देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से पहले केंद्र सरकार ने पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड एवं नागरिक सुरक्षा तथा सुधारात्मक सेवाओं से जुड़े कुल 1,057 कर्मियों को वीरता और सेवा पदकों से सम्मानित करने की घोषणा की है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को पदकों की सूची जारी की। इन पुरस्कारों के जरिए ड्यूटी के दौरान असाधारण साहस दिखाने, लोगों की जान और संपत्ति बचाने तथा लंबे समय तक उत्कृष्ट और समर्पित सेवा देने वाले कर्मियों के योगदान को सम्मानित किया गया है।
घोषित पुरस्कारों में 301 मेडल फॉर गैलेंट्री (GM), 92 प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्ट्रिंग्विश्ड सर्विस (PSM) और 664 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) शामिल हैं। यह सम्मान ऐसे समय घोषित किए गए हैं जब देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारी कर रहा है और राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है।
301 कर्मियों को गैलेंट्री मेडल
गृह मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष 301 कर्मियों को वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। इनमें 272 पुलिसकर्मी और 29 अग्निशमन सेवा के कर्मचारी शामिल हैं। यह पदक उन अधिकारियों और कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए उल्लेखनीय साहस का परिचय दिया।
इनमें ऐसे अभियान शामिल हो सकते हैं जहां कर्मियों ने लोगों की जान और संपत्ति बचाई, अपराध रोकने का प्रयास किया या अपराधियों को पकड़ने में जोखिम उठाया। पुरस्कार तय करते समय उस कार्य में शामिल जोखिम और संबंधित कर्मी की जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखा जाता है।
गैलेंट्री पदकों की सूची का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि 197 पुरस्कार वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित क्षेत्रों में तैनात कर्मियों को दिए गए हैं। इसके अलावा 51 कर्मियों को जम्मू-कश्मीर, 12 को पूर्वोत्तर और 41 कर्मियों को देश के अन्य क्षेत्रों में किए गए साहसिक कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है।
यह आंकड़ा बताता है कि देश के आंतरिक सुरक्षा अभियानों में तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों के सामने किस तरह के जोखिम बने रहते हैं। विशेष रूप से उग्रवाद और आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मियों को लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है।
92 अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक
वीरता पदकों के अलावा 92 प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्ट्रिंग्विश्ड सर्विस (PSM) भी प्रदान किए गए हैं। यह सम्मान उन कर्मियों को दिया जाता है जिनका सेवा रिकॉर्ड विशेष और उल्लेखनीय रहा है।
इन 92 पदकों में 83 पुलिस सेवा, चार अग्निशमन सेवा, तीन नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड तथा दो सुधारात्मक सेवाओं से जुड़े कर्मियों को दिए गए हैं।
राष्ट्रपति पदक केवल किसी एक अभियान में दिखाई गई बहादुरी पर आधारित नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक किए गए विशिष्ट और उत्कृष्ट कार्य को मान्यता देने का माध्यम है। ऐसे सम्मान पुलिस और अन्य सार्वजनिक सुरक्षा सेवाओं में पेशेवर उत्कृष्टता तथा जिम्मेदारी की भावना को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
664 कर्मियों को सराहनीय सेवा पदक
सरकार ने 664 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस (MSM) भी घोषित किए हैं। यह पुरस्कार ऐसे कर्मियों को दिया जाता है जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में मूल्यवान सेवा, कार्यकुशलता, संसाधनशीलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण का प्रदर्शन किया है।
इन 664 पुरस्कारों में 606 पुलिस सेवा, 28 अग्निशमन सेवा, 18 नागरिक सुरक्षा एवं होम गार्ड और 12 सुधारात्मक सेवा के कर्मी शामिल हैं।
इस श्रेणी में पुलिसकर्मियों की संख्या सबसे अधिक है। इसका कारण देशभर में कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जांच, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसी अनेक जिम्मेदारियों में पुलिस बल की व्यापक भूमिका है।
