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PAN और TAN में क्या फर्क है? बिजनेस करने वालों के लिए पूरी जानकारी

Business डॉक्यूमेंटेशन में सबसे ज्यादा कन्फ्यूजन TAN Number vs PAN Number को लेकर होता है, क्योंकि दोनों नंबर दिखने में लगभग एक जैसे लगते हैं। लेकिन कानूनी मकसद, जारी करने की प्रक्रिया और इस्तेमाल के तरीके में इनमें जमीन-आसमान का फर्क है। 

PAN Number क्या है?

PAN यानी Permanent Account Number एक 10 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड है, जो हर टैक्सपेयर की पहचान के लिए जारी होता है। यह व्यक्ति, कंपनी, फर्म और ट्रस्ट सभी को मिल सकता है और इनकम टैक्स रिटर्न से लेकर बैंक अकाउंट खोलने तक हर जगह इस्तेमाल होता है।

TAN Number क्या है?

दूसरी तरफ, TAN यानी Tax Deduction and Collection Account Number सिर्फ उन्हीं को चाहिए जो किसी और की पेमेंट से टीडीएस काटते हैं। यह कोड भी 10 अंकों का होता है, लेकिन इसका इस्तेमाल सिर्फ टैक्स काटने और सरकार तक जमा कराने तक सीमित रहता है।

TAN Number vs PAN Number: संरचना और जारी करने की प्रक्रिया

TAN Number vs PAN Number की बनावट लगभग मिलती-जुलती लगती है, लेकिन दोनों की शुरुआत के तीन अक्षर उस शहर या राज्य को दर्शाते हैं जहां से इसे जारी किया गया है। PAN कार्ड पर फोटो और सिग्नेचर होता है, जबकि TAN सिर्फ एक अलॉटमेंट लेटर के रूप में मिलता है, इसमें कोई फोटो आईडी नहीं जुड़ी होती।

आवेदन फॉर्म का अंतर: फॉर्म 49A बनाम फॉर्म 49B

PAN के लिए फॉर्म 49A भरा जाता है, जबकि TAN Number vs PAN Number के आवेदन में सबसे बड़ा अंतर यही है कि टीएएन के लिए अलग फॉर्म 49B भरना होता है। दोनों फॉर्म एनएसडीएल या प्रोटीन पोर्टल के जरिए ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं। फीस, प्रोसेसिंग टाइम और जरूरी दस्तावेज़ भी दोनों आवेदनों में अलग-अलग होते हैं।

TAN Number vs PAN Number: इस्तेमाल और जिम्मेदारी में अंतर

PAN का इस्तेमाल टैक्स रिटर्न भरने, प्रॉपर्टी खरीदने और बड़े लेनदेन में पहचान साबित करने के लिए होता है। TAN का इस्तेमाल सिर्फ तब होता है जब कोई बिजनेस या व्यक्ति सैलरी, किराया या कमीशन जैसी पेमेंट पर टीडीएस काटने के लिए जिम्मेदार होता है। अगर गलत नंबर का इस्तेमाल किसी दस्तावेज़ में कर दिया जाए, तो रिटर्न रिजेक्ट होने का खतरा रहता है।

TAN Number vs PAN Number
TAN Number vs PAN Number

दोनों नंबर एक साथ रखने की जरूरत कब पड़ती है अगर कोई व्यक्ति या कंपनी खुद टैक्स भी भरती है और साथ ही किसी और की पेमेंट से टीडीएस भी काटती है, तो उसे दोनों नंबर रखने पड़ते हैं। ज्यादातर मीडियम और बड़ी कंपनियों के पास यह दोनों दस्तावेज़ होते हैं, क्योंकि इनकी पेरोल और वेंडर पेमेंट दोनों बड़ी होती हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. TAN Number vs PAN Number में सबसे बड़ा अंतर क्या है?
PAN पहचान के लिए है जबकि TAN सिर्फ टीडीएस काटने और जमा करने के मकसद से जारी होता है।

2. क्या एक ही व्यक्ति के पास दोनों नंबर हो सकते हैं?
हां, अगर वह टैक्सपेयर होने के साथ-साथ टीडीएस काटने वाला डिडक्टर भी है, तो दोनों जरूरी होते हैं।

3. TAN के लिए कौन सा फॉर्म भरना होता है?
TAN के लिए फॉर्म 49B भरा जाता है, जबकि PAN के लिए फॉर्म 49A का इस्तेमाल होता है।

4. क्या TAN के बिना PAN काम करता है?
हां, अगर आप टीडीएस नहीं काटते तो सिर्फ PAN से ही सभी सामान्य टैक्स काम पूरे हो जाते हैं।

5. दोनों नंबर का स्टेटस कहां चेक करें?
दोनों की आवेदन स्थिति और जुड़ी जानकारी आधिकारिक incometax पोर्टल पर जाकर चेक की जा सकती है।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। कोई भी बिजनेस या टैक्स संबंधी फैसला लेने से पहले प्रमाणित सीए या वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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