग्रेस ने अमित शाह के आरोपों को राजनीतिक हमला बताते हुए कहा कि BJP राष्ट्रीय प्रतीकों के मुद्दे का इस्तेमाल वास्तविक राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए कर रही है।

कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी BJP पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘वंदे मातरम्’ स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत का हिस्सा है और कांग्रेस ने इस गीत के जरिए आजादी की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

विवाद के बीच पुलिस शिकायतें

विवाद बढ़ने के बाद सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी सामने आई है। दिल्ली पुलिस में एक शिकायत देकर दोनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम्’ के गायन के दौरान कथित तौर पर व्यवधान या अनादर हुआ।

कर्नाटक के मंगलुरु में भी सोनिया गांधी के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह में राष्ट्रीय गीत को उचित सम्मान नहीं दिया गया और संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। शिकायत में Prevention of Insults to National Honour Act और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुछ धाराओं का हवाला दिया गया है।

हालांकि, शिकायत दर्ज होना किसी आरोप के सिद्ध होने के बराबर नहीं है। मामले में पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किसी कानून का उल्लंघन हुआ या नहीं।

संसद में कानून बदलने के बाद बढ़ी संवेदनशीलता

वंदे मातरम्’ विवाद ऐसे समय सामने आया है जब संसद ने हाल ही में राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून में संशोधन किया है। रिपोर्टों के अनुसार संशोधन के बाद ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गान के समान कानूनी संरक्षण देने का प्रावधान किया गया है।

इस बदलाव के बाद राष्ट्रीय गीत के सम्मान और उसके सार्वजनिक गायन को लेकर राजनीतिक संवेदनशीलता और बढ़ गई है। BJP का कहना है कि राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए, जबकि कांग्रेस का आरोप है कि सत्तारूढ़ दल राष्ट्रीय प्रतीकों को राजनीतिक बहस का हथियार बना रहा है।

राष्ट्रीय गीत बना राजनीतिक बहस का केंद्र

‘वंदे मातरम्’ का विवाद अब केवल कांग्रेस मुख्यालय में हुई एक घटना तक सीमित नहीं रहा है। BJP इसे कांग्रेस की राष्ट्रवादी सोच पर सवाल उठाने के लिए इस्तेमाल कर रही है, जबकि कांग्रेस इसे BJP की राजनीतिक रणनीति और ध्यान भटकाने की कोशिश के तौर पर देख रही है।

अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह लंबे समय से ‘वोट बैंक की राजनीति’ के कारण ‘वंदे मातरम्’ को पर्याप्त महत्व नहीं देती रही। दूसरी ओर, कांग्रेस नेताओं ने BJP से उसके अपने राजनीतिक और वैचारिक इतिहास को लेकर सवाल पूछे हैं।

कांग्रेस ने अमित शाह पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की विरासत को लेकर भी सवाल उठाए और RSS तथा राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े पुराने राजनीतिक विवादों का उल्लेख किया। इससे साफ है कि दोनों दल अब इस मुद्दे को व्यापक वैचारिक संघर्ष के रूप में पेश कर रहे हैं।

स्वतंत्रता दिवस के बाद भी जारी राजनीतिक बयानबाजी

स्वतंत्रता दिवस समारोह समाप्त होने के बावजूद विवाद थमता नजर नहीं आ रहा। BJP नेताओं ने सोनिया गांधी से माफी की मांग जारी रखी है और पार्टी कार्यकर्ताओं ने कुछ स्थानों पर विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। दूसरी ओर कांग्रेस नेतृत्व ने BJP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि राष्ट्रीय गीत के सम्मान पर उसे किसी से प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है।

राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह विवाद इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राष्ट्रीय प्रतीकों से जुड़ा मुद्दा भारतीय राजनीति में भावनात्मक प्रभाव पैदा करता है। ऐसे मामलों में आरोप-प्रत्यारोप तेजी से राजनीतिक समर्थन और विरोध के मुद्दे बन जाते हैं।

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अब आगे क्या?

अब निगाहें उन पुलिस शिकायतों पर हैं जिनमें सोनिया और राहुल गांधी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस जांच के दौरान वीडियो, कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जा सकती है। यदि कोई आपराधिक मामला बनता है तो उसके बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी

फिलहाल कांग्रेस का रुख साफ है कि सोनिया गांधी ने ‘वंदे मातरम्’ को रोकने का निर्देश नहीं दिया था। BJP अपने आरोपों पर कायम है और सोनिया गांधी से माफी की मांग कर रही है।

निष्कर्ष

‘वंदे मातरम्’ को लेकर शुरू हुआ विवाद स्वतंत्रता दिवस के बाद BJP और कांग्रेस के बीच एक बड़े राजनीतिक संघर्ष में बदल गया है। अमित शाह ने सोनिया गांधी पर राष्ट्रीय गीत के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए माफी मांगने को कहा, जबकि कांग्रेस ने इसे गलत और राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप बताया है। इसी बीच दिल्ली और कर्नाटक में शिकायतें दर्ज होने से मामला राजनीतिक मंच से कानूनी प्रक्रिया की ओर भी बढ़ता दिखाई दे रहा है।

अब यह विवाद किस दिशा में जाता है, यह पुलिस जांच, संभावित कानूनी कार्रवाई और दोनों दलों की आगे की राजनीतिक रणनीति पर निर्भर करेगा। फिलहाल इतना तय है कि ‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय गीत होने के साथ-साथ भारतीय राजनीति में एक बार फिर तीखी वैचारिक बहस का केंद्र बन गया है।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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