CRPF को मिले सबसे अधिक पदक
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) को कुल 86 गैलेंट्री और सेवा पदक मिले हैं, जो सबसे अधिक हैं। इनमें 24 गैलेंट्री मेडल, पांच प्रेसिडेंट्स मेडल फॉर डिस्ट्रिंग्विश्ड सर्विस और 57 मेडल फॉर मेरिटोरियस सर्विस शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, CRPF को मिले गैलेंट्री मेडल जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों और मणिपुर में उग्रवाद विरोधी अभियान से जुड़े हैं। ये अभियान 2024 में किए गए थे।
CRPF देश का प्रमुख आंतरिक सुरक्षा बल है और इसके जवान देश के अलग-अलग संवेदनशील इलाकों में तैनात रहते हैं। बल की प्रमुख जिम्मेदारियों में वामपंथी उग्रवाद विरोधी अभियान, जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई और पूर्वोत्तर में उग्रवाद से निपटना शामिल है।
BSF भी पदक पाने वालों में शामिल
केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सीमा सुरक्षा बल (BSF) को भी गैलेंट्री मेडल मिले हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार BSF को 20 वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। इसके अलावा बल को 47 सेवा पदक भी मिले हैं।
देश की सीमाओं की सुरक्षा से लेकर आंतरिक सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों तक BSF के जवानों को लगातार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करना पड़ता है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मिलने वाले ये सम्मान उनके योगदान को सार्वजनिक रूप से मान्यता देते हैं।
सुरक्षा बलों के योगदान को सम्मान
स्वतंत्रता दिवस केवल देश की आजादी का उत्सव नहीं है, बल्कि उन लोगों के योगदान को याद करने का अवसर भी है जो देश की सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए लगातार काम करते हैं। पुलिस, अग्निशमन कर्मी, होम गार्ड, नागरिक सुरक्षा कर्मचारी और सुधारात्मक सेवाओं से जुड़े कर्मी अक्सर ऐसी परिस्थितियों में काम करते हैं जहां व्यक्तिगत जोखिम काफी अधिक होता है।
गैलेंट्री मेडल इस जोखिम और साहस को औपचारिक मान्यता देते हैं, जबकि विशिष्ट और सराहनीय सेवा पदक लंबे समय तक किए गए अनुकरणीय कार्य को सम्मानित करते हैं।
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स्वतंत्रता दिवस से पहले सम्मान का विशेष महत्व
15 अगस्त 2026 को भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाएगा। इस अवसर पर दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व करेंगे। राजधानी में समारोह को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
ऐसे समय में 1,057 कर्मियों के सम्मान की घोषणा देश की सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले हजारों कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का संदेश भी है। पुरस्कार पाने वालों में कुछ ने सीधे तौर पर जीवन बचाने और अपराध रोकने के दौरान जोखिम उठाया, जबकि अन्य ने वर्षों तक अपनी जिम्मेदारियों को निष्ठा से निभाकर यह सम्मान हासिल किया है।
निष्कर्ष
स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर घोषित 1,057 वीरता और सेवा पदक देश की सुरक्षा व्यवस्था में योगदान देने वाले कर्मियों के साहस और समर्पण को रेखांकित करते हैं। इनमें 301 गैलेंट्री मेडल, 92 राष्ट्रपति पदक और 664 सराहनीय सेवा पदक शामिल हैं।
गैलेंट्री पदकों में 197 सम्मान वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों, 51 जम्मू-कश्मीर, 12 पूर्वोत्तर और 41 अन्य क्षेत्रों में किए गए साहसिक कार्यों के लिए दिए गए हैं। वहीं CRPF को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सबसे अधिक 86 पदक मिले हैं।
ये पुरस्कार केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों का सम्मान नहीं हैं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था में काम करने वाले हजारों कर्मियों के त्याग और कर्तव्यनिष्ठा की व्यापक पहचान भी हैं। स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय उत्सव के बीच इन कर्मियों का सम्मान यह संदेश देता है कि देश की आजादी, सुरक्षा और नागरिकों की रक्षा के लिए निरंतर योगदान देने वालों की भूमिका राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

